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	<title>Sapa Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>बाबा साहब अम्बेडकर न होते तो हम संविधान के बिना अंधकार में होते- सूरज सिंह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 13:02:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Had Baba Saheb Ambedkar not been there]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
		<category><![CDATA[we would have been in darkness without the Constitution- Suraj Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोंडा, 14 अप्रैल। भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक समरसता के पुरोधा डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/had-baba-saheb-ambedkar-not-been-there-we-would-have-been-in-darkness-without-the-constitution-suraj-singh/">बाबा साहब अम्बेडकर न होते तो हम संविधान के बिना अंधकार में होते- सूरज सिंह</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गोंडा, 14 अप्रैल।</strong> भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक समरसता के पुरोधा <em>डॉ. भीमराव अंबेडकर</em> की जयंती पर गोंडा जिले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें सबसे प्रमुख आयोजन समाजवादी पार्टी की ओर से हुआ। इस अवसर पर <em>समाजवादी पार्टी के युवा नेता सूरज सिंह</em> ने <em>अम्बेडकर चौराहा</em> स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि बाबा साहब केवल दलितों के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत अंबेडकर चौराहा स्थित <em>बाबा साहब की प्रतिमा की सफाई और सजावट</em> से हुई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन की रूपरेखा तैयार की थी। सूरज सिंह ने सुबह सबसे पहले चौराहे पहुंचकर श्रद्धा के साथ प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दो मिनट का मौन रखकर बाबा साहब को नमन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “डॉ. अंबेडकर ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसमें जाति, धर्म, भाषा या लिंग के आधार पर भेदभाव की कोई जगह नहीं थी। उनका सपना था कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी वही अधिकार मिले जो सबसे ऊपर के व्यक्ति को प्राप्त हैं।”</p>
<p>सूरज सिंह ने <em>दलित समाज द्वारा आयोजित प्रसाद वितरण कार्यक्रम</em> में भी भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने मंच से बोलते हुए कहा, “बाबा साहब का जीवन संघर्षों से भरा रहा, पर उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। अगर आज हम सब शिक्षा, समानता और अधिकार की बात कर पा रहे हैं तो इसका श्रेय डॉ. अंबेडकर को ही जाता है।” उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलें और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं।</p>
<p>कार्यक्रम में सूरज सिंह के साथ <em>संजय सविता विद्यार्थी</em> (राष्ट्रीय सचिव, सपा), <em>विनोद श्रीवास्तव</em> (प्रदेश सचिव), और <em>शिव सम्पत</em> (विधानसभा अध्यक्ष) जैसे वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित किए और अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के सामाजिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अंबेडकरवाद की प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ गई है। सभी ने एक स्वर में कहा कि संविधान की रक्षा करना ही आज की सबसे बड़ी देशभक्ति है।</p>
<p>इस अवसर पर सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों की बड़ी भागीदारी रही। युवाओं की भारी उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि बाबा साहब का विचार केवल इतिहास तक सीमित नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी की सोच में भी जीवित है। <em>“हम अंबेडकर को केवल एक दिन याद कर के नहीं, बल्कि उनकी सोच को अपनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं,”</em> सूरज सिंह ने कहा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में गोंडा जनपद में सामाजिक न्याय के मुद्दों पर युवाओं को संगठित करने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम में विशेष रूप से समाज के उन तबकों को आमंत्रित किया गया था जो अक्सर मुख्यधारा से कटे रहते हैं। सूरज सिंह ने मंच से घोषणा की कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार जैसे मुद्दों पर सशक्त आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब को केवल भाषणों में याद करने से कुछ नहीं होगा, जब तक हम उनके सिद्धांतों को ज़मीनी स्तर पर लागू नहीं करते।</p>
<p>सभा के दौरान कई लोगों ने बाबा साहब के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं को साझा किया। एक छात्र ने बताया कि किस तरह उसने अंबेडकर की आत्मकथा पढ़कर प्रेरणा पाई और सरकारी सेवा में आने का संकल्प लिया। सूरज सिंह ने उसे मंच पर बुलाकर उसकी हौसला अफ़जाई की और कहा, “युवाओं को चाहिए कि वे अंबेडकर को किताबों में पढ़ें, उनके विचारों को आत्मसात करें और समाज में बदलाव का माध्यम बनें।”</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में सूरज सिंह ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे सामाजिक सौहार्द बनाए रखें और संविधान की मूल भावना की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि “आज देश में अनेक चुनौतियाँ हैं—धार्मिक ध्रुवीकरण, जातीय भेदभाव, शिक्षा की गिरती स्थिति—इन सबका समाधान बाबा साहब के विचारों में है। हमें बस उन्हें ईमानदारी से अपनाने की ज़रूरत है।” सूरज सिंह का यह वक्तव्य दर्शाता है कि आज के युवा नेताओं में भी यदि राजनीतिक चेतना के साथ सामाजिक सरोकार हों, तो बदलाव संभव है।</p>
<p>इस कार्यक्रम को केवल एक जयंती आयोजन नहीं बल्कि <em>सामाजिक जागरूकता और चेतना के अभियान</em> के रूप में देखा गया। बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को जीवित रखने के लिए यह आयोजन प्रेरणा का स्रोत बनेगा, ऐसा विश्वास कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों ने व्यक्त किया। सूरज सिंह और उनकी टीम ने जिस सूझबूझ और समर्पण से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, उसने समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई की लोकप्रियता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।</p>
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		<title>गोंडा दौरे पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, शोक संवेदना और एनकाउंटर पर सवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Dec 2024 07:57:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Mata prasad pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोंडा 23 दिसंबर। जिले में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/leader-of-opposition-mata-prasad-pandey-on-gonda-tour-condolence-and-questions-on-encounter/">गोंडा दौरे पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, शोक संवेदना और एनकाउंटर पर सवाल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>गोंडा 23 दिसंबर। जिले में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे के घर पहुंचकर उनके पिता के निधन पर शोक संवेदना प्रकट की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे एनकाउंटर मामलों, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान, और धार्मिक स्थलों को लेकर भाजपा की राजनीति पर खुलकर चर्चा की।</p>
<p><strong>एनकाउंटर पर सवाल: “यह कोई समाधान नहीं”</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा हाल ही में पीलीभीत में तीन खालिस्तानी आतंकवादियों के एनकाउंटर को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर आम बात हो गई है। यहां हर रोज आप किसी न किसी एनकाउंटर की खबर सुनते हैं। एनकाउंटर के दो प्रकार होते हैं। एक, जिसमें आमने-सामने की मुठभेड़ होती है, जहां पुलिस और आरोपी दोनों घायल हो सकते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं हो रहा। यहां पुलिस कभी घायल नहीं होती और आरोपियों को गोली मार दी जाती है, जिससे उनका पैर टूट जाता है। यह असली एनकाउंटर नहीं है।”</p>
