<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>make in india Archives - Prabhat Bharat</title>
	<atom:link href="https://www.prabhatbharat.com/tag/make-in-india/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.prabhatbharat.com/tag/make-in-india/</link>
	<description>जड़ से जहाँ तक</description>
	<lastBuildDate>Wed, 04 Dec 2024 17:21:37 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>भारतीय सेना में निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक एंट्री, ASMI ने उजी और MP5 को पछाड़ा</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/historic-entry-of-private-sector-in-indian-army-asmi-beats-uzi-and-mp5/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/historic-entry-of-private-sector-in-indian-army-asmi-beats-uzi-and-mp5/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 17:21:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Army]]></category>
		<category><![CDATA[make in india]]></category>
		<category><![CDATA[PMO India]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4339</guid>

					<description><![CDATA[<p>भारतीय सेना में निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक एंट्री नई दिल्ली/हैदराबाद 4 दिसंबर। हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/historic-entry-of-private-sector-in-indian-army-asmi-beats-uzi-and-mp5/">भारतीय सेना में निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक एंट्री, ASMI ने उजी और MP5 को पछाड़ा</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भारतीय सेना में निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक एंट्री</strong></p>
<p>नई दिल्ली/हैदराबाद 4 दिसंबर। हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित कंपनी लोकेश मशीन्स लिमिटेड ने भारतीय सेना के लिए एक ऐसा हथियार विकसित किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त उजी और MP5 जैसी सबमशीन गन को मात दी है। यह बंदूक, जिसे ASMI नाम दिया गया है, न केवल स्वदेशी है, बल्कि यह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा डिजाइन, विकसित और निर्मित पहली हथियार प्रणाली भी है।</p>
<p>कंपनी को भारतीय सेना की उत्तरी कमान से 4.26 करोड़ रुपये मूल्य की 550 ASMI सबमशीन गन (SMG) का ऑर्डर मिला था। इसे कंपनी ने 28 सितंबर, 2024 की समय सीमा से पहले पूरा कर लिया। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि सेना में आमतौर पर आयातित हथियारों या सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<p>ASMI, जिसका संस्कृत में अर्थ है &#8220;साहस और गर्व,&#8221; अपने डिजाइन और प्रदर्शन के कारण उजी (इज़राइल वेपन इंडस्ट्रीज) और MP5 (जर्मनी की हेकलर एंड कोच) को पीछे छोड़ने में सफल रही। लोकेश मशीन्स लिमिटेड के निदेशक एम. श्रीनिवास ने बताया, &#8220;ASMI ने सटीकता और विश्वसनीयता के मामले में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को हराया। यह भारत में हथियार निर्माण के क्षेत्र में एक नया अध्याय है।&#8221;</p>
<figure id="attachment_4340" aria-describedby="caption-attachment-4340" style="width: 1080px" class="wp-caption alignnone"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-4340" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI.jpg" alt="" width="1080" height="1422" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI.jpg 1080w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI-228x300.jpg 228w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI-778x1024.jpg 778w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI-768x1011.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221432_TOI-1024x1348.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /><figcaption id="caption-attachment-4340" class="wp-caption-text">कर्नल प्रसाद बंसोड़, जो एआरडीई में प्रतिनियुक्ति पर थे, ने सेना से मिली जानकारी के आधार पर एएसएमआई को डिजाइन किया। (फोटो: एडीजी पीआई- भारतीय सेना)</figcaption></figure>
