गोंडा, 5 मई। जनपद गोंडा के थाना कर्नलगंज क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, अवैध असलहा, मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक गोंडा विनीत जायसवाल के निर्देशन में थाना कर्नलगंज पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस वारदात का खुलासा हुआ। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पांच टीमों का गठन किया था, जिन्होंने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें धर दबोचा।
घटना 28 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9 बजे की है। थाना कर्नलगंज क्षेत्र के सदर बाजार निवासी राजन सोनी अपने घर से पैशन प्रो मोटरसाइकिल से पिट्ठू बैग लेकर अपनी दुकान के लिए निकल रहे थे। वह सम्मयस्थान चौराहा नारायणपुर माझा जा रहे थे कि रास्ते में खाटू श्याम मंदिर मोड़ के आगे पुलिया के पास तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
बदमाशों ने असलहा दिखाकर व्यापारी को धमकाया और उसके पास मौजूद बैग छीन लिया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण और नकद धनराशि थी। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। पीड़ित द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही थाना कर्नलगंज पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और सर्विलांस टीम समेत कुल पांच टीमों का गठन किया।
इन टीमों ने घटना स्थल से लेकर लगभग 75 किलोमीटर के दायरे में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और मैनुअल इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली।
4 मई 2026 की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि लूट की घटना में शामिल बदमाश खाटू श्याम मंदिर मोड़ के पास नारायणपुर माझा क्रॉसिंग के निकट मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश बृजेश शुक्ला के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। वहीं उसका साथी अमर शुक्ला उर्फ नन्के मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया।
घायल बदमाश को पहले सीएचसी कर्नलगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गोंडा में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में लूट का सामान बरामद किया है। इसमें सफेद धातु के आभूषण जैसे पायल, बिछिया, चैन और ब्रेसलेट शामिल हैं, जबकि पीली धातु में ओम लॉकेट, नथिया और कील बरामद हुई है। इसके अलावा ₹5200 नकद, एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और वादी का आर्मी कलर का बैग भी बरामद किया गया।
साथ ही पुलिस ने एक 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है। घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो रेकी कर लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। गिरोह के अन्य सदस्य पहले संभावित शिकार और स्थान की जानकारी जुटाते हैं, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया जाता है।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि 28 अप्रैल को उन्होंने सर्राफा व्यापारी को निशाना बनाया था। इसके अलावा उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र में भी एक सर्राफा व्यापारी से लूट की घटना को अंजाम दिया था।
गिरफ्तार बदमाश बृजेश शुक्ला का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2013 में पश्चिम बंगाल के हावड़ा थाना क्षेत्र में अपहरण से संबंधित मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी से लूट की घटना से स्थानीय व्यापारियों में भय का माहौल था, हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
घटना के खुलासे के बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस की सराहना की है। व्यापारियों का कहना है कि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ लिया, जिससे उनके बीच विश्वास कायम हुआ है।