<p>उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि हर नागरिक को जीने का अधिकार है। उन्होंने यह भी जोड़ा, “यदि कोई अपराधी है, तो उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कोर्ट ही फैसला करेगा कि उसे क्या सजा दी जाए। सरकार को इस तरह सजा देने का अधिकार नहीं है। एनकाउंटर केवल तात्कालिक समाधान हो सकता है, लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है। इसे रोकने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।”</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-4522 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery.jpg" alt="" width="1806" height="1080" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery.jpg 1806w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery-300x179.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery-1024x612.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery-768x459.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241223_132456_Gallery-1536x919.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1806px) 100vw, 1806px" /></p>
<p>“<strong>एनकाउंटर के पीछे की राजनीति”</strong></p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार एनकाउंटर को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, “यह सरकार कानून व्यवस्था को सुधारने की बजाय डर और भय का माहौल बनाकर शासन कर रही है। ऐसे एनकाउंटर के जरिए न्यायपालिका और संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है।”</p>
<p><strong>आरएसएस प्रमुख के बयान का समर्थन</strong></p>
<p>आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा भारत की विविधता और सामंजस्य को लेकर दिए गए बयान पर माता प्रसाद पांडेय ने सहमति जताई। उन्होंने कहा, “मोहन भागवत ने सही कहा कि भारत विभिन्न वर्गों और समुदायों से मिलकर बना है। यदि इन वर्गों में वैमनस्यता फैलाई जाएगी, तो यह देश के विकास में बाधा पैदा करेगा। आज जो स्थिति बन रही है, उसमें कुछ ताकतें समाज में दरार डालने का काम कर रही हैं, जो बेहद खतरनाक है।”</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सामाजिक सौहार्द देश की शक्ति है। “यदि हम इसमें तनाव और दुश्मनी बढ़ाएंगे, तो यह भारत को कमजोर करेगा। जो लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, वे देश के विकास को पीछे धकेलने का काम कर रहे हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा।</p>
<p><strong>धार्मिक स्थलों का सर्वे: “राजनीतिक लाभ के लिए पैदा की जा रही दूरी”</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अतिक्रमण हटाने के दौरान मिले एक मंदिर और धार्मिक स्थलों के सर्वे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जब आप सर्वे के बाद मंदिर को मस्जिद नहीं बना सकते और मस्जिद को मंदिर नहीं बना सकते, तो फिर ऐसे सर्वे का क्या मतलब है? यह केवल जनता को गुमराह करने और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश है। भाजपा इस तरह की हरकतें करके समाज में विषमता और तनाव पैदा कर रही है।”</p>
<p><strong>“मंदिर खोजकर दूरी बढ़ाने का प्रयास”</strong></p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मंदिर खोजकर हिंदू-मुसलमान के बीच दूरी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने संभल में पाए गए मंदिर के मामले का हवाला देते हुए कहा, “यह कोई पुरातात्विक खोज नहीं है। यह केवल एक पुराना स्थान है, जिसे राजनीतिक रंग देकर तनाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ऐसे मुद्दों के जरिए अपने अधिनायकवादी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।”</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों से न तो कोई समाधान निकलेगा और न ही समाज में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा। “ये गतिविधियां केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए की जा रही हैं। असली मुद्दे जैसे बेरोजगारी, महंगाई, और शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p><strong>माता प्रसाद पांडेय के बयानों का व्यापक प्रभाव</strong></p>
<p>माता प्रसाद पांडेय के इन बयानों से यह स्पष्ट है कि वे योगी सरकार की नीतियों और भाजपा की राजनीति पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान सरकार समाज में डर और वैमनस्य का माहौल बनाकर शासन कर रही है। एनकाउंटर को लेकर उनके विचार यह दिखाते हैं कि वे संविधान और न्यायपालिका के महत्व को प्राथमिकता देते हैं।</p>
<p>धार्मिक स्थलों को लेकर उनका रुख स्पष्ट है कि ऐसी गतिविधियां केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही हैं। उनका यह बयान कि “मंदिर और मस्जिद की राजनीति से समाज में दूरियां बढ़ रही हैं,” इस बात को रेखांकित करता है कि वे सामाजिक सौहार्द और एकता के पक्षधर हैं।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>माता प्रसाद पांडेय ने गोंडा दौरे के दौरान प्रदेश की योगी सरकार और भाजपा की नीतियों पर जो सवाल उठाए, वे कई स्तरों पर चर्चा का विषय बन गए हैं। उनके बयान एनकाउंटर की वैधता, धार्मिक स्थलों पर राजनीति, और सामाजिक सौहार्द की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर गहराई से प्रकाश डालते हैं।</p>
<p>उनकी राय न केवल विपक्ष के दृष्टिकोण को सामने रखती है, बल्कि यह भी बताती है कि मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली को लेकर जनता में कितनी चिंताएं हैं। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि वे एक ऐसी राजनीति की वकालत करते हैं, जो संविधान, न्यायपालिका और सामाजिक एकता के आधार पर हो।</p>
<p>यह खबर यूपी की राजनीति में गहराई से झांकने का अवसर प्रदान करती है और यह दिखाती है कि विपक्ष सरकार की नीतियों के खिलाफ किस प्रकार का रुख अपना रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/leader-of-opposition-mata-prasad-pandey-on-gonda-tour-condolence-and-questions-on-encounter/">गोंडा दौरे पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, शोक संवेदना और एनकाउंटर पर सवाल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकने के लिए पुरातात्विक खुदाई जैसे विषयों को बढ़ावा दे रही है भाजपा: अखिलेश यादव</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/bjp-is-promoting-topics-like-archaeological-excavations-to-divert-attention-from-farmers-issues-akhilesh-yadav/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Dec 2024 14:36:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[BJP is promoting topics like archaeological excavations to divert attention from farmers' issues: Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>फिरोजाबाद, 22 दिसंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किसानों</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/bjp-is-promoting-topics-like-archaeological-excavations-to-divert-attention-from-farmers-issues-akhilesh-yadav/">किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकने के लिए पुरातात्विक खुदाई जैसे विषयों को बढ़ावा दे रही है भाजपा: अखिलेश यादव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>फिरोजाबाद, 22 दिसंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किसानों के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर जनता का ध्यान भटकाने के लिए पुरातात्विक खुदाई जैसे विषयों को बढ़ावा दे रही है। यह बयान उस समय आया जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में एक प्राचीन बावड़ी का पता लगाया।</p>
<p>जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस ऐतिहासिक बावड़ी की खोज की पुष्टि की। इसमें संगमरमर से सजे फर्श और चार बड़े कक्ष मौजूद हैं। सपा प्रमुख ने इस खोज पर सवाल उठाते हुए कहा कि “इस तरह की गतिविधियां कानून का उल्लंघन करती हैं, क्योंकि पूजा स्थल अधिनियम इस प्रकार की खुदाई पर रोक लगाता है। यह महज ध्यान भटकाने की एक चाल है।”</p>