<p><strong>ASMI का डिज़ाइन और निर्माण</strong></p>
<p>ASMI के विकास के पीछे एक लंबी प्रक्रिया है। कंपनी ने पुणे स्थित आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) और भारतीय सेना से मूल डिजाइन प्राप्त किया। इस डिजाइन को लोकेश मशीन्स ने अपने हैदराबाद प्लांट में और विकसित किया। 2020 में, पहला प्रोटोटाइप केवल तीन महीने में तैयार कर लिया गया।</p>
<p>ARDE द्वारा किए गए कठोर परीक्षणों के बाद इस हथियार को मंजूरी मिली। इन परीक्षणों में ड्रॉप टेस्ट, मौसम परीक्षण, मिट्टी परीक्षण, और 2,400 राउंड का विश्वसनीयता परीक्षण शामिल थे। श्रीनिवास ने बताया, &#8220;हमने इसे केवल छह महीने में विकसित किया, लेकिन लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अधिक समय लगा।&#8221;</p>
<p><strong>ASMI की विशेषताएं</strong></p>
<p>ASMI एक 9&#215;19 मिमी कैलिबर सबमशीन गन है, जिसका वजन 2.4 किलोग्राम से कम है। यह इसे उजी और MP5 की तुलना में 10-15% हल्का बनाता है। इसके अलावा, यह 30% तक सस्ता है, जिसकी कीमत 1 लाख रुपये से भी कम है।</p>
<ul>
<li>यह एयरोस्पेस ग्रेड एल्युमीनियम से बना है और इसमें सिंगल यूनीबॉडी रिसीवर है।</li>
<li>इसमें तीन मोड हैं: सुरक्षा, सिंगल शॉट और ऑटो।</li>
<li>यह 800 राउंड प्रति मिनट की दर से फायर करता है और इसकी मैगजीन क्षमता 32 राउंड है।</li>
<li>यह स्थानीय रूप से निर्मित गोला-बारूद के साथ-साथ NATO मानक गोला-बारूद के लिए भी उपयुक्त है।</li>
<li>फोल्डेबल बट इसे एर्गोनॉमिक रूप से कॉम्पैक्ट और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाती है।</li>
</ul>
<p>श्रीनिवास ने कहा, &#8220;यह न केवल हल्का और मजबूत है, बल्कि भारतीय सेना के परीक्षणों में इसकी सटीकता भी साबित हो चुकी है।&#8221;</p>
<p><strong>आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम</strong></p>
<p>लोकेश मशीन्स ने यह कदम 2015-2019 के बीच उठाया, जब ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी से जूझ रहा था। कंपनी ने ऑटोमोटिव उद्योग पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए रक्षा क्षेत्र में कदम रखा।</p>
<figure id="attachment_4342" aria-describedby="caption-attachment-4342" style="width: 2560px" class="wp-caption alignnone"><img decoding="async" class="size-full wp-image-4342" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1609" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-scaled.jpg 2560w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-300x188.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-1024x643.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-768x483.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-1536x965.jpg 1536w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241204_221420_TOI-1-2048x1287.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /><figcaption id="caption-attachment-4342" class="wp-caption-text">एएसएमआई प्रति मिनट 800 राउंड की दर से फायर करता है और इसकी मैगजीन क्षमता 32 राउंड की है (फोटो: एडीजी पीआई &#8211; इंडियन आर्मी)</figcaption></figure>
<p><strong>हथियार निर्माण में लोकेश मशीन्स का भविष्य</strong></p>
<p>ASMI की सफलता के बाद, लोकेश मशीन्स ने छोटे हथियारों के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने स्वदेशी रूप से 7.62&#215;51 मिमी बेल्ट-फेड लाइट मशीन गन (LMG) विकसित की है, जिसकी रेंज 800 मीटर है।</p>
<p>इसके अलावा, कंपनी ने 7.62&#215;51 मिमी बेल्ट-फेड सामान्य प्रयोजन मशीन गन (GPMG) भी डिजाइन की है। इस GPMG की रेंज 1,000 मीटर है, जिसे बैरल की लंबाई बढ़ाकर 1,200 मीटर तक किया जा सकता है। GPMG को सेना, नौसेना और वायुसेना द्वारा टैंकों, विमानों, जीपों और जहाजों पर उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। श्रीनिवास ने बताया, &#8220;यह GPMG ड्रोन को मार गिराने के लिए भी इस्तेमाल हो सकती है।&#8221;</p>
<p><strong>NSG और असम राइफल्स की पसंद</strong></p>
<p>ASMI ने भारतीय सेना के अलावा, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और असम राइफल्स का भी ध्यान खींचा है। NSG ने पहले ही इसका पायलट परीक्षण किया है, और असम राइफल्स ने इसे अपने शस्त्रागार में शामिल करने के लिए मंजूरी दे दी है।</p>
