<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Gonda Archives - Prabhat Bharat</title>
	<atom:link href="https://www.prabhatbharat.com/tag/gonda/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.prabhatbharat.com/tag/gonda/</link>
	<description>जड़ से जहाँ तक</description>
	<lastBuildDate>Fri, 19 Sep 2025 12:04:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>
	<item>
		<title>गोण्डा में ‘वृक्ष उत्पादक मेला’ का भव्य आयोजन</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/vriksh-utpadak-mela-gonda/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/vriksh-utpadak-mela-gonda/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Sep 2025 12:04:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[#Narendramodi]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[bjp gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Cm Yogi Adityanath]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[kirti vardhan singh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=5371</guid>

					<description><![CDATA[<p>किसानों को मिला साझा मंच, वृक्ष आधारित खेती की ओर बढ़े कदम गोण्डा, 19 सितम्बर 2025। जिला पंचायत</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/vriksh-utpadak-mela-gonda/">गोण्डा में ‘वृक्ष उत्पादक मेला’ का भव्य आयोजन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;" data-start="320" data-end="761"><span style="color: #993300;"><strong>किसानों को मिला साझा मंच, वृक्ष आधारित खेती की ओर बढ़े कदम</strong></span></p>
<p data-start="320" data-end="761"><strong data-start="320" data-end="348">गोण्डा, 19 सितम्बर 2025। </strong>जिला पंचायत सभागार, गोण्डा का प्रांगण शुक्रवार को किसानों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति से खचाखच भरा हुआ था। अवसर था <strong data-start="488" data-end="512">“वृक्ष उत्पादक मेला”</strong> का, जिसका आयोजन पर्यावरण संरक्षण, वृक्ष आधारित खेती और किसानों की आय वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता गोण्डा सांसद एवं भारत सरकार के <strong data-start="674" data-end="752">केंद्रीय राज्य मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश मंत्रालय</strong> ने की।</p>
<p data-start="763" data-end="976">यह मेला केवल गोण्डा तक सीमित नहीं रहा बल्कि आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान यहाँ पहुँचे। उन्होंने न केवल अपने अनुभव साझा किए, बल्कि वृक्ष आधारित कृषि को अपनाने की दिशा में नए संकल्प भी लिए।</p>
<h3 data-start="983" data-end="1037">कार्यक्रम की भव्यता और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी</h3>
<p data-start="1038" data-end="1324">कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मनकापुर विधायक <strong data-start="1090" data-end="1114">श्री रमापति शास्त्री</strong>, तरबगंज विधायक <strong data-start="1130" data-end="1159">श्री प्रेम नारायण पाण्डेय</strong>, करनैलगंज विधायक <strong data-start="1177" data-end="1194">श्री अजय सिंह</strong> और गोण्डा/बलरामपुर से विधान परिषद सदस्य <strong data-start="1235" data-end="1275">श्री अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह</strong> की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।</p>
<p data-start="1326" data-end="1590">जिलाधिकारी <strong data-start="1337" data-end="1364">श्रीमती प्रियंका निरंजन</strong> ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिले में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कौन-कौन से प्रयास किए जा रहे हैं तथा भविष्य में किन योजनाओं को अमल में लाया जाएगा।</p>
<p data-start="1592" data-end="1732">भाजपा जिला महामंत्री <strong data-start="1613" data-end="1637">श्री जसवंत लाल सोनकर</strong> के साथ-साथ वन, कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।</p>
<p data-start="1592" data-end="1732"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-5372" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.16_c6fc514e.jpg" alt="" width="1280" height="784" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.16_c6fc514e.jpg 1280w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.16_c6fc514e-300x184.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.16_c6fc514e-1024x627.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.16_c6fc514e-768x470.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<h3 data-start="1739" data-end="1776">विभागीय जानकारी और तकनीकी सहयोग</h3>
<p data-start="1777" data-end="2083">वन विभाग, कृषि विभाग और उद्यान विभाग ने मेले में अपने-अपने स्टॉल लगाए, जहाँ किसानों को नवीनतम तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को यह बताया कि वृक्ष आधारित खेती को अपनाकर न केवल भूमि की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है, बल्कि लंबे समय तक स्थायी आमदनी भी सुनिश्चित की जा सकती है।</p>
<p data-start="2085" data-end="2386">वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वृक्ष उत्पादन केवल लकड़ी या फल-फूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का एक कारगर उपाय भी है। कृषि विभाग ने किसानों को यह बताया कि मिश्रित खेती और वृक्ष आधारित मॉडल से जोखिम कम होता है और बाजार में उत्पादों की विविधता बढ़ती है।</p>
<h3 data-start="2393" data-end="2428">प्रगतिशील किसानों की भागीदारी</h3>
<p data-start="2429" data-end="2765">इस मेले में गोण्डा और अन्य जनपदों से आए सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया। इनमें से कई किसान ऐसे थे, जिन्होंने वर्षों पहले वृक्ष आधारित खेती को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। कार्यक्रम के दौरान इन किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे आम, अमरूद, सहजन, शीशम, पॉपलर और बांस जैसे वृक्षों ने उनकी आजीविका को नई दिशा दी।</p>
<p data-start="2767" data-end="2997">कुछ किसानों ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को स्थानीय स्तर पर वृक्ष उत्पादों की खरीद की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही प्रसंस्करण केंद्रों और मूल्य निर्धारण प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके।</p>
<p data-start="2767" data-end="2997"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-5373" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.21_a0c4a126.jpg" alt="" width="1280" height="725" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.21_a0c4a126.jpg 1280w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.21_a0c4a126-300x170.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.21_a0c4a126-1024x580.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.21_a0c4a126-768x435.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<h3 data-start="3004" data-end="3037">प्रगतिशील किसानों का सम्मान</h3>
<p data-start="3038" data-end="3240">कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से में उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वृक्ष आधारित कृषि प्रणाली को अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया।</p>
<p data-start="3242" data-end="3409">सम्मानित किसानों को <strong data-start="3262" data-end="3293">प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र</strong> प्रदान किए गए। यह सम्मान उनके प्रयासों की पहचान मात्र नहीं थी, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी।</p>
<h3 data-start="3416" data-end="3462">सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री का संबोधन</h3>
<p data-start="3463" data-end="3943">मुख्य अतिथि एवं अध्यक्षता कर रहे <strong data-start="3496" data-end="3530">सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री</strong> ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्ष उत्पादन केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में यदि किसान वृक्षारोपण को अपनी खेती का हिस्सा बनाते हैं तो यह न केवल धरती के लिए फायदेमंद होगा बल्कि उनके परिवार की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।</p>
<p data-start="3945" data-end="4062">उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और प्रकृति संरक्षण की इस मुहिम में भागीदार बनें।</p>
<h3 data-start="4069" data-end="4092">स्टॉलों का अवलोकन</h3>
<p data-start="4093" data-end="4480">मेले के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर अधिकारियों और किसानों से जानकारी प्राप्त की। विभागीय योजनाओं की जानकारी और किसानों के सुझावों को सुनकर उन्होंने अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाना और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<h3 data-start="4487" data-end="4524">कार्यक्रम के उद्देश्य और प्रभाव</h3>