<p>अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, &#8220;खुदाई से रास्ता नहीं निकलेगा। भाजपा किसानों की समस्याओं से बचने के लिए ऐसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जब देश के किसानों को डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) जैसे आवश्यक उर्वरकों की आवश्यकता थी, तब सरकार विफल रही। किसानों को बीज, उर्वरक, और सिंचाई सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो रही हैं।&#8221;</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली और दवाओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे कृषि लागत बढ़ रही है और किसानों की मुनाफे की संभावनाएं लगातार घट रही हैं। “अगर कोई किसान फसल उगाने और काटने में सफल भी हो जाए, तो उसे यह नहीं पता होता कि वह अपनी फसल को उचित मूल्य पर कहां बेचे। सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है,”</p>
<p><strong>किसानों का आंदोलन और एमएसपी की मांग</strong></p>
<p>पंजाब-हरियाणा की सीमा पर खनौरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 314वें दिन में प्रवेश कर गया। किसान 13 फरवरी 2024 से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p>किसान नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों पर उनके मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) एकता उग्राहां के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा, &#8220;यह सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। किसानों के हक और उनकी मांगों को दरकिनार किया जा रहा है।&#8221;</p>
<p>प्रदर्शन के दौरान हाल ही में तब तनाव बढ़ गया जब किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल खनौरी सीमा पर बेहोश हो गए। वह 20 दिनों से आमरण अनशन पर थे। दल्लेवाल की बिगड़ती सेहत के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। पंधेर ने सभी नागरिकों से खनौरी और शंभू बॉर्डर पर एकत्र होकर किसानों का समर्थन करने की अपील की।</p>
<p>किसानों की मुख्य मांग है कि सरकार एमएसपी के लिए गारंटी कानून बनाए। इसके अतिरिक्त, वे उर्वरकों और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतों, सिंचाई के लिए पानी की कमी, और कृषि ऋण माफ करने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।</p>
<p>किसानों के इस आंदोलन ने केंद्र और राज्य सरकारों पर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>जहां एक ओर पुरातात्विक खुदाई जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश का किसान बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है। अखिलेश यादव ने इन दोनों घटनाओं को जोड़कर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/bjp-is-promoting-topics-like-archaeological-excavations-to-divert-attention-from-farmers-issues-akhilesh-yadav/">किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकने के लिए पुरातात्विक खुदाई जैसे विषयों को बढ़ावा दे रही है भाजपा: अखिलेश यादव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>&#8220;एक देश, एक चुनाव&#8221; पर अखिलेश यादव का प्रहार: लोकतंत्र विरोधी और अलोकतांत्रिक सोच का षड्यंत्र बताया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Dec 2024 17:51:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav's attack on "One Country]]></category>
		<category><![CDATA[One Election": Called it a conspiracy of anti-democracy and undemocratic thinking]]></category>
		<category><![CDATA[One nation one election]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अखिलेश यादव का बयान और ‘एक देश, एक चुनाव’ पर उनकी आलोचना लखनऊ 12 दिसंबर। समाजवादी पार्टी के</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/akhilesh-yadavs-attack-on-one-country-one-election-called-it-a-conspiracy-of-anti-democracy-and-undemocratic-thinking/">&#8220;एक देश, एक चुनाव&#8221; पर अखिलेश यादव का प्रहार: लोकतंत्र विरोधी और अलोकतांत्रिक सोच का षड्यंत्र बताया</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अखिलेश यादव का बयान और ‘एक देश, एक चुनाव’ पर उनकी आलोचना</strong></p>
<p>लखनऊ 12 दिसंबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी और अलोकतांत्रिक बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह नीति न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने लिखा, “‘एक देश, एक चुनाव’ सही मायनों में एक ‘अव्यावहारिक’ ही नहीं ‘अलोकतांत्रिक’ व्यवस्था भी है, क्योंकि कभी-कभी सरकारें अपनी समयावधि के बीच में भी अस्थिर हो जाती हैं। ऐसे में वहाँ की जनता बिना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के कैसे रहेगी? इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संवैधानिक रूप से चुनी गई सरकारों को बीच में ही भंग करना होगा, जो जनमत का अपमान होगा।”</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-4452 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X.jpg" alt="" width="1080" height="1894" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X.jpg 1080w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X-171x300.jpg 171w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X-584x1024.jpg 584w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X-768x1347.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X-876x1536.jpg 876w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_230638_X-1024x1796.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></p>
<p>‘<strong>एक देश, एक चुनाव’ की आलोचना में प्रमुख तर्क</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने इस विचार के खिलाफ कई तर्क प्रस्तुत किए:</p>
<p><strong>1. लोकतांत्रिक प्रक्रिया का क्षरण:</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि जब सरकारें अस्थिर होती हैं, तो चुनाव के माध्यम से जनता को नया प्रतिनिधित्व चुनने का अधिकार होता है। ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू होने पर यह अधिकार समाप्त हो जाएगा, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।</p>
<p><strong>2. एकतंत्री सोच का षड्यंत्र:</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ और एकतंत्री सोच का षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा, “दरअसल, ‘एक देश, एक चुनाव’ लोकतंत्र के ख़िलाफ़ एकतंत्री सोच का बहुत बड़ा षड्यंत्र है। इसका उद्देश्य पूरे देश पर एक साथ कब्जा करना है। इससे चुनाव केवल एक दिखावटी प्रक्रिया बनकर रह जाएगा।”</p>
<p><strong>3. चुनावी स्वतंत्रता पर खतरा:</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था चुनावी प्रक्रिया का सामूहिक अपहरण करने की साजिश है। इसके मूल में एकाधिकार की अलोकतांत्रिक मंशा काम कर रही है।</p>
<p><strong>सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए लिखा, “जो सरकार बारिश, पानी, त्योहार और नहान के नाम पर चुनावों को टाल देती है, वह एक साथ चुनाव कराने का दावा कैसे कर सकती है?”</p>
<p>‘<strong>एक देश, एक चुनाव’ की पृष्ठभूमि</strong></p>
<p>‘एक देश, एक चुनाव’ की अवधारणा केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। इस विचार का समर्थन करने वालों का मानना है कि इससे चुनावी खर्चों में कटौती होगी और प्रशासनिक कार्यों में रुकावटें कम होंगी।</p>
<p>हालांकि, इसके आलोचक इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला मानते हैं। उनके अनुसार, यह योजना संविधान में निहित संघीय ढांचे के खिलाफ है और राज्यों की स्वायत्तता को कमजोर कर सकती है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">‘एक देश, एक चुनाव’ सही मायनों में एक ‘अव्यावहारिक’ ही नहीं ‘अलोकतांत्रिक’ व्यवस्था भी है क्योंकि कभी-कभी सरकारें अपनी समयावधि के बीच में भी अस्थिर हो जाती हैं तो क्या वहाँ की जनता बिना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के रहेगी। इसके लिए सांविधानिक रूप से चुनी गयी सरकारों को बीच में ही…</p>
