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	<title>Priyanka gandhi Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>प्रियंका गांधी ने वायनाड के लिए केंद्र से राहत की मांग की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 14:01:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Priyanka gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Priyanka Gandhi demands relief from the Center for Wayanad]]></category>
		<category><![CDATA[Priyanka Gandhi Vadra]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 4 दिसंबर। कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज केरल में</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/priyanka-gandhi-demand-relief-from-the-center-for-wayanad/">प्रियंका गांधी ने वायनाड के लिए केंद्र से राहत की मांग की</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 4 दिसंबर। कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज केरल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए त्वरित राहत की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उनके साथ कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और केरल के अन्य सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी था। इस बैठक में उन्होंने वायनाड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का विस्तार से वर्णन करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल मदद का अनुरोध किया।</p>
<p>प्रियंका गांधी ने बैठक के दौरान जोर देकर कहा कि इस त्रासदी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह न केवल केरल के लोगों के लिए, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मानवीय मूल्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रियंका ने गृह मंत्री से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए पर्याप्त धनराशि जारी करने की अपील की।</p>
<p><strong>आपदा की विभीषिका और केंद्र की उदासीनता</strong></p>
<p>वायनाड और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन ने कई परिवारों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, और सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। प्रियंका गांधी ने बताया कि इस आपदा के कारण कई परिवार पूरी तरह समाप्त हो गए हैं। कुछ बच्चों ने अपने माता-पिता और पूरे परिवार को खो दिया है।</p>
<p>प्रियंका गांधी ने कहा, &#8220;इस तरह की त्रासदी के समय में, अगर केंद्र सरकार पीड़ितों की मदद नहीं करती, तो इससे बहुत गलत संदेश जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जिससे लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि उन्हें केंद्रीय सहायता मिलेगी। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।&#8221;</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी और प्रतिनिधिमंडल ने न केवल गृह मंत्री अमित शाह, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में उन्होंने वायनाड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जारी संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया और केंद्र से त्वरित राहत प्रदान करने का अनुरोध किया।</p>
<p><strong>गृह मंत्री का आश्वासन</strong></p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि गुरुवार शाम तक उन्हें इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्थिति का गंभीरता से मूल्यांकन करेगी और प्रभावितों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।</p>
<p><strong>प्रियंका गांधी का भावुक संदेश</strong></p>
<p>बैठक के बाद प्रियंका गांधी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, &#8220;यह समय राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय पीड़ा को समझने का है। इस त्रासदी में कई बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने अपने पूरे परिवार को खो दिया है। ऐसे में अगर वे भारत सरकार से मदद की उम्मीद नहीं कर सकते, तो वे किसकी ओर जाएंगे?&#8221;</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि यह समय केवल आर्थिक मदद देने का नहीं है, बल्कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और उनके जीवन को पुनः स्थापित करने का है। &#8220;यह केवल केरल के लिए नहीं है; यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण स्थापित करने का अवसर है कि जब लोग संकट में हों, तो सरकारें कैसे प्रतिक्रिया दें,&#8221; प्रियंका गांधी ने कहा।</p>
<p><strong>स्थानीय प्रशासन की सीमाएं और केंद्र की भूमिका</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों को अंजाम दिया है, लेकिन इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए उनके पास संसाधन सीमित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सहायता के बिना प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण संभव नहीं है।</p>
<p><strong>वायनाड के लोगों की उम्मीदें और निराशा</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी ने बताया कि वायनाड और आसपास के क्षेत्रों में लोग केंद्र सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा, &#8220;लोगों को लगने लगा है कि उनकी पीड़ा को अनदेखा किया जा रहा है। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को खराब कर रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी चोट पहुंचा रहा है।&#8221;</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>यह स्पष्ट है कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस के सांसदों का यह प्रयास केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि वायनाड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के पीड़ितों की आवाज को केंद्र तक पहुंचाने का है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में कितनी जल्दी कदम उठाती है।</p>
<p>वायनाड की त्रासदी ने एक बार फिर इस तथ्य को उजागर किया है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय आवश्यक है। प्रभावित लोगों को न केवल वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, बल्कि उन्हें यह भरोसा दिलाने की भी जरूरत है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। यह समय है कि सरकार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करे ताकि वायनाड के लोग अपने जीवन को फिर से शुरू कर सकें।</p>