<p data-start="4525" data-end="4724">“वृक्ष उत्पादक मेला” का मुख्य उद्देश्य किसानों को वृक्ष आधारित कृषि प्रणाली के महत्व से अवगत कराना था। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खेती केवल अनाज या पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।</p>
<p data-start="4726" data-end="4748">वृक्ष आधारित खेती से</p>
<ul data-start="4749" data-end="4955">
<li data-start="4749" data-end="4782">
<p data-start="4751" data-end="4782"><strong data-start="4751" data-end="4771">पर्यावरण संरक्षण</strong> होता है।</p>
</li>
<li data-start="4783" data-end="4832">
<p data-start="4785" data-end="4832"><strong data-start="4785" data-end="4802">जलवायु संतुलन</strong> बनाए रखने में मदद मिलती है।</p>
</li>
<li data-start="4833" data-end="4890">
<p data-start="4835" data-end="4890">किसान को <strong data-start="4844" data-end="4869">अतिरिक्त और स्थायी आय</strong> का स्रोत मिलता है।</p>
</li>
<li data-start="4891" data-end="4955">
<p data-start="4893" data-end="4955">भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और कटाव की समस्या कम होती है।</p>
</li>
</ul>
<h3 data-start="4962" data-end="4992">किसानों की प्रतिक्रियाएँ</h3>
<p data-start="4993" data-end="5174">मेले में शामिल कई किसानों ने कार्यक्रम को सराहनीय बताया। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें न केवल नई जानकारियाँ मिलती हैं बल्कि अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलता है।</p>
<p data-start="5176" data-end="5408">बहराइच से आए एक किसान ने कहा, <em data-start="5206" data-end="5406">“मैंने पाँच साल पहले सहजन और पॉपलर की खेती शुरू की थी। आज उससे मुझे सालाना लाखों की आमदनी हो रही है। इस मेले में आकर मुझे और तकनीकी जानकारी मिली है, जिसे अपनाकर मैं आगे अपनी खेती का विस्तार करूंगा।”</em></p>
<p data-start="5410" data-end="5550">वहीं गोंडा के ही एक किसान ने कहा कि सरकार को वृक्ष उत्पादों की स्थानीय खरीद प्रणाली विकसित करनी चाहिए, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।</p>
<p data-start="5410" data-end="5550"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-5374" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.36_bab5c4df.jpg" alt="" width="1280" height="680" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.36_bab5c4df.jpg 1280w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.36_bab5c4df-300x159.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.36_bab5c4df-1024x544.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-19-at-12.39.36_bab5c4df-768x408.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<h3 data-start="5557" data-end="5577">भविष्य की दिशा</h3>
<p data-start="5578" data-end="5882">जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में वृक्ष आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं को इस प्रकार लागू किया जाएगा कि अधिक से अधिक किसान इससे लाभ उठा सकें।</p>
<p data-start="5884" data-end="6091">उन्होंने यह भी बताया कि जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर तक समितियाँ गठित की जाएंगी। इससे किसानों को न केवल मार्गदर्शन मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान भी संभव हो सकेगा।</p>
<p data-start="6113" data-end="6323">गोण्डा में आयोजित <strong data-start="6131" data-end="6155">“वृक्ष उत्पादक मेला”</strong> ने यह साबित कर दिया कि यदि किसानों को सही जानकारी, तकनीकी सहयोग और प्रोत्साहन मिले तो वे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक उन्नति दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p data-start="6325" data-end="6487">यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि किसानों के लिए एक साझा मंच था, जहाँ उन्होंने अनुभव साझा किए, तकनीकी जानकारी प्राप्त की और भविष्य की राह तय की।</p>
<p data-start="6489" data-end="6692">मेले का समापन धन्यवाद ज्ञापन और प्रेरणादायक उद्बोधनों के साथ हुआ। इसमें किसानों ने यह संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाएंगे।</p>
<p data-start="6694" data-end="6780"><strong data-start="6694" data-end="6778">वृक्ष उत्पादक मेला किसानों के लिए आशा और प्रेरणा का नया स्रोत बनकर सामने आया है।</strong></p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/vriksh-utpadak-mela-gonda/">गोण्डा में ‘वृक्ष उत्पादक मेला’ का भव्य आयोजन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/vriksh-utpadak-mela-gonda/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुर्शिदाबाद हिंसा के खिलाफ गोंडा में गरजा भगवा: विश्व हिंदू परिषद का विशाल प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/saffron-roared-in-gonda-against-murshidabad-violence-vishwa-hindu-parishad-held-a-massive-demonstration-a-memorandum-was-submitted-to-the-president/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/saffron-roared-in-gonda-against-murshidabad-violence-vishwa-hindu-parishad-held-a-massive-demonstration-a-memorandum-was-submitted-to-the-president/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 08:06:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[a memorandum was submitted to the President]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Saffron roared in Gonda against Murshidabad violence: Vishwa Hindu Parishad held a massive demonstration]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=5120</guid>

					<description><![CDATA[<p>गोंडा 19 अप्रैल । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पूरे देश</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/saffron-roared-in-gonda-against-murshidabad-violence-vishwa-hindu-parishad-held-a-massive-demonstration-a-memorandum-was-submitted-to-the-president/">मुर्शिदाबाद हिंसा के खिलाफ गोंडा में गरजा भगवा: विश्व हिंदू परिषद का विशाल प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गोंडा 19 अप्रैल । </strong>पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पूरे देश में आक्रोश की लहर है, और अब इस आक्रोश की गूंज उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भी सुनाई देने लगी है। सोमवार को गोंडा जिले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाइक रैली और पैदल मार्च के जरिए मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की, और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।</p>
<p><strong>सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भगवा ध्वज के साथ किया कलेक्ट्रेट कूच</strong><br />
गोंडा शहर के विभिन्न हिस्सों से एकत्र होकर सैकड़ों की संख्या में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भगवा झंडे थामे हुए मोटरसाइकिलों और पैदल मार्च के जरिए कलेक्ट्रेट परिसर की ओर रवाना हुए। पूरे रास्ते में &#8216;ममता बनर्जी सरकार को बर्खास्त करो&#8217;, &#8216;हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो&#8217;, &#8216;मुर्शिदाबाद के हत्यारों को फांसी दो&#8217; जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों की ऊर्जा और आक्रोश यह स्पष्ट कर रहा था कि अब यह केवल एक राज्य विशेष की बात नहीं रही, बल्कि यह पूरे देश की अस्मिता का प्रश्न बन चुका है।</p>
<p><strong>मुर्शिदाबाद हिंसा पर केंद्रित रहा विरोध, राष्ट्रपति को ज्ञापन</strong><br />
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मुर्शिदाबाद में हिंदू समाज पर योजनाबद्ध ढंग से हिंसा की जा रही है। धार्मिक भावनाओं को आहत करने, हिंदू युवाओं की हत्या और मंदिरों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं सामान्य होती जा रही हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें सरेआम फांसी दी जाए ताकि देश में एक उदाहरण प्रस्तुत हो सके।</p>
<p><strong>विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक गुड्डू वर्मा की तीखी प्रतिक्रिया</strong><br />
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक राकेश कुमार उर्फ गुड्डू वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, <em>&#8220;यह हिंसा सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि भारत के हर हिंदू की आत्मा पर हमला है। हम ममता सरकार की मिलीभगत से हुई इस हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति ने इस पर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर फैलाया जाएगा।&#8221;</em> उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो देश के कोने-कोने में विशाल धरना प्रदर्शन की योजना बनाई जाएगी।</p>
<p><strong>शांति और अनुशासन में रहा प्रदर्शन, लेकिन भावनाएं उग्र</strong><br />
गोंडा में हुआ यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भावनाएं बेहद उग्र थीं। कई युवाओं ने तख्तियों पर &#8220;भारत माता की जय&#8221; और &#8220;हिंदू एकता जिंदाबाद&#8221; जैसे नारे लिखे थे। पूरे आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया था। किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधि न हो, इसके लिए मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ममता सरकार की बर्खास्तगी की मांग तेज</strong><br />