<p>&mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1867232179194826925?ref_src=twsrc%5Etfw">December 12, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>अखिलेश यादव के आरोप: लोकतंत्र पर खतरा या राजनीतिक बयानबाजी?</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने बयान में ‘एक देश, एक चुनाव’ को एक साजिश करार दिया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए बनाई गई है। उनके बयान के कुछ मुख्य पहलुओं का विश्लेषण इस प्रकार है:</p>
<p><strong>1. अव्यावहारिकता का तर्क:</strong></p>
<p>अखिलेश ने इस विचार को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि सरकारें अपनी अवधि के बीच में अस्थिर हो सकती हैं। ऐसे में जनता को बिना प्रतिनिधित्व के रहना पड़ेगा। यह तर्क संविधान के उस मूल सिद्धांत से जुड़ा है, जो जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देता है।</p>
<p><strong>2. जनमत का अपमान:</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए चुनी हुई सरकारों को भंग करना पड़ेगा। यह जनता के मत के प्रति अनादर को दर्शाता है।</p>
<p><strong>3. अलोकतांत्रिक मंशा:</strong></p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का असली उद्देश्य पूरे देश पर एक ही राजनीतिक दल का नियंत्रण स्थापित करना है। यह आरोप उन चिंताओं को प्रकट करता है कि ऐसी व्यवस्था बहुदलीय लोकतंत्र को कमजोर कर सकती है।</p>
<p><strong>4. चुनाव टालने की प्रवृत्ति पर सवाल:</strong></p>
<p>अखिलेश ने वर्तमान सरकार पर चुनावों को टालने के लिए बहानेबाजी करने का आरोप लगाया और पूछा कि जब सरकार अलग-अलग चुनाव कराने में कठिनाई महसूस करती है, तो वह एक साथ चुनाव कैसे करा सकती है।</p>
<p>‘<strong>एक देश, एक चुनाव’ पर विशेषज्ञों की राय</strong></p>
<p>अखिलेश यादव के इन आरोपों ने ‘एक देश, एक चुनाव’ पर बहस को और तीखा बना दिया है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि:</p>
<ul>
<li>यह व्यवस्था संघीय ढांचे और राज्यों की स्वायत्तता को कमजोर कर सकती है।</li>
<li>अलग-अलग समय पर चुनाव होने से सरकारों की जवाबदेही बनी रहती है, जो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।</li>
</ul>
<p>वहीं, इस विचार के समर्थक इसे समय और संसाधनों की बचत का माध्यम मानते हैं। उनका कहना है कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक कार्य बाधित होते हैं और चुनावी खर्च बढ़ता है।</p>
<p><strong>लोकतांत्रिक बहस की आवश्यकता</strong></p>
<p>अखिलेश यादव का ‘एक देश, एक चुनाव’ पर बयान इस मुद्दे पर गहराई से चर्चा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यह विचार जहां कुछ लोगों के लिए संसाधनों की बचत और प्रभावी प्रशासन का माध्यम हो सकता है, वहीं आलोचकों के लिए यह लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर खतरा है।</p>
<p>यह स्पष्ट है कि ‘एक देश, एक चुनाव’ को लागू करने से पहले इस पर व्यापक विमर्श और सहमति जरूरी है। अखिलेश यादव का यह बयान लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इस बहस को एक नई दिशा प्रदान करता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>संभल हिंसा पर सियासी बयानबाज़ी तेज़: अखिलेश यादव ने लगाया भाजपा पर गंभीर आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 05:44:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[लखीमपुर खीरी]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh bayan]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 3 दिसंबर। उत्तर प्रदेश में मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुए विवाद ने राज्य में राजनीति को</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/political-rhetoric-intensifies-on-sambhal-violence-akhilesh-yadav-makes-serious-allegations-against-bjp/">संभल हिंसा पर सियासी बयानबाज़ी तेज़: अखिलेश यादव ने लगाया भाजपा पर गंभीर आरोप</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 3 दिसंबर। उत्तर प्रदेश में मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुए विवाद ने राज्य में राजनीति को गरमा दिया है। 24 नवंबर को हुई इस घटना में फायरिंग और पथराव के कारण पांच लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हुए, जिनमें से अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। इसके बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और सांसद राम गोपाल यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए हैं।</p>
<p><strong>सपा प्रमुख ने साधा भाजपा पर निशाना</strong></p>
<p>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को भाजपा की &#8220;सुनियोजित रणनीति&#8221; करार देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से आम जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि <strong>संभल की घटना भाजपा की सोची-समझी साजिश है। जिस दिन से संसद सत्र शुरू हुआ है, समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की है। हालांकि सदन नहीं चल सका, लेकिन हमारी मांग अब भी वही है।</strong></p>
<p>उन्होंने स्थानीय अधिकारियों पर भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां के अधिकारी इस तरह से काम कर रहे हैं जैसे वे सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता हों। अखिलेश ने भाजपा पर देश की सौहार्द्रता और भाईचारे को नष्ट करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया।</p>
<p><strong>&#8220;देश की एकता खतरे में&#8221;</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जो लोग धार्मिक स्थलों की खुदाई और सर्वेक्षण में लगे हैं, वे देश की एकता और सांस्कृतिक सौहार्द्रता को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, <strong>जो लोग हर जगह खुदाई करना चाहते हैं, वे एक दिन इस देश के भाईचारे और सौहार्द्रता को खो देंगे।&#8221;</strong></p>
<p><strong>बांग्लादेश मुद्दे पर भी टिप्पणी</strong></p>
<p>बांग्लादेश में हिंदू संतों के अपमान पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि <strong>भारत सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचना चाहिए। अगर वे हमारे संतों का सम्मान नहीं कर सकते, तो यह उनकी कमजोर नीति का परिणाम है।</strong></p>
<p><strong>राम गोपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट से की अपील</strong></p>
<p>सपा सांसद राम गोपाल यादव ने संभल हिंसा और मस्जिदों के सर्वेक्षण को लेकर उठाए जा रहे कदमों को &#8220;देशभर में अशांति पैदा करने की साजिश&#8221; बताया। उन्होंने कहा कि <strong>इस तरह के सर्वेक्षणों का उद्देश्य केवल साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाना है। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे आदेश देने वाले जजों पर कार्रवाई करनी चाहिए।</strong></p>
<p><strong>संभल हिंसा: घटना का विवरण</strong></p>
<p>संभल में 24 नवंबर को मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर विवाद तब बढ़ गया जब सर्वेक्षण टीम ने स्थानीय मस्जिद के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते यह विरोध हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और गोलीबारी की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हो गए।</p>
<p>घायलों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।</p>
<p><strong>स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>संभल के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घटना के बाद प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि स्थिति को काबू में कर लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दी हैं और सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।</p>
<p><strong>राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर</strong></p>