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		<title>मेक इन इंडिया: दस साल बाद सपना और वास्तविकता, जयराम रमेश ने आंकड़ों पर व्यक्त की चिंता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Dec 2024 17:05:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Priyanka gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 2 दिसंबर। जुलाई-सितंबर 2024 की तिमाही के लिए जारी किए गए जीडीपी आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/make-in-india-dream-and-reality-after-ten-years-jairam-ramesh-expressed-concern-over-the-figures/">मेक इन इंडिया: दस साल बाद सपना और वास्तविकता, जयराम रमेश ने आंकड़ों पर व्यक्त की चिंता</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 2 दिसंबर। जुलाई-सितंबर 2024 की तिमाही के लिए जारी किए गए जीडीपी आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता उत्पन्न करते हैं। इन आंकड़ों ने न केवल विकास दर में गिरावट को उजागर किया, बल्कि यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; अभियान का वादा आज भी अधूरा है। जीडीपी विकास दर में भारी गिरावट और विनिर्माण क्षेत्र की धीमी प्रगति ने भारत को उसकी अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों की पुनर्समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है।</p>
<p>विनिर्माण क्षेत्र, जो किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है, जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में केवल 2.2% की दर से बढ़ा। यह 2014 में शुरू किए गए मेक इन इंडिया अभियान के वादों के बिल्कुल विपरीत है, जिसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र और निर्यातक के रूप में स्थापित करना था। निर्यात वृद्धि भी केवल 2.8% तक सिमट गई है, जो इस योजना की प्रगति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।</p>
<p><strong>विनिर्माण क्षेत्र की गिरावट और रोजगार पर प्रभाव</strong></p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में जारी इन आंकड़ों को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया के दस साल बाद भी भारत का विनिर्माण क्षेत्र स्थिर या पिछड़ता हुआ नजर आता है। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान 2011-12 में 18.1% था, जो 2022-23 तक गिरकर 14.3% हो गया। इस गिरावट ने न केवल अर्थव्यवस्था की प्रगति पर असर डाला है, बल्कि रोजगार की स्थिति को भी गंभीर बना दिया है।</p>
<p>2017 में जहां विनिर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की संख्या 51.3 मिलियन थी, 2022-23 तक यह घटकर केवल 35.65 मिलियन रह गई। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मेक इन इंडिया अपने सबसे बड़े वादे—रोजगार सृजन—को पूरा करने में विफल रहा है।</p>
<p><strong>निर्यात के मोर्चे पर निराशा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया का एक प्रमुख लक्ष्य भारत को एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना था। लेकिन 2024 तक की स्थिति इस वादे से बिल्कुल अलग है। वस्त्र जैसे पारंपरिक रोजगार-प्रधान क्षेत्रों में निर्यात में गिरावट ने भारत को बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से पीछे कर दिया है।</p>
<ul>
<li>2013-14 में भारत का वस्त्र निर्यात 15 बिलियन डॉलर था।</li>
<li>2023-24 में यह गिरकर 14.5 बिलियन डॉलर रह गया।</li>
</ul>
<p>इस गिरावट के कारण रोजगार पर और अधिक दबाव पड़ा है, क्योंकि वस्त्र उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार का स्रोत है। वैश्विक व्यापार में भारत का हिस्सा स्थिर बना हुआ है, लेकिन निर्यात का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान घटा है।</p>
<p><strong>चीन से आयात का दबाव</strong></p>
<p>मेक इन इंडिया के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कर कटौती और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों की घोषणा की गई थी। लेकिन सच्चाई यह है कि चीन से सस्ते आयात ने भारतीय विनिर्माण उद्योग पर गहरा प्रहार किया है।</p>
<ul>
<li>गुजरात के स्टेनलेस स्टील उद्योग का उदाहरण इस समस्या को स्पष्ट करता है।</li>
<li>यहां चीन से आयातित सस्ती वस्तुओं के कारण एक तिहाई एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) बंद हो गए हैं।</li>
</ul>
<p>चीन से आयातित वस्तुओं की गुणवत्ता और कीमत के कारण भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। कई उद्योगों में उत्पादन लागत को कम करने के प्रयासों के बावजूद, चीन के उत्पाद बाजार पर हावी हैं।</p>
<p><strong>विफल नीतियां और निजी निवेश की कमी</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मेक इन इंडिया योजना के तहत निजी निवेश आकर्षित करने में सरकार बुरी तरह विफल रही है। हालांकि कर कटौती और अन्य प्रोत्साहनों की घोषणाएं की गईं, लेकिन इनका असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आया। बड़े उद्योगों ने मेक इन इंडिया के तहत निवेश करने से परहेज किया, क्योंकि नीति निर्माण में पारदर्शिता की कमी रही।</p>
<p>जयराम रमेश ने इस योजना की विफलता को &#8220;मेक-बिलीव इन इंडिया&#8221; करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रचार से अधिक कुछ नहीं है। इसके विपरीत, उन्होंने 2005-2015 के दशक को भारत के निर्यात के लिए एक स्वर्णिम युग बताया। उस समय भारत का वैश्विक व्यापार में हिस्सा तेजी से बढ़ा, जो मुख्यतः डॉ. मनमोहन सिंह की नीतियों का परिणाम था।</p>
<p><strong>भविष्य की राह: समाधान क्या हो सकते हैं?</strong></p>
<p>भारत को अपनी विनिर्माण क्षमता और निर्यात वृद्धि को पुनर्जीवित करने के लिए नीतिगत बदलावों की सख्त जरूरत है।</p>
<p><strong>1. स्थानीय उद्योगों को संरक्षण</strong><br />
भारत को चीन से आयातित सस्ती वस्तुओं पर निर्भरता कम करनी होगी। इसके लिए आयात पर शुल्क बढ़ाना और घरेलू उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रोत्साहन देना जरूरी है।</p>
<p><strong>2. तकनीकी सुधार और निवेश</strong><br />