विरोध प्रदर्शन के केंद्र में ममता बनर्जी सरकार की भूमिका सबसे बड़ा मुद्दा रही। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि ममता सरकार केवल तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और हिंदू समाज की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशील है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बंगाल में दंगों को प्रायोजित किया जा रहा है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इसलिए यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत पश्चिम बंगाल की सरकार को बर्खास्त करे।</p>
<p><strong>प्रशासन से मिली-जुली प्रतिक्रिया, ज्ञापन पर कार्यवाही का भरोसा</strong><br />
गोंडा के सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन ग्रहण किया और आश्वासन दिया कि इसे यथाशीघ्र प्रदेश सरकार और फिर राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर नागरिक की भावनाओं और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की।</p>
<p><strong>बंगाल की राजनीति पर देशभर में उठे सवाल</strong><br />
गोंडा में हुआ यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बंगाल की घटनाओं पर अब देशभर के नागरिक न केवल चिंतित हैं, बल्कि आक्रोशित भी हैं। बंगाल की राजनीति में जिस प्रकार से हिंसा को एक औजार की तरह प्रयोग किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता को जिस तरह से रौंदा जा रहा है, उस पर अब चुप रहना देश के लिए खतरा बन सकता है।</p>
<p><strong>हिंदू संगठनों की चेतावनी: देशव्यापी आंदोलन की तैयारी</strong><br />
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने संकेत दिया है कि अगर आने वाले समय में पश्चिम बंगाल सरकार पर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वे देशव्यापी आंदोलन की ओर बढ़ेंगे। गोंडा से उठी यह चिंगारी अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है। इसके लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं और देश के कोने-कोने में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।</p>
<p><strong>क्या ममता सरकार पर होगा कोई असर?</strong><br />
गोंडा जैसे छोटे जिले से उठी आवाज अब राष्ट्रीय मंच पर गूंजने लगी है। हिंदू संगठनों की नाराजगी और आम जनता की भावनाएं यह स्पष्ट कर रही हैं कि पश्चिम बंगाल की हिंसा को लेकर देश अब चुप बैठने को तैयार नहीं। सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी सरकार इस जनआक्रोश को समझेगी, या फिर आने वाले दिनों में विरोध और अधिक तीव्र होगा?</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/saffron-roared-in-gonda-against-murshidabad-violence-vishwa-hindu-parishad-held-a-massive-demonstration-a-memorandum-was-submitted-to-the-president/">मुर्शिदाबाद हिंसा के खिलाफ गोंडा में गरजा भगवा: विश्व हिंदू परिषद का विशाल प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/saffron-roared-in-gonda-against-murshidabad-violence-vishwa-hindu-parishad-held-a-massive-demonstration-a-memorandum-was-submitted-to-the-president/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा में राजस्व विभाग की लापरवाही पर जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई: 11 लेखपालों पर विभागीय कार्यवाही, प्रमाण पत्र घोटाले की जांच तेज</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/district-magistrate-takes-major-action-on-the-negligence-of-revenue-department-in-gonda-departmental-action-on-11-lekhpals-investigation-of-certificate-scam-intensified/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/district-magistrate-takes-major-action-on-the-negligence-of-revenue-department-in-gonda-departmental-action-on-11-lekhpals-investigation-of-certificate-scam-intensified/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 12:52:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[District Magistrate takes major action on the negligence of Revenue Department in Gonda: Departmental action on 11 Lekhpals]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[investigation of certificate scam intensified]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<category><![CDATA[Upbjp]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=5097</guid>

					<description><![CDATA[<p>गोंडा, 14 अप्रैल। जनपद गोंडा में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को स्थापित करने के लिए जिलाधिकारी नेहा शर्मा</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/district-magistrate-takes-major-action-on-the-negligence-of-revenue-department-in-gonda-departmental-action-on-11-lekhpals-investigation-of-certificate-scam-intensified/">गोंडा में राजस्व विभाग की लापरवाही पर जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई: 11 लेखपालों पर विभागीय कार्यवाही, प्रमाण पत्र घोटाले की जांच तेज</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गोंडा, 14 अप्रैल।</strong> जनपद गोंडा में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को स्थापित करने के लिए जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। इस बार निशाने पर हैं वे राजस्व कर्मी—विशेषकर लेखपाल—जिन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के चयन में उपयोग हेतु <strong>गलत आय एवं निवास प्रमाण पत्र</strong> जारी किए। मामले की गहराई से जांच के बाद 11 लेखपालों की संलिप्तता सिद्ध हुई है, जिन पर अब विभागीय कार्यवाही शुरू की जा रही है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब जिले में चल रही आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें अभ्यर्थियों द्वारा गलत दस्तावेजों के आधार पर चयन में आगे बढ़ने की कोशिश की गई थी।</p>
<p>गौरतलब है कि <strong>समन्वित बाल विकास परियोजना (ICDS)</strong> के अंतर्गत जिले में <strong>231 रिक्त पदों</strong> के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी और जनसहभागिता पर आधारित रखने हेतु संभावित चयन सूची को सार्वजनिक सूचना पट पर प्रदर्शित किया था। इसका उद्देश्य था कि कोई भी नागरिक यदि किसी अभ्यर्थी के दस्तावेजों को संदिग्ध मानता है, तो वह आपत्ति दर्ज करा सके। इस पहल ने ही कई अनियमितताओं को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने प्राप्त आपत्तियों की गंभीरता से पड़ताल करते हुए दस्तावेजों का <strong>स्थलीय सत्यापन (Field Verification)</strong> कराया। इस प्रक्रिया में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने अपने चयन को सुनिश्चित करने के लिए फर्जी या गलत प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे, जिन्हें संबंधित क्षेत्र के लेखपालों द्वारा प्रमाणित किया गया था। यह कार्य न केवल आचरण नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इसने प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया।</p>
<p>जांच के दौरान <strong>12 मामलों</strong> की पहचान हुई, जिनमें संबंधित लेखपालों की भूमिका संदिग्ध नहीं, बल्कि प्रमाणित पाई गई। इनमें सदर तहसील से 6, मनकापुर से 1, तरबगंज से 3 और करनैलगंज से 2 प्रकरण शामिल हैं। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इस गंभीर लापरवाही को अनुशासनहीनता और प्रशासनिक कर्तव्य के प्रति असंवेदनशीलता की श्रेणी में मानते हुए दोषी लेखपालों के विरुद्ध <strong>विभागीय कार्यवाही</strong> का आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ चयन प्रक्रिया को दूषित करती हैं और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन करती हैं।</p>
<p>कार्रवाई की जद में आए लेखपालों में ऐसे नाम भी शामिल हैं जो वर्तमान में <strong>राजस्व निरीक्षक</strong> के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। इनमें <strong>राम बहादुर यादव</strong>, जो वर्तमान में हरदोई में प्रशिक्षणरत हैं, और <strong>ज्ञान प्रकाश मिश्रा</strong>, जो खिरौरा मोहन (सदर तहसील) में राजस्व निरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं, शामिल हैं। इसके अतिरिक्त <strong>रामनाथ</strong>, जो अब बलरामपुर जनपद की उतरौला तहसील में पदस्थ हैं, को भी कार्रवाई की सूची में शामिल किया गया है। शेष आठ लेखपाल वर्तमान में जिले के विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में तैनात हैं।</p>
<p>जिलाधिकारी ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए <strong>अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)</strong> को इस प्रकरण की <strong>साप्ताहिक समीक्षा</strong> करने और कार्यवाही की प्रगति पर <strong>प्रत्येक सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत</strong> करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि कार्रवाई केवल फॉर्मल ना रहे, बल्कि इसका निरंतर अनुश्रवण हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जा सके। इस प्रकार की मॉनिटरिंग शासन स्तर तक प्रशासन की पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा का स्पष्ट संकेत है।</p>