<p>इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। सपा, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के बीच बयानबाज़ी जारी है। भाजपा ने सपा पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जबकि सपा ने भाजपा को &#8220;सांप्रदायिक ध्रुवीकरण&#8221; का जिम्मेदार ठहराया।</p>
<p><strong>भविष्य की राजनीति पर असर</strong></p>
<p>संभल हिंसा न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकती है। संसद के आगामी सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर, भाजपा इसे &#8220;कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम&#8221; बता रही है।</p>
<p><strong>सामाजिक सौहार्द्रता की परीक्षा</strong></p>
<p>संभल हिंसा और इसके बाद की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भारत की सामाजिक सौहार्द्रता और धर्मनिरपेक्षता की परीक्षा हैं। यह घटना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दे राजनीति का मुख्य केंद्र बन सकते हैं।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>संभल की घटना ने देशभर में धार्मिक और राजनीतिक तनाव को फिर से उजागर कर दिया है। जहां सपा और अन्य विपक्षी दल इसे भाजपा की साजिश बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे &#8220;कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास&#8221; कह रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन और न्यायपालिका इस मामले को किस तरह से संभालते हैं और यह घटना आगामी चुनावों और सामाजिक सौहार्द्रता पर क्या प्रभाव डालती है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/political-rhetoric-intensifies-on-sambhal-violence-akhilesh-yadav-makes-serious-allegations-against-bjp/">संभल हिंसा पर सियासी बयानबाज़ी तेज़: अखिलेश यादव ने लगाया भाजपा पर गंभीर आरोप</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>सस्ती लोकप्रियता के लिए सस्ता बयान: सपा नेता सूरज सिंह का भाजपा पर तीखा हमला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Oct 2024 02:21:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Cheap statements for cheap popularity: SP leader Suraj Singh's scathing attack on BJP]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोण्डा 19 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता सूरज सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/cheap-statements-for-cheap-popularity-sp-leader-suraj-singhs-scathing-attack-on-bjp/">सस्ती लोकप्रियता के लिए सस्ता बयान: सपा नेता सूरज सिंह का भाजपा पर तीखा हमला</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गोण्डा 19 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता सूरज सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाल ही में गन्ना विकास समिति के चुनाव को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया। सूरज सिंह ने कहा कि भाजपा के नेता ब्राह्मण समाज को केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और यह पूरी साजिश नाकाम हो रही है क्योंकि ब्राह्मण समाज बुद्धिजीवी है और वह अपने हित-अहित का बेहतर अंदाजा लगा सकता है।</p>
<p><strong>गन्ना विकास समिति चुनाव: अनियमितताओं का आरोप</strong></p>
<p>सूरज सिंह ने यह आरोप लगाया कि जिस दिन गन्ना विकास समिति के चुनाव के लिए डेलीगेट्स के नामांकन पत्र बिकने थे, उस दिन गोण्डा में गन्ना कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया गया था। इस घटना ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ छुटभैये उस वक्त कह रहे थे कि जिनको नामांकन पत्र मिलना था, उन्हें मिल चुका है और अब किसी और को नहीं दिया जाएगा। इस वक्त भाजपा के विधायक और अन्य बड़े नेता कहाँ थे? उन्होंने सवाल किया कि भाजपा ने ब्राह्मण समाज के सदस्यों सहित अन्य योग्य उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दिलाने की कोशिश क्यों नहीं की?</p>
<p>सूरज सिंह ने कहा कि उन्होंने तत्काल इस मामले पर जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, और गन्ना अधिकारी को फोन कर आपत्ति दर्ज कराई और सभी को नामांकन पत्र दिलाने के लिए कहा। उन्होंने कहा, &#8220;मैंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की, लेकिन भाजपा नेताओं ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।&#8221;</p>
<p><strong>पारिवारिक पृष्ठभूमि और ब्राह्मण हित में योगदान</strong></p>
<p>सूरज सिंह ने अपने परिवार के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता स्वर्गीय पंडित सिंह ने हमेशा ब्राह्मण समाज के हितों का ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपने समय में मीना मिश्रा, जो श्री विजय मिश्रा की पत्नी हैं, को दो बार गोण्डा गन्ना समिति का चेयरमैन बनाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी की ओर से ब्राह्मण समाज के हित में किए गए कार्यों को भी उजागर किया और कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ब्राह्मण समाज के अधिकारों की रक्षा की है।</p>
<p>सूरज सिंह का मानना है कि भाजपा का यह कहना कि गोण्डा से किसी ब्राह्मण को गन्ना समिति का चेयरमैन बनाना चाहिए, केवल एक बयान तक सीमित था। असल में पूरी पटकथा पहले से ही लिखी जा चुकी थी और भाजपा ने केवल दिखावा किया। यदि भाजपा सचमुच चाहती तो किसी भी ब्राह्मण को इस पद पर आसानी से नियुक्त कर सकती थी।</p>
<p><strong>ब्राह्मण समाज की बुद्धिमत्ता का जिक्र</strong></p>
<p>सूरज सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे ब्राह्मण समाज को केवल राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, &#8220;ब्राह्मण समाज को गुमराह करना आसान नहीं है। यह समाज बुद्धिजीवी है और अपना नुकसान-फायदा अच्छी तरह से समझता है। भाजपा केवल ब्राह्मण समाज के नाम पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है, लेकिन यह समाज उनके इरादों को अच्छी तरह जानता है।&#8221;</p>
<p>सपा नेता ने कहा कि भाजपा के नेताओं को इस तरह के गैर जिम्मेदाराना और सस्ती लोकप्रियता पाने वाले बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर काम किया है, जबकि भाजपा केवल अपनी राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से समाज के विभिन्न वर्गों का इस्तेमाल करती है।</p>
<p><strong>गोण्डा की गंगा-जमुनी तहज़ीब का उल्लेख</strong></p>
<p>सूरज सिंह ने कानून व्यवस्था के सवाल पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गोण्डा हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब का उदाहरण रहा है। यहाँ के लोग हमेशा मिलजुलकर रहते आए हैं और हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी सौहार्द कायम रहा है। लेकिन उन्होंने यह भी चिंता जताई कि हाल के दिनों में भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे के चलते यह सौहार्द खतरे में पड़ सकता है।</p>
<p>उन्होंने गोण्डा के लोगों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखें और भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे से सावधान रहें। सूरज सिंह ने कहा कि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति केवल समाज को बांटने का काम कर रही है और इससे सभी को सतर्क रहना चाहिए।</p>
<p><strong>गन्ना विकास समिति चुनाव: भाजपा की भूमिका पर सवाल</strong></p>
<p>गन्ना विकास समिति के चुनाव को लेकर सूरज सिंह ने कहा कि भाजपा ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती और अपने राजनीतिक लाभ के लिए धांधली की। सूरज सिंह ने कहा कि यदि भाजपा चाहती तो चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p>सूरज सिंह ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने केवल ब्राह्मण समाज के नाम का इस्तेमाल किया और असल में उनके हितों की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज के साथ न्याय किया है और पार्टी की नीतियों ने हमेशा समाज के सभी वर्गों के विकास को प्राथमिकता दी है।</p>
<p><strong>भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे पर आलोचना</strong></p>