<p><strong>लोकेश मशीन्स: इंजीनियरिंग का लंबा इतिहास</strong></p>
<p>लोकेश मशीन्स का इतिहास इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार से भरा है। 1996 में, कंपनी ने CNC मशीनों का निर्माण शुरू किया। महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों के लिए इंजन ब्लॉक बनाने से लेकर अब भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार बनाने तक का यह सफर प्रेरणादायक है।</p>
<p>महिंद्रा ने अपनी स्कॉर्पियो लाइन के लॉन्च के समय लोकेश मशीन्स के इंजन ब्लॉक का उपयोग किया। आज, यह कंपनी प्रतिदिन 1,000 से अधिक इंजन ब्लॉक बनाती है।</p>
<p><strong>वैश्विक हथियार बाजार में भारत की पहचान</strong></p>
<p>ASMI की सफलता ने न केवल भारत में आत्मनिर्भरता को बल दिया है, बल्कि वैश्विक हथियार बाजार में भारतीय कंपनियों की उपस्थिति को भी मजबूत किया है। लोकेश मशीन्स अब अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर निर्यात करने की योजना बना रही है।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष &#8220;आत्मनिर्भर भारत की उड़ान&#8221;</strong></p>
<p>ASMI की कहानी आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का उदाहरण है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका और स्वदेशी विकास की क्षमता को दर्शाती है। लोकेश मशीन्स की यह उपलब्धि भारतीय सेना के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही यह भारतीय उद्योग के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।</p>
<p>यह कहानी न केवल एक बंदूक की है, बल्कि एक ऐसे साहस और नवाचार की है जिसने भारत को अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माण के मंच पर सम्मानजनक स्थान दिलाया। ASMI ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता हो, तो भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में न केवल खड़ा हो सकता है, बल्कि जीत भी सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/historic-entry-of-private-sector-in-indian-army-asmi-beats-uzi-and-mp5/">भारतीय सेना में निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक एंट्री, ASMI ने उजी और MP5 को पछाड़ा</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/historic-entry-of-private-sector-in-indian-army-asmi-beats-uzi-and-mp5/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अगर एक दशक में नहीं हुआ ये काम तो अमेरिका जैसे देश तय करेंगे भारत का राजनीतिक परिदृश्य</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/if-this-work-is-not-done-in-a-decade-then-countries-like-america-will-decide-the-political-scenario-of-india/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/if-this-work-is-not-done-in-a-decade-then-countries-like-america-will-decide-the-political-scenario-of-india/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Nov 2024 00:17:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Facebook]]></category>
		<category><![CDATA[If this work is not done in a decade then countries like America will decide the political scenario of India]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[make in india]]></category>
		<category><![CDATA[PMO India]]></category>
		<category><![CDATA[Twitter]]></category>
		<category><![CDATA[X]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4101</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, (विजय कुमार)। आज के दौर में, भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/if-this-work-is-not-done-in-a-decade-then-countries-like-america-will-decide-the-political-scenario-of-india/">अगर एक दशक में नहीं हुआ ये काम तो अमेरिका जैसे देश तय करेंगे भारत का राजनीतिक परिदृश्य</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, (विजय कुमार)। आज के दौर में, भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स केवल संवाद के साधन नहीं रह गए हैं। ये एक ऐसा माध्यम बन चुके हैं, जो सूचनाओं के प्रसारण, विचारों के आदान-प्रदान, और राय बनाने में गहरा प्रभाव डालता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, ट्विटर जैसे अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज भारत के डिजिटल स्पेस में छाए हुए हैं, जिनसे देश की संप्रभुता और लोकतंत्र के लिए कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। यदि जल्द ही भारत अपने सोशल नेटवर्क और इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का निर्माण नहीं करता है, तो यह संभव है कि भविष्य में विदेशी शक्तियाँ हमारे चुनावी निर्णयों में हस्तक्षेप कर सकेंगी।</p>