<p>डीएम नेहा शर्मा ने यह भी कहा कि प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही या कदाचार को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस प्रकार की अनियमितता की जाती है, तो उसके विरुद्ध <strong>कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई</strong> सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम अन्य कर्मियों के लिए एक चेतावनी है कि सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते समय ईमानदारी और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए।</p>
<p>इस पूरे मामले ने यह भी दर्शाया है कि चयन प्रक्रियाओं में सिर्फ अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि उनके दस्तावेजों को वैध ठहराने वाले कर्मियों की भी जवाबदेही तय करना आवश्यक है। यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि प्रदेश और देशभर में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी प्रश्न उठाती है। यदि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न की जाए, तो भ्रष्टाचार की जड़ें और मजबूत होती जाती हैं।</p>
<p>यह कार्रवाई एक <strong>नज़ीर</strong> के रूप में देखी जा रही है, जिससे अन्य जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी सबक ले सकते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि नेतृत्व इच्छाशक्ति रखता हो और शासन की नीतियों को सही रूप में लागू करना चाहता हो, तो भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है। डीएम नेहा शर्मा की यह कार्यवाही न केवल प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी है कि सरकारें अब भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल कर रही हैं।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/district-magistrate-takes-major-action-on-the-negligence-of-revenue-department-in-gonda-departmental-action-on-11-lekhpals-investigation-of-certificate-scam-intensified/">गोंडा में राजस्व विभाग की लापरवाही पर जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई: 11 लेखपालों पर विभागीय कार्यवाही, प्रमाण पत्र घोटाले की जांच तेज</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/district-magistrate-takes-major-action-on-the-negligence-of-revenue-department-in-gonda-departmental-action-on-11-lekhpals-investigation-of-certificate-scam-intensified/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा के राजकीय मेडिकल कॉलेज से रवाना हुई 108 व 102 एंबुलेंस की नई खेप, जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने दिखाई हरी झंडी </title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/a-new-batch-of-108-and-102-ambulances-departed-from-government-medical-college-gonda-district-magistrate-neha-sharma-flagged-off-the-ambulances/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/a-new-batch-of-108-and-102-ambulances-departed-from-government-medical-college-gonda-district-magistrate-neha-sharma-flagged-off-the-ambulances/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Apr 2025 06:24:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[A new batch of 108 and 102 ambulances departed from Government Medical College]]></category>
		<category><![CDATA[District Magistrate Neha Sharma flagged off the ambulances.]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=5056</guid>

					<description><![CDATA[<p>गोंडा 5 अप्रैल। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/a-new-batch-of-108-and-102-ambulances-departed-from-government-medical-college-gonda-district-magistrate-neha-sharma-flagged-off-the-ambulances/">गोंडा के राजकीय मेडिकल कॉलेज से रवाना हुई 108 व 102 एंबुलेंस की नई खेप, जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने दिखाई हरी झंडी </a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गोंडा 5 अप्रैल। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली जब राजकीय मेडिकल कॉलेज गोंडा से 108 एवं 102 सेवा की कुल 18 एंबुलेंस वाहनों को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता थी, बल्कि यह गोंडा की आम जनता के लिए सरकार द्वारा समर्पित एक सशक्त सन्देश भी था कि अब इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इन एंबुलेंसों के माध्यम से जनपद के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। 108 सेवा जहां इमरजेंसी केसों—जैसे दुर्घटनाएं, हृदयघात, प्रसव जैसी स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए जानी जाती है, वहीं 102 सेवा विशेषकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा के रूप में कार्यरत है। ऐसे में दोनों सेवाओं का विस्तार गोंडा जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जनपद के लिए एक वरदान सिद्ध होगा।</p>
<p><strong>जिलाधिकारी नेहा शर्मा की भूमिका</strong><br />
इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदया नेहा शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाएं तभी प्रभावशाली बन सकती हैं जब उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि 108 और 102 जैसी सेवाएं सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद जीवन रेखा हैं, जिनके जरिए हजारों परिवारों ने समय पर चिकित्सा सहायता पाकर अपने प्रियजनों की जान बचाई है। उन्होंने सभी एंबुलेंस चालकों और तकनीकी स्टाफ को निर्देशित किया कि वे निष्ठा और मानवता के भाव से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को समय पर सेवा मिले। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यह भी कहा कि प्रत्येक एंबुलेंस का ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय रहेगा और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उनकी निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>तकनीकी विशेषताएं और सेवा प्रबंधन</strong></p>
<p>108 और 102 एंबुलेंस में इस बार जो नया बदलाव किया गया है, वह तकनीकी रूप से अत्यंत सराहनीय है। इन एंबुलेंसों में आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों के साथ-साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस ट्रैकिंग, टेलीमेडिसिन सुविधा, और प्रशिक्षित EMT (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक एंबुलेंस में दो स्टाफ सदस्य होंगे—एक ड्राइवर और एक EMT—जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है कि वे कैसे मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले प्रारंभिक चिकित्सा सहायता दें। इसके अलावा इन वाहनों को जिला स्वास्थ्य समिति और इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स टीम द्वारा मॉनिटर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। सेवा की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में आमजन अपनी शिकायत सीधे जिला स्वास्थ्य विभाग को दे सके।</p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान</strong><br />
गोंडा जैसे जनपद में, जहां अभी भी कई गांव सड़क से कटे हुए हैं और परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां यह सेवा ग्रामीण जनता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल लाना अक्सर एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि होती है। अब 102 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से ऐसी महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं सड़क दुर्घटनाओं या दिल का दौरा जैसे आपातकालीन स्थितियों में 108 सेवा उस ‘गोल्डन ऑवर’ को बचाने में सहायक होगी जो किसी भी मरीज की जान बचाने में निर्णायक होती है। सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।</p>
<p><strong> जनता की प्रतिक्रिया और उम्मीदें</strong></p>
<p>स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं ने भी बताया कि पहले कई बार गांवों से मरीजों को अस्पताल लाने में बहुत समय लगता था, जिससे उनका इलाज विलंबित होता था। अब इस सेवा से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का भी मानना है कि समय पर मरीजों के पहुंचने से आपातकालीन स्थितियों में इलाज की सफलता दर में उल्लेखनीय सुधार होगा। आमजन की यही अपेक्षा है कि इन सेवाओं का संचालन लगातार, पारदर्शी और तकनीकी रूप से दक्ष तरीके से हो, ताकि किसी को भी इनका लाभ लेने में कठिनाई न हो।</p>
<p><strong>भविष्य की योजनाएं और प्रशासनिक संकल्प</strong><br />