<p>सूरज सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह केवल समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से समाज का ताना-बाना बिगड़ रहा है और इससे सभी को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का एजेंडा केवल राजनीतिक लाभ हासिल करना है और इसके लिए वह समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;भाजपा की राजनीति समाज को बांटने वाली है। हमें इस तरह की राजनीति से सतर्क रहना होगा और आपसी सौहार्द को बनाए रखना होगा।&#8221; उन्होंने सभी से अपील की कि वे भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे का विरोध करें और समाज में शांति और एकता बनाए रखें।</p>
<p><strong>समाजवादी पार्टी का संदेश</strong></p>
<p>सूरज सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी भाजपा की नीतियों और उसकी राजनीति से असहमत है। सपा का मानना है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए समाज के विभिन्न वर्गों का इस्तेमाल कर रही है और इससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दरार पैदा हो रही है। सूरज सिंह ने भाजपा को चेतावनी दी कि वह इस तरह की विभाजनकारी राजनीति से बाज आए और समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए काम करती आई है और आगे भी करती रहेगी। सपा का लक्ष्य हमेशा से समाज के सभी वर्गों का समुचित विकास और उनके अधिकारों की रक्षा करना रहा है।</p>
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		<title>जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र का बंद दरवाजा सरकार की संकीर्ण सोच का प्रतीक- अखिलेश यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Oct 2024 01:54:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
		<category><![CDATA[The closed door of Jayaprakash Narayan International Center is a symbol of the narrow thinking of the government- Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र का बंद दरवाजा सरकार की संकीर्ण सोच का प्रतीक- अखिलेश यादव]]></category>
		<category><![CDATA[समाजवादी पार्टी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 11 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व सांसद अखिलेश यादव ने गुरुवार रात लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-closed-door-of-jayaprakash-narayan-international-center-is-a-symbol-of-the-narrow-thinking-of-the-government-akhilesh-yadav/">जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र का बंद दरवाजा सरकार की संकीर्ण सोच का प्रतीक- अखिलेश यादव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 11 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व सांसद अखिलेश यादव ने गुरुवार रात लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) का दौरा किया, और सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने टिन की चादरों से मुख्य द्वार बंद कर दिया है, जिससे जनता का प्रवेश रोक दिया गया है। इस घटना ने राजनीतिक जगत में हलचल मचा दी है, खासकर तब जब 11 अक्टूबर को समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम निर्धारित है। अखिलेश यादव के इस दौरे के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।</p>
<p><strong>अखिलेश यादव का दौरा और सरकार पर आरोप</strong></p>
<p>गुरुवार की रात अखिलेश यादव अचानक जेपीएनआईसी पहुंचे और वहां टिन की चादरों से बंद मुख्य द्वार को देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में योगी आदित्यनाथ सरकार की तीखी आलोचना की और इसे &#8220;सरकार की संकीर्ण सोच&#8221; का प्रतीक बताया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर इस ऐतिहासिक स्थल को बंद किया है ताकि समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि देने वाले लोगों को वहां पहुंचने से रोका जा सके। उन्होंने कहा, &#8220;यह जेपीएनआईसी समाजवादियों का संग्रहालय है और यहां जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा है, जिसे देखने से लोगों को रोका जा रहा है।&#8221;</p>
<p><iframe  id="_ytid_27467"  width="640" height="360"  data-origwidth="640" data-origheight="360" src="https://www.youtube.com/embed/ySwsCiLSdxU?enablejsapi=1&#038;rel=1&#038;disablekb=0&#038;autoplay=0&#038;cc_load_policy=0&#038;cc_lang_pref=&#038;iv_load_policy=1&#038;loop=0&#038;fs=1&#038;playsinline=0&#038;autohide=2&#038;theme=dark&#038;color=red&#038;controls=1&#038;" class="__youtube_prefs__  epyt-is-override  no-lazyload" title="YouTube player"  allow="fullscreen; accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen data-no-lazy="1" data-skipgform_ajax_framebjll=""></iframe></p>
<p>यादव ने सवाल उठाया, &#8220;यह टिन शेड लगाकर सरकार क्या छिपा रही है? क्या वे इसे बेचने की योजना बना रहे हैं या किसी और को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं?&#8221; इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के प्रति अपमानजनक रवैया रखती है और यह भाजपा की विचारधारा को दर्शाता है।</p>
<p><strong>टिन की चादरों पर लिखवाया ‘समाजवादी पार्टी जिंदाबाद’</strong></p>
<p>यादव के इस दौरे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अखिलेश यादव ने एक चित्रकार से टिन की चादरों पर &#8216;समाजवादी पार्टी जिंदाबाद&#8217; लिखने को कहा। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और इस घटना ने समाजवादी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह को बढ़ाया। यादव ने यह भी संकेत दिया कि 11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की जयंती पर श्रद्धांजलि देने के लिए वे कार्यक्रम निर्धारित करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;हम कल कार्यक्रम तय करेंगे। वे इसे कब तक टिन शेड के पीछे बंद रखेंगे?&#8221;</p>
<p><strong>भाजपा पर निशाना</strong></p>
<p>इस दौरे के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर हमला करते हुए इसे &#8220;आजादी का दिखावा&#8221; करार दिया और कहा कि भाजपा के शासन में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान की कमी है। उन्होंने लिखा, &#8220;भाजपा देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले जयप्रकाश नारायण जी जैसे हर स्वतंत्रता सेनानी के प्रति द्वेष और दुश्मनी रखती है, यह भाजपा के अंदर का अपराध है, जिसके सदस्यों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया।&#8221;</p>
<p>यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी क्रांतिकारियों को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने की भी अनुमति नहीं देती है। उन्होंने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि समाजवादी पार्टी इस तानाशाही के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी।</p>
<p><strong>समाजवादी पार्टी का विरोध और बयान</strong></p>
<p>इससे पहले दिन में, समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया गया था जिसमें जेपीएनआईसी के मुख्य द्वार के सामने टिन की चादरें खड़ी की जा रही थीं। इस वीडियो में पार्टी ने भाजपा सरकार की आलोचना की और इसे &#8220;लोकतंत्र पर हमला&#8221; करार दिया। पार्टी ने इसे भाजपा की &#8220;गंदी राजनीति&#8221; का हिस्सा बताया और आरोप लगाया कि इस जनविरोधी सरकार ने लखनऊ में बने इस ऐतिहासिक स्थल को बर्बाद कर दिया है।</p>
<p>पार्टी ने बयान जारी कर कहा, &#8220;बेकार भाजपा सरकार लगातार लोकतंत्र पर हमला कर रही है। इस जनविरोधी सरकार ने लखनऊ में बने जेपीएनआईसी जैसे विकास कार्यों को बर्बाद करके महापुरुषों का अपमान किया है। समाजवादी इन तानाशाहों के आगे नहीं झुकेंगे।&#8221;</p>
<p><strong>जेपीएनआईसी: समाजवादियों के लिए महत्व</strong></p>
<p>जेपीएनआईसी का उद्घाटन अखिलेश यादव ने 2016 में अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान किया था। यह केंद्र समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण को समर्पित है और यहां एक संग्रहालय भी स्थापित है जो उनके जीवन और विचारधारा पर आधारित है। इस केंद्र का महत्व समाजवादियों के लिए खास है, क्योंकि यह समाजवादी विचारधारा के संरक्षण और प्रचार के उद्देश्य से बनाया गया था।</p>