उत्पादन प्रक्रियाओं में तकनीकी सुधार के साथ-साथ अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) पर जोर देना होगा। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।</p>
<p><strong>3. एमएसएमई का सशक्तिकरण</strong><br />
छोटे और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें वित्तीय सहायता, आसान ऋण और वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करनी होगी।</p>
<p><strong>4. विदेशी निवेश को आकर्षित करना</strong><br />
विदेशी निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए पारदर्शी और स्थिर नीतियों की जरूरत है। साथ ही, निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाना होगा।</p>
<p style="padding-left: 40px;"><strong>5. रोजगार-प्रधान क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना</strong><br />
वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर और अन्य रोजगार-प्रधान क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना होगा। इन क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां बनानी होंगी।</p>
<p>मेक इन इंडिया योजना अपने आरंभ से ही एक महत्वाकांक्षी प्रयास रही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में सरकार असफल रही है। दस साल बाद भी, यह योजना न तो रोजगार सृजन में सफल हो पाई और न ही भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर पाई।</p>
<p>आज भारत के लिए यह आवश्यक है कि वह इन विफलताओं से सबक ले और अपनी नीतियों को वास्तविकता के अनुरूप बनाए। मेक इन इंडिया को केवल एक प्रचार अभियान से आगे बढ़ाकर ठोस आर्थिक सुधारों का आधार बनाना होगा। यदि समय रहते यह कदम नहीं उठाए गए, तो भारत के आर्थिक विकास को भारी नुकसान हो सकता है।</p>
<p>मेक इन इंडिया का सपना साकार करने के लिए सरकार को अब जमीनी सच्चाई पर काम करना होगा। तभी यह योजना भारत के विकास का आधार बन सकेगी, अन्यथा यह केवल एक अधूरा वादा बनकर रह जाएगी।</p>
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		<title>कांग्रेस कार्यसमिति का ऐलान: केंद्र सरकार पर हमला, संगठन की मजबूती और राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/announcement-of-congress-working-committee-attack-on-central-government-strengthening-of-the-organization-and-preparation-national-movement/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Nov 2024 15:15:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रभात भारत विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Announcement of Congress Working Committee: Attack on Central Government]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 29 नवंबर। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की एक अहम बैठक आयोजित</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/announcement-of-congress-working-committee-attack-on-central-government-strengthening-of-the-organization-and-preparation-national-movement/">कांग्रेस कार्यसमिति का ऐलान: केंद्र सरकार पर हमला, संगठन की मजबूती और राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 29 नवंबर। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में देश के समक्ष खड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही, पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए संगठन को सशक्त बनाने और जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति तैयार की।</p>
<p><strong>मोदी सरकार पर तीखे प्रहार</strong></p>
<p>कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। हाल ही में एक बड़े उद्योगपति समूह से जुड़े भ्रष्टाचार के खुलासे पर चर्चा करते हुए कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री के &#8220;निकटतम संबंधों&#8221; से जोड़ा और उनकी नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए। मणिपुर में महीनों से जारी हिंसा पर प्रधानमंत्री की चुप्पी और राज्य का दौरा तक न करने को &#8220;राष्ट्रीय कर्तव्य से पलायन&#8221; करार दिया गया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-4237 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041.jpg" alt="" width="1066" height="1600" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041.jpg 1066w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041-200x300.jpg 200w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041-682x1024.jpg 682w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041-768x1153.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041-1023x1536.jpg 1023w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0041-1024x1537.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1066px) 100vw, 1066px" /></p>
<p>पार्टी ने भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए सुनियोजित प्रयास करने का आरोप लगाया, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए। कांग्रेस का मानना है कि इन घटनाओं से समाज में अस्थिरता बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बन सकती है।</p>
<p><strong>सांप्रदायिक सौहार्द और पूजा स्थल अधिनियम पर जोर</strong></p>
<p>बैठक में कांग्रेस ने पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अधिनियम को देश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए, कांग्रेस ने भाजपा पर इसे कमजोर करने के प्रयास का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि यह कानून संविधान की भावना का प्रतिनिधित्व करता है और इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास को रोका जाएगा।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-4239 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0029-1-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0029-1-scaled.jpg 2560w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0029-1-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>चुनाव परिणामों की समीक्षा और संगठनात्मक सुधार का संकल्प</strong></p>