इस अवसर पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक शुरुआत है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जनोन्मुखी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। आगामी समय में टेलीमेडिसिन, मोबाइल स्वास्थ्य वैन, और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी योजनाओं को भी जनपद में लागू किया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज को एक अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर और क्रिटिकल केयर यूनिट से भी जोड़ा जाएगा ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने यह भी संकल्प लिया कि किसी भी मरीज को सिर्फ दूरी या संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। यह पहल एक प्रमाण है कि अगर इच्छा शक्ति हो तो संसाधनों की सीमाएं भी बाधा नहीं बन सकतीं। गोंडा अब एक नई स्वास्थ्य क्रांति की ओर अग्रसर है, और इसकी बागडोर ऐसे संवेदनशील और सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में है जो वास्तव में जनकल्याण को सर्वोपरि मानते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/a-new-batch-of-108-and-102-ambulances-departed-from-government-medical-college-gonda-district-magistrate-neha-sharma-flagged-off-the-ambulances/">गोंडा के राजकीय मेडिकल कॉलेज से रवाना हुई 108 व 102 एंबुलेंस की नई खेप, जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने दिखाई हरी झंडी </a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/a-new-batch-of-108-and-102-ambulances-departed-from-government-medical-college-gonda-district-magistrate-neha-sharma-flagged-off-the-ambulances/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा: कुर्मी समाज की उपेक्षा के खिलाफ गोंडा में महाकुंभ, लाखों की भीड़ जुटाकर दिखाएंगे शक्ति</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/maha-kumbh-in-gonda-against-the-neglect-of-kurmi-community-will-show-power-by-gathering-a-crowd-of-lakhs/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/maha-kumbh-in-gonda-against-the-neglect-of-kurmi-community-will-show-power-by-gathering-a-crowd-of-lakhs/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 08:01:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Kumbh in Gonda against the neglect of Kurmi community]]></category>
		<category><![CDATA[will show power by gathering a crowd of lakhs]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4909</guid>

					<description><![CDATA[<p>गोंडा में जय करण वर्मा की अगुवाई में प्रेस वार्ता, 23 मार्च को पराग डेरी के सामने होगा</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/maha-kumbh-in-gonda-against-the-neglect-of-kurmi-community-will-show-power-by-gathering-a-crowd-of-lakhs/">गोंडा: कुर्मी समाज की उपेक्षा के खिलाफ गोंडा में महाकुंभ, लाखों की भीड़ जुटाकर दिखाएंगे शक्ति</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>गोंडा में जय करण वर्मा की अगुवाई में प्रेस वार्ता, 23 मार्च को पराग डेरी के सामने होगा ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन</strong></p>
<p><em><strong>गोंडा, 17 मार्च:</strong></em> उत्तर प्रदेश में बहुसंख्यक होने के बावजूद राजनीतिक और सामाजिक उपेक्षा का शिकार कुर्मी समाज अब अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में, गोंडा में 23 मार्च को <strong>&#8220;कुर्मी महाकुंभ&#8221;</strong> का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाखों की संख्या में समाज के लोग जुटेंगे। इस महाकुंभ को लेकर आज एक निजी होटल में <strong>जय करण वर्मा</strong> की अगुवाई में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जहां <strong>राम करण वर्मा</strong> समेत अन्य प्रमुख नेताओं ने समाज की उपेक्षा और उनके हक की लड़ाई को लेकर अपनी बात रखी।</p>
<p>प्रेस वार्ता के दौरान <strong>राम करण वर्मा</strong> ने कहा कि कुर्मी समाज उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आबादी रखता है, लेकिन इसके बावजूद समाज को राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;हमारी संख्या बहुत अधिक होने के बावजूद हमें सत्ता और प्रशासन में उचित भागीदारी नहीं मिल रही है।&#8221;</strong> उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन सिर्फ शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज की एकता और भाईचारे को भी मजबूत करेगा। उनका कहना था कि <strong>&#8220;आज कुर्मी समाज को संगठित होकर अपनी ताकत दिखाने की जरूरत है, ताकि राजनीतिक दल हमारी अनदेखी करना बंद करें और हमें हमारा वाजिब हक मिले।&#8221;</strong></p>
<h3><strong>राजनीतिक उपेक्षा और अधिकारों के लिए संघर्ष</strong></h3>
<p>राम करण वर्मा ने कहा कि यह कोई एक दिन का मुद्दा नहीं है, बल्कि दशकों से कुर्मी समाज को योजनाबद्ध तरीके से सत्ता और प्रशासन से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;हम सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गए हैं, हमारी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। हम किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने हमें सिर्फ इस्तेमाल किया है। अब समय आ गया है कि हम अपनी ताकत का अहसास कराएं और राजनीतिक दलों को यह संदेश दें कि हमें अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।&#8221;</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज को उचित भागीदारी दिलाने के लिए यह लड़ाई अब और तेज होगी। जब तक समाज को उसका हक नहीं मिल जाता, तब तक ऐसे महाकुंभ और रैलियां आयोजित की जाती रहेंगी। वर्मा ने बताया कि <strong>&#8220;23 मार्च को आयोजित कुर्मी महाकुंभ में लाखों की संख्या में समाज के लोग एकत्र होकर यह दिखाएंगे कि अब हम अपने अधिकारों के लिए संगठित हो गए हैं।&#8221;</strong> उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के जरिए समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज की बड़ी संख्या के बावजूद सरकारी नौकरियों, शिक्षा और प्रशासन में कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व नगण्य है। यह स्थिति दर्शाती है कि किस तरह कुर्मी समाज को हाशिए पर रखा गया है। वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि <strong>&#8220;जब तक हमें राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी नहीं मिलती, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।&#8221;</strong> उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करेगा और राजनीतिक दलों को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि अगर उन्होंने कुर्मी समाज की उपेक्षा जारी रखी, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।</p>
<h3><strong>सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बदलाव की मांग</strong></h3>
<p>इस दौरान वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जातिगत अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर दिए गए विभिन्न फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;आज सुप्रीम कोर्ट कॉन्सेप्ट पर किसी का ध्यान नहीं है, हमें न्याय देने के लिए किसी ने पहल नहीं की है। हमारी आवाज दबाई जा रही है और हमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।&#8221;</strong> उन्होंने आगे कहा कि <strong>&#8220;हमारा समाज मेहनतकश है, हम किसानों, उद्यमियों और श्रमिकों के रूप में देश की तरक्की में योगदान देते हैं, लेकिन जब हक की बात आती है तो हमें हाशिए पर धकेल दिया जाता है।&#8221;</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;हमारा आंदोलन सिर्फ कुर्मी समाज के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की उस संकल्पना के लिए भी है, जो हर वर्ग को समान अवसर और अधिकार देने की बात करती है।&#8221;</strong> उन्होंने कहा कि 23 मार्च का आयोजन यह साबित करेगा कि कुर्मी समाज अब अपने अधिकारों के लिए एकजुट है और वह अपनी आवाज को और बुलंद करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर सरकार और राजनीतिक दल कुर्मी समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो यह आंदोलन और व्यापक होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि <strong>&#8220;जब तक हमें शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और राजनीति में उचित भागीदारी नहीं मिलती, तब तक हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।&#8221;</strong> उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;कुर्मी समाज ने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया है और आगे भी हम इसी भावना से काम करेंगे, लेकिन अब हमें हमारे अधिकारों की अनदेखी मंजूर नहीं है।&#8221;</strong></p>
<p><strong>&#8220;23 मार्च को पराग डेरी के सामने लाखों की भीड़ जुटेगी और यह एक ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन होगा। यह कुर्मी समाज की एकता का प्रतीक बनेगा और सरकार को हमारी ताकत का अहसास कराएगा।&#8221;</strong> वर्मा ने कहा कि इस महाकुंभ में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से प्रमुख नेता, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल होंगे।</p>