<p>हालांकि, 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस केंद्र पर काम रोक दिया गया था। अखिलेश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर इस केंद्र को अनदेखा किया है और इसे समाजवादी विचारधारा के प्रचार से दूर रखा जा रहा है।</p>
<p><strong>पुलिस की प्रतिक्रिया और यातायात प्रतिबंध</strong></p>
<p>अखिलेश यादव के दौरे के बाद, लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार को जेपीएनआईसी के आसपास यातायात प्रतिबंध की घोषणा की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है। हाल के दिनों में, राजनीतिक गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।</p>
<p>हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि टिन की चादरें लगाकर केंद्र को बंद करने का आदेश किसने दिया और इसके पीछे क्या कारण थे। इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।</p>
<p><strong>राजनीतिक विवाद की जड़ें</strong></p>
<p>यह विवाद न सिर्फ जेपीएनआईसी के द्वार बंद करने पर केंद्रित है, बल्कि इसके पीछे छिपे राजनीतिक मंशाओं की भी चर्चा हो रही है। समाजवादी पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार जानबूझकर ऐसे कदम उठा रही है जिससे समाजवादी विचारधारा और इसके नेताओं का अपमान हो। वहीं, भाजपा का पक्ष अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।</p>
<p>अखिलेश यादव का जेपीएनआईसी दौरा और टिन की चादरों से मुख्य द्वार बंद होने की घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह घटना केवल एक स्थानिक विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे समाजवादी और भाजपा की वैचारिक लड़ाई भी छिपी है। यह देखना बाकी है कि आने वाले दिनों में यह विवाद कैसे आकार लेता है, और क्या भाजपा सरकार इस पर कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।</p>
<p>समाजवादी पार्टी जहां इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा का रुख इस मुद्दे पर क्या होगा, यह देखने लायक होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>केंद्र की भाजपा सरकार गिरने वाली है क्योंकि हर वर्ग परेशान- अखिलेश यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 13:08:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला: &#8220;यह सरकार चलने वाली नहीं, गिरने वाली है&#8221; लखनऊ, 6 अक्टूबर।</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला: &#8220;यह सरकार चलने वाली नहीं, गिरने वाली है&#8221;</strong></p>
<p>लखनऊ, 6 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के लिए विफल करार देते हुए कहा कि यह सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलने वाली है और जल्द ही गिर जाएगी। लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों, युवाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा की और भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास किया।</p>
<p style="text-align: center;"><strong>भाजपा सरकार को &#8220;गिरने वाली&#8221; सरकार करार दिया</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार चलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने जनता का जीवन संकट में डाल दिया है, और अब यह सरकार ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगी। अखिलेश ने कहा, &#8220;यह सरकार झूठे वादों पर बनी थी, और अब इन वादों की हकीकत जनता के सामने आ चुकी है। देश का हर वर्ग परेशान है, चाहे वह किसान हो, मजदूर हो, युवा हो या गरीब। भाजपा की गलत नीतियों के चलते हर व्यक्ति त्रस्त है।&#8221;</p>
<p style="text-align: center;"><strong>महंगाई और बेरोजगारी पर भाजपा की आलोचना</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले महंगाई और बेरोजगारी को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन आज हालात बद से बदतर हो गए हैं। उन्होंने कहा, &#8220;देश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। हर चीज की कीमतें आसमान छू रही हैं, और भाजपा सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल रही है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि नौजवानों को भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। &#8220;आज देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है। भाजपा ने &#8216;अच्छे दिन&#8217; का सपना दिखाया था, लेकिन आज हालात यह हैं कि रोजगार का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया।&#8221; उन्होंने युवाओं को एकजुट होकर भाजपा की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align: center;"><strong>किसानों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने विशेष रूप से किसानों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया और भाजपा सरकार की नीतियों को किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, &#8220;देश में किसान बहुत परेशानी में हैं। उन्हें फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है, और भाजपा सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें और अधिक संकट में डाल दिया है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। &#8220;किसानों को खाद और बीज का संकट झेलना पड़ रहा है। जो सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती थी, वही अब किसानों की अनदेखी कर रही है।&#8221; अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे, जिनसे उनकी स्थिति में सुधार हुआ था।</p>
<p style="text-align: center;"><strong>समाजवादी सरकार की उपलब्धियों को याद दिलाया</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना के साथ ही समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में किए गए कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार ने हमेशा किसानों, गरीबों और युवाओं के हित में फैसले लिए थे। &#8220;हमारी सरकार के दौरान किसानों को सुविधाएं दी गई थीं, मंडियां बनवाई गई थीं ताकि वे अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। हमने उनके लिए खाद और बीज की व्यवस्था की थी। लेकिन भाजपा सरकार ने हमारे द्वारा शुरू की गई सभी योजनाओं को ठप कर दिया। मंडियों का काम रुक गया और आज किसान परेशान हैं।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने किसानों के लिए जो प्रयास किए थे, उनका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना था। &#8220;हमने किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए मंडियां बनवाई थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने इन मंडियों का काम रोक दिया और उन्हें बर्बाद कर दिया। आज स्थिति यह है कि किसानों को न तो खाद मिल रही है और न ही बीज, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।&#8221;</p>
<p style="text-align: center;"><strong>गरीब और मजदूरों की उपेक्षा</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गरीबों और मजदूरों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि देश का गरीब और मजदूर वर्ग भाजपा की नीतियों से त्रस्त है। उन्होंने कहा, &#8220;गरीबों को राहत देने के बजाय, भाजपा सरकार ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मजदूरों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने गरीबों और मजदूरों के हित में कई योजनाएं चलाई थीं, जिनसे उन्हें सीधा लाभ मिला था। &#8220;हमने गरीबों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए थे, और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। लेकिन भाजपा सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर दिया और गरीबों को उनके हाल पर छोड़ दिया।&#8221;</p>