<p>आइए देखें कि भारत के नागरिकों के जीवन पर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का क्या प्रभाव पड़ता है, और यह भी कि भारतीय प्लेटफॉर्म्स का निर्माण क्यों जरूरी है।</p>
<p><strong>सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग ऐप्स का प्रभाव: हर मोबाइल धारक से लेकर समाज तक</strong></p>
<p>भारत में लगभग हर एंड्रॉयड मोबाइल धारक किसी न किसी सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। चाहे वह व्हाट्सएप हो, फेसबुक हो, या इंस्टाग्राम, देश का हर कोना इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जहाँ अन्य तकनीकी सेवाओं की पहुंच सीमित है, वहाँ भी मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया ने एक नई क्रांति पैदा की है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत में मोबाइल और इंटरनेट की पहुंच व्यापक है और कम लागत पर उपलब्ध है।</p>
<p>सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्मों ने न केवल लोगों को अपनी राय व्यक्त करने का एक साधन दिया है, बल्कि ये प्लेटफार्म अब हमारे समाज, राजनीति और व्यक्तिगत विचारों को भी आकार देने लगे हैं। उदाहरण के लिए, कोई भी नया विचार, नीति या राजनीतिक आंदोलन सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत जनता के बीच पहुँच सकता है। इससे लोगों के विचारों और प्राथमिकताओं में तेजी से बदलाव देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>सोशल मीडिया का राजनीतिक प्रभाव और चुनावी परिणामों पर इसका असर</strong></p>
<p>भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों पर सोशल मीडिया का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। राजनीतिक पार्टियां इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग अपने प्रचार के लिए करती हैं, और इनमें फैले विचार और मुद्दे लोगों की राय को प्रभावित करते हैं। हालांकि, अगर ये प्लेटफॉर्म विदेशी नियंत्रण में हैं, तो इसमें एक बड़ी समस्या हो सकती है। हाल ही के वर्षों में विभिन्न देशों में यह देखा गया है कि चुनावी अभियानों में सोशल मीडिया का दुरुपयोग हो सकता है। अमेरिका, ब्राज़ील, और यूके जैसे देशों में यह देखा गया कि गलत सूचनाओं और दुष्प्रचार के माध्यम से चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।</p>
<p>भारत में भी यह आशंका है कि यदि सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म विदेशी नियंत्रण में रहे तो भविष्य में चुनावी प्रक्रियाओं पर बाहरी हस्तक्षेप बढ़ सकता है। यह एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की पहुँच अब केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं है। गाँव और छोटे शहरों में भी लोग इन प्लेटफार्म्स का उपयोग करते हैं और इनके द्वारा प्रसारित जानकारी को सत्य मान लेते हैं। ऐसी स्थिति में, बाहरी ताकतों द्वारा प्रसारित कोई भी असत्य या भ्रामक जानकारी सीधे तौर पर जनता की राय और चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।</p>
<p><strong>मेक इन इंडिया का महत्व और गुणवत्ता का प्रश्न</strong></p>
<p>भारत में &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; और &#8220;आत्मनिर्भर भारत&#8221; जैसे अभियानों का उद्देश्य देश में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का निर्माण करना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। लेकिन जब बात सोशल नेटवर्किंग और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स की आती है, तो &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; की असल चुनौती यह होती है कि हमें केवल एक प्लेटफॉर्म बनाना नहीं है बल्कि उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारना है। कई लोग इस अभियान का समर्थन करते हैं, परन्तु कुछ ऐसे लोग भी हैं जो गुणवत्ता की अनदेखी करते हैं और दोयम दर्जे के उत्पाद पेश करते हैं। इस स्थिति में यह जरूरी है कि &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; का असली मतलब केवल &#8216;भारत में बना हुआ&#8217; नहीं बल्कि &#8216;उच्च गुणवत्ता का और सुरक्षित&#8217; हो।</p>