<p>प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेताओं ने भी समाज की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समय एकजुट होने का है। उन्होंने सभी से 23 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महाकुंभ को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;यह सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि कुर्मी समाज के उत्थान और हक की लड़ाई की शुरुआत है।&#8221;</strong></p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/maha-kumbh-in-gonda-against-the-neglect-of-kurmi-community-will-show-power-by-gathering-a-crowd-of-lakhs/">गोंडा: कुर्मी समाज की उपेक्षा के खिलाफ गोंडा में महाकुंभ, लाखों की भीड़ जुटाकर दिखाएंगे शक्ति</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/maha-kumbh-in-gonda-against-the-neglect-of-kurmi-community-will-show-power-by-gathering-a-crowd-of-lakhs/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा: मुख्यमंत्री जी की साख पर बट्टा लगा चुके हैं अनुदानित विद्यालयों के प्रबंधक और तत्कालीन अधिकारी, अध्यापकों के हक पर डाका</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/the-managers-and-the-then-officers-of-the-aided-schools-have-tarnished-the-reputation-of-the-chief-minister-and-have-robbed-the-rights-of-the-teachers/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/the-managers-and-the-then-officers-of-the-aided-schools-have-tarnished-the-reputation-of-the-chief-minister-and-have-robbed-the-rights-of-the-teachers/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 03:50:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[The managers and the then officers of the aided schools have tarnished the reputation of the Chief Minister and have robbed the rights of the teachers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4903</guid>

					<description><![CDATA[<p>घोटाले को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी गोंडा 17 मार्च। जिले के अनुदानित विद्यालयों</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-managers-and-the-then-officers-of-the-aided-schools-have-tarnished-the-reputation-of-the-chief-minister-and-have-robbed-the-rights-of-the-teachers/">गोंडा: मुख्यमंत्री जी की साख पर बट्टा लगा चुके हैं अनुदानित विद्यालयों के प्रबंधक और तत्कालीन अधिकारी, अध्यापकों के हक पर डाका</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>घोटाले को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी</strong></p>
<p><strong>गोंडा 17 मार्च।</strong> जिले के अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत कई अध्यापकों के अवशेष वेतन भुगतान में भारी घोटाले का खुलासा हुआ है। वर्ष 2011 से 2018 के बीच के अवशेष वेतन की रकम का लगभग <strong>90% हिस्सा विद्यालय के इंटर कॉलेज के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया गया</strong>। अध्यापकों का आरोप है कि प्रबंधकों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह बड़ा घपला किया गया, जिसमें शिक्षकों को उनका पूरा भुगतान नहीं मिला, बल्कि अधिकांश पैसा हड़प लिया गया। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब कुछ शिक्षकों ने अपने बैंक खातों की जांच की और पाया कि उनकी सैलरी से बड़ी मात्रा में राशि अनधिकृत रूप से निकाली गई। यह अवशेष वेतन भुगतान वित्तीय वर्ष <strong>2024-25 की शुरुआत में किया गया</strong>, लेकिन पहले से ही प्रबंधकों और अन्य प्रभावशाली लोगों ने इसका बड़ा हिस्सा हड़पने की योजना बना ली थी, और शुरुआत में ही अवशेष वेतन पाने वाले अध्यापकों से ब्लैंक चेक ले लिया गया था।</p>
<h3><strong>कैसे हुआ घोटाला? जबरन कमीशन का खेल</strong></h3>
<p>प्रभावित अध्यापकों ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही <strong>विद्यालय प्रबंधकों द्वारा शिक्षकों से चेक जबरन ले लिए गए</strong>। जब किसी शिक्षक ने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया कि अवशेष वेतन फ्री में नहीं मिलेगा, इसके लिए भारी कमीशन देना होगा। यह कमीशन <strong>अध्यापकों की कुल अवशेष वेतन राशि का 90% तक</strong> था। यानी, अगर किसी शिक्षक का वेतन ₹2 लाख बनता था तो उसमें से <strong>₹1.80 लाख तक का हिस्सा सीधे काट लिया जाता था</strong> और उन्हें मात्र ₹20,000 ही मिलते थे। यह पूरा खेल बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से किया गया, ताकि शिक्षकों को विरोध करने का कोई अवसर ही न मिले।</p>
<p>इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि <strong>कटौती की गई रकम आखिर गई कहां?</strong> जब इस पैसे के ट्रांजेक्शन की जांच की गई तो पता चला कि यह पैसा <strong>बेसिक शिक्षा विभाग के कई प्रभावशाली कर्मचारियों के रिश्तेदारों की फर्मों में ट्रांसफर किया गया</strong>। जब इस तरह के ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ने लगी और मामला संदेहास्पद होता गया, तो प्रबंधकों ने नई रणनीति अपनाई। इसके तहत अब कमीशन के पैसे को सीधे विद्यालय के इंटर कॉलेज के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाने लगा, या फिर प्रबंधक अपनी <strong>निजी फर्म के खाते में राशि ट्रांसफर करवा लेते थे</strong> और बाद में इसे कैश निकाल लिया जाता था।</p>
<h3><strong>अधिकारियों की मिलीभगत और कैश निकासी का खेल</strong></h3>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे घोटाले में <strong>विद्यालय प्रबंधकों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे</strong>। इस अवैध कमीशन के पैसे को निकालने के लिए अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। सबसे पहले शिक्षकों के अवशेष वेतन को उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था, लेकिन चूंकि पहले ही उनके चेक लिए जा चुके थे, इसलिए यह पैसा सीधे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। कई मामलों में यह पैसा <strong>फर्जी फर्मों के बैंक खातों में भेजा गया</strong>, जो कि प्रबंधकों और अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम पर थीं।</p>
<p>इस खेल को और बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए कैश निकासी का तरीका अपनाया गया। जब शिक्षकों के पैसे को <strong>विद्यालय के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया</strong>, तो वहां से चेक के माध्यम से भारी रकम निकाली गई। यह पैसा फिर अलग-अलग माध्यमों से बांटा गया, जिसमें अधिकारी, प्रबंधक और अन्य प्रभावशाली लोग शामिल थे। <strong>बड़ी मात्रा में यह पैसा कैश में निकाला गया</strong>, ताकि इसका कोई पुख्ता रिकॉर्ड न रह सके।</p>
<h3><strong>अध्यापकों की पीड़ा और न्याय की मांग</strong></h3>
<p>इस घोटाले से प्रभावित शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त है। कई अध्यापकों ने अपनी शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें धमकाया गया या फिर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। कुछ शिक्षकों ने जब इस मामले को लेकर आवाज उठाई, तो उन्हें विद्यालय से बाहर करने की धमकी दी गई। <strong>पीड़ित शिक्षकों का कहना है कि उन्हें उनका मेहनत का पैसा नहीं मिला और इसके लिए कोई जवाबदेही भी तय नहीं की गई</strong>।</p>
<p>शिक्षकों ने अब इस मामले की <strong>उच्च स्तरीय जांच की मांग</strong> की है। उन्होंने मांग की है कि <strong>बेसिक शिक्षा विभाग और वित्तीय विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा इस पूरे घोटाले की जांच कराई जाए</strong> और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कई अध्यापक अब इस घोटाले को लेकर <strong>राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं</strong>, ताकि न्याय मिल सके।</p>
<h3><strong>क्या होगी कार्रवाई?</strong></h3>
<p>गोंडा के अनुदानित विद्यालयों में हुए इस वेतन घोटाले ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सिर्फ अध्यापकों की मेहनत की कमाई लूटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह <strong>बेसिक शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार का भी जीता-जागता उदाहरण है</strong>। सवाल यह उठता है कि जब अध्यापकों की सैलरी में इस तरह से कटौती की जा रही थी, तो प्रशासन और विभाग के अधिकारी क्या कर रहे थे?</p>
<p>अब यह देखना होगा कि <strong>सरकार और प्रशासन इस घोटाले पर क्या कदम उठाते हैं</strong>। क्या दोषी अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? शिक्षकों की निगाहें अब सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं। अगर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह घोटाला प्रदेशभर में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-managers-and-the-then-officers-of-the-aided-schools-have-tarnished-the-reputation-of-the-chief-minister-and-have-robbed-the-rights-of-the-teachers/">गोंडा: मुख्यमंत्री जी की साख पर बट्टा लगा चुके हैं अनुदानित विद्यालयों के प्रबंधक और तत्कालीन अधिकारी, अध्यापकों के हक पर डाका</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/the-managers-and-the-then-officers-of-the-aided-schools-have-tarnished-the-reputation-of-the-chief-minister-and-have-robbed-the-rights-of-the-teachers/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज की सत्य घटना पर आधारित &#8220;अच्छा हुआ मैं सरकारी साहब ना बना&#8221;</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/based-on-todays-true-incident-it-is-good-that-i-did-not-become-a-government-officer/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/based-on-todays-true-incident-it-is-good-that-i-did-not-become-a-government-officer/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Mar 2025 13:21:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[Based on today's true incident "It is good that I did not become a government officer"]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4859</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#8220;साहब ना बना, अच्छा हुआ&#8221; सोचा था कुर्सी पर बैठूंगा, न्याय करूंगा, सच कहूंगा। पर देखा जब अफसर</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/based-on-todays-true-incident-it-is-good-that-i-did-not-become-a-government-officer/">आज की सत्य घटना पर आधारित &#8220;अच्छा हुआ मैं सरकारी साहब ना बना&#8221;</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3><strong>&#8220;साहब ना बना, अच्छा हुआ&#8221;</strong></h3>