<p style="text-align: center;"><strong>समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत करने का आह्वान</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाना होगा ताकि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी को हर बूथ स्तर तक मजबूत करना है। इसके लिए हमें सेक्टर से लेकर बूथ लेवल तक लगातार कार्यकर्ता बनाने होंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सपा को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा। &#8220;हमें अपने संगठन को इतना मजबूत बनाना होगा कि आगामी चुनावों में भाजपा को हराया जा सके। हर कार्यकर्ता को अपने स्तर पर मेहनत करनी होगी और समाजवादी पार्टी के सिद्धांतों को घर-घर तक पहुंचाना होगा।</p>
<p style="text-align: center;"><strong>लोकतांत्रिक व्यवहार और भाषा पर जोर</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के हर कार्यकर्ता को लोकतांत्रिक ढंग से व्यवहार करना चाहिए और अपनी भाषा को संयमित रखना चाहिए। &#8220;हमारे कार्यकर्ताओं का व्यवहार और भाषा लोकतांत्रिक होनी चाहिए। हमें अपनी बात को शांति और संयम के साथ लोगों तक पहुंचाना है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सपा हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती आई है, और कार्यकर्ताओं को इन सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए। समाजवादी पार्टी की पहचान उसकी लोकतांत्रिक विचारधारा है, और हमें इसे बनाए रखना है। हमे भाजपा की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन एक जिम्मेदार और संयमित तरीके से।</p>
<p style="text-align: center;"><strong>भाजपा के खिलाफ जनता में असंतोष</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से लोग परेशान हैं और भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। &#8220;भाजपा ने जो वादे किए थे, वे सब झूठे साबित हुए हैं। जनता अब भाजपा से नाराज है और आने वाले चुनावों में इसका परिणाम देखने को मिलेगा।&#8221;</p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि सपा को अब से ही आगामी चुनावों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमें आगामी चुनावों में भाजपा को हराने के लिए अभी से मेहनत करनी होगी। हमारे कार्यकर्ता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं, और हमें इस ताकत का सही इस्तेमाल करना होगा।</p>
<p>उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर लोगों से मिलें और भाजपा सरकार की नीतियों की असलियत जनता के सामने लाएं। हमें लोगों को बताना होगा कि भाजपा ने किस तरह से जनता के साथ धोखा किया है और उनके वादे सिर्फ चुनावी दिखावा थे।</p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने इस भाषण में भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और उन्हें हर वर्ग के लिए विफल बताया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर भाजपा की आलोचना की और दावा किया कि यह सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलेगी। साथ ही, उन्होंने समाजवादी पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है और आने वाले समय में भाजपा को इसका जवाब देना होगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-bjp-government-at-the-centre-is-about-to-fall-because-every-section-is-worried-akhilesh-yadav/">केंद्र की भाजपा सरकार गिरने वाली है क्योंकि हर वर्ग परेशान- अखिलेश यादव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>भाजपा विधायकों में हुई लड़ाई, कांग्रेसी बोले मानसून ऑफर है लूट लो</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Sep 2024 15:07:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी]]></category>
		<category><![CDATA[महाराजगंज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 28 सितंबर । उत्तर प्रदेश के महराजगंज में जिला पंचायत की बैठक में भाजपा के दो विधायकों</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 28 सितंबर । उत्तर प्रदेश के महराजगंज में जिला पंचायत की बैठक में भाजपा के दो विधायकों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया और सिसवा विधायक प्रेम सागर पटेल के बीच बजट आवंटन को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया।</p>
<p>बैठक में भाजपा विधायकों के बीच के विवाद ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने इस दौरान सदस्यों से कहा, &#8220;मानसून ऑफर है, लूट लो&#8221;। यह टिप्पणी विधायकों के बीच के विवाद को और बढ़ाने के लिए काफी थी।</p>
<p>इस घटना ने जिला पंचायत की बैठक में भाजपा के अंदरूनी विवाद को उजागर कर दिया। यह दिखाता है कि पार्टी के भीतर भी मतभेद हो सकते हैं और यह कैसे पार्टी के काम को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>इस घटना की चर्चा लखनऊ के राजनीतिक गलियारे में खूब हो रही है वही महाराजगंज हो या फिर लखनऊ पार्टी कार्यालय के बाहर चाय की दुकानों पर भी चर्चा आम है</p>
<p>यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना का आगे क्या परिणाम होता है और कैसे यह राज्य की राजनीति को प्रभावित करता है।</p>
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		<title>संघर्ष की कोख से जन्मे हैँ समाजवादी-अभिषेक यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 11:53:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
		<category><![CDATA[Suraj Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोंडा 20 अगस्त। नौजवान पीडीए जागरूकता सदस्यता अभियान के तहत 20 अगस्त 2024 दिन मंगलवार को एलबीएस महाविद्यालय</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>गोंडा 20 अगस्त। नौजवान पीडीए जागरूकता सदस्यता अभियान के तहत 20 अगस्त 2024 दिन मंगलवार को एलबीएस महाविद्यालय के सामने समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अभिषेक यादव ने युवाओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का जन्म संघर्ष कोख से हुआ है, समाजवादी पार्टी में छात्रों/नौजवानों ने कई बार बड़े आंदोलन कर सफलता हासिल की है। आज छात्रों के साथ धोखा हुआ है छात्रों को ठगा गया है। जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने नौजवानों से संघर्में साथ देने का आह्वाहन किया पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे ने कहा कि युवा शक्ति क्रांति लाने में सक्षम है हम सब मिलकर सदस्यता अभियान को बल देंगे।</p>
<p><strong>नौजवान सपा की ओर हो रहे आकर्षित-सूरज सिंह</strong></p>
<p>सपा नेता सूरज सिंह ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि जब जब समाजवादी सरकार बनी तब युवाओं ने अहम भूमिका निभाई, उन्होंने अपने पिता स्व० पंडित सिंह को याद करते हुए कहा कि मंत्रीजी भी युवाओं की आवाज सदैव बुलन्द करते थे । सूरज सिंह ने कहा कि कोई भी युवा हो वो24 घंटे उनके मदद सहयोग के लिए तैयार है। सूरज सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की शपथ दिलाते हुए कहा कि युवा बड़ी संख्या में सपा से जुड़ रहे हैँ। सूरज सिंह ने सभी फ्रंटल के अध्यक्षगण और पदाधिकारियों को सफल कार्यक्रम के लिये बधाई दी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-2588 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240820-WA0031-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240820-WA0031-300x225.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240820-WA0031-1024x766.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240820-WA0031-768x575.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240820-WA0031.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>राष्ट्रीय सचिव संजय सविता ने गौरा से आये साथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। एलबीएस की छात्रा रिया सिंह, मुस्कान यादव, मुस्कान ओझा, सायबा रायनी ने रक्षा सूत्र बांधकर बेटियों की रक्षा की सौगंध ली। बहनों को रक्षा की सौगंध के साथ साथ रिटर्न गिफ्ट भी उपहार स्वरूप दिया गया। आयोजक श्री दीपू यादव जिलाध्यक्ष मुलायम यूथ ब्रिगेड, श्री सिद्धार्थ सिंह जिलाध्यक्ष छात्र सभा, श्री पंकज गोस्वामी जिलाध्यक्ष लोहिया वाहिनी, श्री शहान अख्तर जिलाध्यक्ष युवजन सभा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। संचालन बब्बू सोनी राष्ट्रीय सचिव ने किया।</p>
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