गोंडा, 21 नवम्बर 2025। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने जिले भर के निर्वाचन कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसआईआर (SIR) फॉर्म के वितरण तथा उनके शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों ने अभी तक कार्य में ढिलाई बरती है या तय समयसीमा का अनुपालन नहीं किया है, उनकी पहचान कर तत्काल विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में पाया कि जिले की कुछ तहसीलों, विकास खंडों और संबंधित इकाइयों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के बावजूद एसआईआर फॉर्म के वितरण तथा डिजिटाइजेशन की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस स्थिति पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य किसी अन्य विभागीय कार्य की तरह सामान्य नहीं होते। यह लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती और पारदर्शिता से सीधे जुड़े कार्य हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर पात्र मतदाता तक एसआईआर फॉर्म समय पर पहुँचे तथा प्राप्त सभी फॉर्म बिना त्रुटि और विलंब के डिजिटाइज किए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह कार्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यदि इस स्तर पर चूक होती है तो इसका सीधा असर निर्वाचन की पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों पर पड़ता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान सभी बीएलओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मजिस्ट्रेट और तहसील स्तरीय अधिकारी प्रचार-प्रसार, फॉर्म वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि यह समय चुनावी तैयारियों का आधार है और किसी भी प्रकार की शिथिलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आत्मा को प्रभावित करती है।
बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों ने अब तक गति नहीं बढ़ाई है, वे या तो अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं या फिर गंभीरता को समझ नहीं पा रहे। दोनों ही परिस्थितियों में ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाही निश्चित है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम और संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि लापरवाह कर्मचारियों की सूची तत्काल प्रस्तुत करें ताकि उन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करता, तो उससे पूरे निर्वाचन कार्य की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। ऐसे किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने साफ किया कि एसआईआर फॉर्म के वितरण में देरी या डिजिटाइजेशन में चूक सीधे-सीधे मतदाता सूची के अद्यतन को प्रभावित करती है। इससे नए मतदाताओं के नाम जुड़ने में बाधा आती है और पुराने मतदाताओं के नामों में संशोधन की प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता पाया जाए, तो उसके विरुद्ध विभागीय जांच, निलंबन, वेतन रोकने से लेकर एफआईआर तक की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें और प्रत्येक बीएलओ के कार्य की निगरानी सुनिश्चित करें। सभी विकासखंडों, नगर निकायों और निर्वाचन से जुड़े विभागों को आदेश दिया गया कि वे तय समयसीमा के भीतर फॉर्म का वितरण और डिजिटाइजेशन पूरा करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया टीम वर्क और बेहतर समन्वय पर आधारित होती है। इसलिए सभी अधिकारी एक-दूसरे के साथ समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि बिना समीक्षा के टीम को आगे बढ़ाने वाली प्रणाली सफल नहीं हो सकती। नियमित समीक्षा और निगरानी ही गुणवत्ता सुनिश्चित करती है, इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर समीक्षा बैठकों का आयोजन करें और आख्या जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजें।
श्रेमती प्रियंका निरंजन ने यह भी कहा कि पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। किसी भी जिले का चुनाव तभी व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकता है जब मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध और अद्यतन हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मूल उद्देश्य यही है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटे नहीं और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल बीएलओ की नहीं, बल्कि पूरी चुनावी मशीनरी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी एसआईआर फॉर्म का वितरण समय से हो और डिजिटल एंट्री गुणवत्तापूर्ण की जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने यह दोहराया कि प्रशासन का लक्ष्य पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, विश्वसनीय, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि यदि समयसीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हो जाते हैं, तो मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया न केवल सफल होगी बल्कि आगामी चुनाव भी सुचारू रूप से संपन्न होंगे।