<p>सोचा था कुर्सी पर बैठूंगा,<br />
न्याय करूंगा, सच कहूंगा।<br />
पर देखा जब अफसर की लाचारी,<br />
समझा, यह दुनिया है तबाही।</p>
<p>अगर ईमानदार रहता मैं,<br />
हर दिन साज़िश सहता मैं।<br />
बाबू मुझको फँसाने आता,<br />
नेता रोज़ डरा कर जाता।</p>
<p>कभी हड़ताल, कभी आंदोलन,<br />
कभी ट्रांसफर, कभी उलाहने।<br />
फाइलों में सच दब जाता,<br />
झूठ यहाँ पर बिकता जाता।</p>
<p>अगर मैं भी बेईमान बनता,<br />
बेईमानी के रूपयों से बंगला, गाड़ी, शोहरत चमकता।<br />
सलाम ठोकते नौकर-चाकर,<br />
हर तरफ़ बस मेरा ही असर।</p>
<p>पर अगर कहीं चूक हो जाती,<br />
विजिलेंस की तलवार गिर जाती।<br />
फिर वो दिन और वो अंधियारे,<br />
कानून की लंबी गलियारे।</p>
<p>इसलिए अच्छा हुआ साहब न बना,<br />
ना अफसरों में मेरा नाम गिना।<br />
कलम उठाई, सच को जाना,<br />
ज़मीर जिंदा है, यही बहाना।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/based-on-todays-true-incident-it-is-good-that-i-did-not-become-a-government-officer/">आज की सत्य घटना पर आधारित &#8220;अच्छा हुआ मैं सरकारी साहब ना बना&#8221;</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/based-on-todays-true-incident-it-is-good-that-i-did-not-become-a-government-officer/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा मेडिकल कॉलेज में शक्ति रसोई का डीएम ने किया उद्घाटन</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-shakti-kitchen-in-gonda-medical-college/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-shakti-kitchen-in-gonda-medical-college/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 07:59:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[Dm gonda]]></category>
		<category><![CDATA[DM inaugurated Shakti kitchen in Gonda Medical College]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4850</guid>

					<description><![CDATA[<p>जरूरतमंदों को मिलेगा सस्ता और पौष्टिक भोजन, महिलाओं को मिला रोजगार गोंडा 6 मार्च। जिले में सामाजिक कल्याण</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-shakti-kitchen-in-gonda-medical-college/">गोंडा मेडिकल कॉलेज में शक्ति रसोई का डीएम ने किया उद्घाटन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>जरूरतमंदों को मिलेगा सस्ता और पौष्टिक भोजन, महिलाओं को मिला रोजगार</strong></p>
<p>गोंडा 6 मार्च। जिले में सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला अधिकारी नेहा शर्मा ने गोंडा मेडिकल कॉलेज में ‘शक्ति रसोई’ का उद्घाटन किया, जिसका संचालन ‘रंजना स्वयं सहायता समूह’ की महिलाएं करेंगी। यह रसोई अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों को सस्ते दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।</p>
<p><strong>शक्ति रसोई: जरूरतमंदों के लिए सस्ते, स्वच्छ और संतुलित भोजन की व्यवस्था</strong></p>
<p>गोंडा मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर भोजन की समस्या से जूझना पड़ता है। अस्पताल के बाहर मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता संदेहास्पद होती है और कीमतें भी अधिक होती हैं, जिससे गरीब मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने ‘शक्ति रसोई’ की शुरुआत की है।</p>
<p>यहां मात्र 10 से 20 रुपये में पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता और संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। इसमें चावल, दाल, सब्जी, रोटी और पोषण से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वास्थ्यवर्धक आहार मिल सके।</p>
<p><strong>महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम</strong></p>
<p>‘शक्ति रसोई’ का संचालन पूरी तरह से महिला स्वयं सहायता समूहों के हाथों में होगा। गोंडा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई इस रसोई को ‘रंजना स्वयं सहायता समूह’ की महिलाएं संभालेंगी। इस समूह में सीमा, नुसरत और सोनी शामिल हैं, जो इस रसोई के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी।</p>
<p>स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि यह उनके लिए एक बड़ा अवसर है, क्योंकि इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि वे समाज सेवा में भी योगदान दे सकेंगी। गोंडा की जिलाधिकारी नेहा शर्मा का मानना है कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव होगा जब उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया जाएगा। इसी उद्देश्य से शक्ति रसोई जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।</p>
<p><strong>डीएम नेहा शर्मा की पहल से शुरू हुई शक्ति रसोई</strong></p>
<p>गोंडा की जिलाधिकारी नेहा शर्मा समाज कल्याण और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हमेशा प्रयासरत रही हैं। उनकी पहल पर जिले में पहले भी दो स्थानों पर शक्ति रसोई शुरू की जा चुकी है। पहली शक्ति रसोई लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज परिसर में शुरू की गई थी, जबकि दूसरी कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित की गई थी। अब गोंडा मेडिकल कॉलेज में तीसरी शक्ति रसोई शुरू की गई है।</p>
<p><strong>डीएम ने उद्घाटन के दौरान कहा,</strong></p>
<p>&#8220;हमारा उद्देश्य है कि कोई भी गरीब भूखा न सोए। अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भोजन की समस्या न हो। साथ ही, महिलाओं को रोजगार मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। शक्ति रसोई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&#8221;</p>
<p><strong>गरीबों के लिए वरदान बनी शक्ति रसोई</strong></p>
<p>गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अक्सर भोजन की कठिनाई होती है। कई बार उन्हें महंगे होटल या ठेले-खोमचे से खाना खरीदना पड़ता है, जिसकी कीमत अधिक होने के साथ-साथ गुणवत्ता भी संदिग्ध होती है। इस समस्या को हल करने के लिए शक्ति रसोई एक बेहतरीन समाधान साबित हो रही है।</p>
<p>रसोई से लाभान्वित होने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने खुशी जताई। अयोध्या से आए एक मरीज के तीमारदार रामचरण ने कहा,</p>
<p>&#8220;हम इलाज के लिए दूर-दराज से आते हैं। अस्पताल में रहने के दौरान हमें खाने की बहुत दिक्कत होती थी। होटल का खाना महंगा होता है और ठेले का खाना साफ-सुथरा नहीं होता। शक्ति रसोई की वजह से हमें अब सस्ते और पौष्टिक भोजन की सुविधा मिल रही है। यह सच में बहुत बड़ी राहत है।&#8221;</p>
<p><strong>रोजगार के नए अवसर: महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की राह</strong></p>
<p>स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए यह रसोई एक नए अवसर के रूप में आई है। पहले वे छोटे-मोटे काम करके घर चलाने की कोशिश करती थीं, लेकिन अब उन्हें एक स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिला है। ‘रंजना स्वयं सहायता समूह’ की सदस्य सीमा ने बताया,</p>
<p>&#8220;पहले हमें कोई स्थायी काम नहीं मिलता था। छोटी-मोटी मजदूरी या घरों में काम करके परिवार चलाना पड़ता था। लेकिन अब शक्ति रसोई के माध्यम से हमें एक स्थायी काम मिल गया है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।&#8221;</p>
<p>इस पहल से महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता मिलने के साथ-साथ समाज में उनका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। महिलाओं ने डीएम नेहा शर्मा का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहल उन्हें सशक्त बनने में मदद कर रही है।</p>
<p><strong>शक्ति रसोई की सफलता और भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>गोंडा जिले में शक्ति रसोई की यह तीसरी इकाई शुरू की गई है, और प्रशासन इसे अन्य स्थानों पर भी विस्तारित करने की योजना बना रहा है। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि यदि यह पहल सफल रहती है, तो इसे जिले के अन्य प्रमुख अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और स्वयं सहायता समूहों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।</p>
<p><strong>भविष्य में शक्ति रसोई के लिए प्रशासन की योजनाएं:</strong></p>
<p><strong>1. अन्य अस्पतालों में विस्तार:</strong> जिला अस्पताल और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में शक्ति रसोई शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।</p>
<p><strong>2. भोजन की गुणवत्ता में सुधार:</strong> शक्ति रसोई में उपलब्ध भोजन को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए पोषण विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी।</p>
<p><strong>3. महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम:</strong> महिलाओं को भोजन प्रबंधन, स्वच्छता और वित्तीय साक्षरता से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे इस योजना को और बेहतर तरीके से चला सकें।</p>