<p>चार प्रमुख राज्यों में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों और वायनाड उपचुनाव के परिणामों पर विचार करते हुए, कांग्रेस ने अपनी सफलता और असफलताओं दोनों का आकलन किया। वायनाड में प्रियंका गांधी वाड्रा की भारी जीत को कांग्रेस ने जनता और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।</p>
<p>झारखंड और जम्मू-कश्मीर में गठबंधन की सफलता को महत्वपूर्ण बताते हुए पार्टी ने जनता के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के अपने वादे को दोहराया और केंद्र सरकार से इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की मांग की।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-4238 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1440" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-scaled.jpg 2560w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-300x169.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-1024x576.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-768x432.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-1536x864.jpg 1536w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241129-WA0045-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>हालांकि, हरियाणा और महाराष्ट्र में पार्टी के प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की गई। कार्यसमिति ने हरियाणा में पार्टी की हार के लिए आंतरिक कमजोरियों और बाहरी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया। महाराष्ट्र के नतीजों को &#8220;चौंकाने वाला&#8221; करार देते हुए, कांग्रेस ने इन परिणामों को &#8220;चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर&#8221; का परिणाम बताया।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी राज्यों में संगठनात्मक ढांचे की गहन समीक्षा का ऐलान किया और कहा कि कमजोरियों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p><strong>जनता से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का एजेंडा</strong></p>
<p>कांग्रेस कार्यसमिति ने भारत जोड़ो यात्रा और लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान उठाए गए मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इन मुद्दों में जाति जनगणना को प्राथमिकता देते हुए, कांग्रेस ने इसे &#8220;पूर्ण सामाजिक न्याय&#8221; सुनिश्चित करने का एक आवश्यक कदम बताया। पार्टी ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण पर 50% की सीमा को हटाने की मांग की।</p>
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<p>इसके अलावा, बढ़ती बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि और अर्थव्यवस्था में एकाधिकार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आह्वान किया गया। कांग्रेस का कहना है कि ये मुद्दे सीधे तौर पर जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं और इनके समाधान के लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।</p>
<p><strong>चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल</strong></p>
<p>बैठक में चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पक्षपात की झलक मिलती है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया खतरे में पड़ रही है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।</p>
<p>कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी धांधली और पक्षपात लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के लिए खतरनाक हैं। पार्टी ने सभी संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।</p>
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<p><strong>राष्ट्रीय आंदोलन का ऐलान</strong></p>
<p>कांग्रेस कार्यसमिति ने देश में बढ़ती सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक असमानताओं को लेकर &#8220;राष्ट्रीय आंदोलन&#8221; शुरू करने का निर्णय लिया। इस आंदोलन के तहत पार्टी जनता से सीधे संवाद करेगी और जनचिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।</p>
<p>पार्टी का मानना है कि यह आंदोलन न केवल जनता के मुद्दों को उजागर करेगा, बल्कि सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा। कांग्रेस कार्यसमिति ने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।</p>
<p><strong>भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर जोर</strong></p>
<p>बैठक के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी को अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ने के लिए पूरी ताकत झोंकनी होगी। उन्होंने कहा, &#8220;यह समय निराशा का नहीं, बल्कि नए उत्साह और जोश के साथ आगे बढ़ने का है।&#8221;</p>
<p>कार्यसमिति ने सभी राज्यों में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने, संगठन को एकजुट करने और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
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<p><strong>एकता और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की अपील</strong></p>
<p>कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी हर परिस्थिति में देश के लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यसमिति ने कहा कि यह समय चुनौतियों का सामना करने और जनता के साथ खड़े होने का है।</p>
<p>कांग्रेस ने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी के लिए नई रणनीतियों और नीतियों की आवश्यकता है। कार्यसमिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के समर्थन से कांग्रेस इन चुनौतियों का सामना करेगी और देश में सकारात्मक बदलाव लाएगी।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पारित यह प्रस्ताव न केवल पार्टी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा को दर्शाता है, बल्कि देश के समक्ष खड़ी चुनौतियों पर भी प्रकाश डालता है। यह बैठक आने वाले दिनों में कांग्रेस की राजनीति और रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/announcement-of-congress-working-committee-attack-on-central-government-strengthening-of-the-organization-and-preparation-national-movement/">कांग्रेस कार्यसमिति का ऐलान: केंद्र सरकार पर हमला, संगठन की मजबूती और राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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