<p>उदाहरण के लिए, हाल ही में लॉन्च हुए कुछ भारतीय ऐप्स जैसे कि कू (Koo) और सांदेस को पर्याप्त समर्थन तो मिला है, लेकिन उनकी उपयोगिता और फीचर्स में अभी भी सुधार की आवश्यकता है। यदि ये ऐप्स और प्लेटफॉर्म विदेशी प्लेटफार्म्स का उचित विकल्प बनना चाहते हैं, तो उन्हें वैश्विक मानकों के हिसाब से बनाना आवश्यक है।</p>
<p><strong>एफडीआई और डेटा सुरक्षा: एक अन्य चुनौती</strong></p>
<p>भारत में एफडीआई (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) बढ़ने के कारण विदेशी टेक कंपनियों का प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है। यह भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे रोजगार और तकनीकी ज्ञान की उपलब्धता में वृद्धि होती है। लेकिन इसके साथ ही एक गंभीर समस्या यह भी है कि इन विदेशी कंपनियों के पास भारतीय उपभोक्ताओं का डेटा होता है, जिसे वे अपने हिसाब से उपयोग कर सकती हैं।</p>
<p>डेटा सुरक्षा के इस मुद्दे के कारण यह आवश्यक हो गया है कि भारत में ऐसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स का निर्माण किया जाए, जिनके डेटा स्टोरेज और गोपनीयता नीतियाँ पूरी तरह से भारतीय कानूनों के तहत संचालित हों। यह देश की संप्रभुता और जनता की गोपनीयता की रक्षा के लिए आवश्यक है। यदि भारत के पास अपने प्लेटफार्म होंगे, तो न केवल हमारा डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि बाहरी नियंत्रण का खतरा भी कम होगा।</p>
<p><strong>भारतीय सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म का निर्माण क्यों अनिवार्य है?</strong></p>
<p>भारत में डिजिटल स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का निर्माण आवश्यक है। इससे देश के नागरिकों के पास अपनी स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा का साधन होगा।</p>
<p>वर्तमान में, भारतीय टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के पास पर्याप्त कौशल और संसाधन हैं, लेकिन उनका सही दिशा में उपयोग करने की आवश्यकता है। सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर एक ठोस नीति बनानी चाहिए, जिसमें भारतीय सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स को विकास के लिए आर्थिक सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान की जा सके।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष &#8220;एक आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम&#8221;</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत के पास डिजिटल आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का यह एक सुनहरा अवसर है। इसके लिए आवश्यक है कि हम गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग प्लेटफार्म्स का निर्माण करें, जो विदेशी प्लेटफार्म्स का वास्तविक विकल्प बन सकें।</p>
<p>इस दिशा में सरकार को भी ऐसी नीतियाँ लागू करनी होंगी जो भारतीय कंपनियों को प्रोत्साहित करें और विदेशी कंपनियों के डेटा संग्रहण और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखें।</p>
<p>यदि भारत इस लक्ष्य को हासिल करता है, तो यह न केवल देश के आर्थिक और राजनीतिक हितों की रक्षा करेगा बल्कि भारतीय समाज और लोकतंत्र के स्वतंत्रता की दिशा में भी एक बड़ा कदम होगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/if-this-work-is-not-done-in-a-decade-then-countries-like-america-will-decide-the-political-scenario-of-india/">अगर एक दशक में नहीं हुआ ये काम तो अमेरिका जैसे देश तय करेंगे भारत का राजनीतिक परिदृश्य</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/if-this-work-is-not-done-in-a-decade-then-countries-like-america-will-decide-the-political-scenario-of-india/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