<p><strong>4. सब्सिडी और सरकारी सहायता:</strong> सरकार से इस योजना के लिए अधिक सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे इसे लंबे समय तक सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके।</p>
<p><strong>शक्ति रसोई गरीबों के लिए संजीवनी, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह</strong></p>
<p>गोंडा मेडिकल कॉलेज में शक्ति रसोई की शुरुआत जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह न केवल सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। डीएम नेहा शर्मा की इस पहल से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और गरीब वर्गों को राहत मिलेगी।</p>
<p>गोंडा में शक्ति रसोई की यह तीसरी इकाई साबित कर रही है कि सही नीयत और अच्छी योजनाओं से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उम्मीद है कि यह पहल आगे भी जारी रहेगी और अन्य जिलों में भी इसे अपनाया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को भोजन और महिलाओं को रोजगार मिल सके।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-shakti-kitchen-in-gonda-medical-college/">गोंडा मेडिकल कॉलेज में शक्ति रसोई का डीएम ने किया उद्घाटन</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-shakti-kitchen-in-gonda-medical-college/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अरगा&#8217; ब्रांड: महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई पहचान</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/arga-brand-a-new-identity-of-women-empowerment-and-self-reliance/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/arga-brand-a-new-identity-of-women-empowerment-and-self-reliance/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Feb 2025 10:33:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA['Arga' Brand: A new identity of women empowerment and self-reliance]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4819</guid>

					<description><![CDATA[<p>गोंडा की SHG दीदियों ने अमेज़न पर पहला ऑर्डर किया डिस्पैच, आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम गोंडा 6</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/arga-brand-a-new-identity-of-women-empowerment-and-self-reliance/">अरगा&#8217; ब्रांड: महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई पहचान</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गोंडा की SHG दीदियों ने अमेज़न पर पहला ऑर्डर किया डिस्पैच, आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम</strong></p>
<p>गोंडा 6 फरवरी। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को एक नई दिशा देते हुए, स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने ‘अरगा’ ब्रांड के तहत अपना पहला ऑर्डर अमेज़न पर सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है। यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो दर्शाता है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा रही है।</p>
<p>गोंडा की महिलाओं द्वारा संचालित यह ब्रांड पूरी तरह से प्राकृतिक, शुद्ध और घरेलू उत्पादों के लिए जाना जाता है। ‘अरगा’ के तहत ग्रामीण महिलाएं मसाले, आचार, अनाज, हर्बल जूस और अन्य खाद्य सामग्रियां तैयार करती हैं। यह ब्रांड न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि उनकी सामाजिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रहा है।</p>
<p><strong>पहला ऑर्डर: आत्मनिर्भरता की नई उड़ान</strong></p>
<p>लखनऊ निवासी कुशाग्र पांडेय ने &#8216;अरगा&#8217; ब्रांड से मक्के का आटा, भरवां मिर्च अचार और आंवला जूस ऑर्डर किया था। इस ऑर्डर को SHG दीदियों ने बड़े ही उत्साह और मेहनत से तैयार किया और पहली बार अमेज़न पर एक राष्ट्रीय ग्राहक को भेजा। यह ऑर्डर इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को उपभोक्ताओं का विश्वास और सराहना मिल रही है।</p>
<p>गोंडा की एसएचजी सदस्य अनीता देवी, जो ‘अरगा’ ब्रांड की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं, ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, &#8220;हमारे लिए यह सिर्फ एक ऑर्डर नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई शुरुआत है। हम वर्षों से मेहनत कर रहे थे, लेकिन अब हमें यह एहसास हो रहा है कि हमारा परिश्रम रंग ला रहा है। अमेज़न जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर हमारे उत्पादों की पहुंच होना गर्व की बात है। इस ऑर्डर की सफलता के बाद कई अन्य उत्पादों को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना बनाई जा रही है।</p>
<p><strong>&#8216;अरगा&#8217; ब्रांड: महिला उद्यमिता और स्वावलंबन की मिसाल</strong></p>
<p>‘अरगा’ ब्रांड गोंडा जिले की ग्रामीण महिलाओं के दृढ़ संकल्प और मेहनत का परिणाम है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाएं विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनमें मसाले (हल्दी, धनिया, मिर्च, गरम मसाला, पंचफोरन आदि) आचार और मुरब्बे (भरवां मिर्च, आम, नींबू, करौंदा, आंवला आदि) अनाज आधारित उत्पाद (मक्के का आटा, बाजरा आटा, साबुत अनाज) हर्बल जूस (आंवला जूस, बेल जूस, एलोवेरा जूस) देसी घी और शुद्ध तेल शामिल हैं। इन उत्पादों को पूरी तरह से पारंपरिक और प्राकृतिक तरीकों से तैयार किया जाता है, जिससे गुणवत्ता और शुद्धता बनी रहती है।</p>
<p><strong>जिलाधिकारी नेहा शर्मा की सराहना</strong></p>
<p>गोंडा की जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने ‘अरगा’ ब्रांड की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा,&#8221;यह सिर्फ एक ऑर्डर नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। गोंडा की SHG दीदियों ने यह साबित कर दिया है कि आत्मनिर्भर भारत की नींव गांवों से ही रखी जा रही है। &#8216;अरगा&#8217; ब्रांड से जुड़ी महिलाओं की मेहनत और लगन काबिले-तारीफ है, और जिला प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा ताकि यह ब्रांड और ऊंचाइयों तक पहुंचे।&#8221; जिलाधिकारी ने आगे कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ इन महिलाओं को मिलेगा और उनका प्रोत्साहन जारी रहेगा।</p>
<p><strong>गांव की महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण</strong></p>
<p>इस सफलता के बाद गोंडा की कई और ग्रामीण महिलाएं ‘अरगा’ ब्रांड से जुड़ने के लिए आगे आ रही हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ग्रामीण महिलाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं।</p>
<p>गोंडा की एक अन्य SHG सदस्य संगीता यादव बताती हैं पहले हमें सिर्फ गांव के मेले या स्थानीय बाजारों में अपने उत्पाद बेचने पड़ते थे, लेकिन अब हमारी पहुंच ऑनलाइन मार्केट तक हो गई है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p><strong>सरकार और प्रशासन का सहयोग</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन इस प्रकार की महिलाओं की पहल को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p>गोंडा जिले के डीएम नेहा शर्मा और स्थानीय प्रशासन ने ‘अरगा’ ब्रांड की महिलाओं को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, सरकार भी महिलाओं को डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बिक्री से जुड़ी ट्रेनिंग देने की योजना बना रही है।</p>
<p><strong>समाज का सहयोग भी जरूरी</strong></p>
<p>महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ सरकार या प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। स्थानीय लोगों को ‘अरगा’ ब्रांड के उत्पादों को अपनाकर ग्रामीण महिलाओं का समर्थन करना चाहिए।</p>
<p>कृषि विशेषज्ञ और उद्यमी विकास वर्मा कहते हैं अगर हम गांव की महिलाओं द्वारा बनाए गए इन शुद्ध और प्राकृतिक उत्पादों को अपनाएं, तो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि हम खुद भी स्वास्थ्यवर्धक चीजों का उपयोग कर सकेंगे।</p>
<p>अब जब ‘अरगा’ ब्रांड ने अमेज़न पर पहला ऑर्डर भेज दिया है, तो आगे इसे और मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।</p>
<p><strong>1. उत्पादों की वैरायटी बढ़ाना –</strong> अब तक सीमित उत्पाद ही ऑनलाइन उपलब्ध थे, लेकिन जल्द ही और अधिक उत्पादों को जोड़ा जाएगा।</p>
<p><strong>2. पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार –</strong> अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग को विकसित किया जाएगा।</p>
<p><strong>3. सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग –</strong> फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रचार बढ़ाया जाएगा।</p>
<p><strong>4. नए मार्केट और रिटेल स्टोर्स से जुड़ाव –</strong> स्थानीय किराना स्टोर्स और बड़े सुपरमार्केट से ‘अरगा’ ब्रांड को जोड़ने की योजना है।</p>
<p><strong>&#8216;अरगा&#8217; ब्रांड से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम</strong></p>
<p>‘अरगा’ ब्रांड केवल एक व्यापारिक नाम नहीं, बल्कि महिला उद्यमिता, संघर्ष और सफलता की एक मिसाल बन चुका है। यह ब्रांड गोंडा की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई पहचान और उम्मीद की किरण है।</p>
<p>आज जब दुनिया डिजिटल हो रही है, तो गोंडा की महिलाएं भी इस नए युग में कदम रखते हुए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रही हैं। यह सफलता दिखाती है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो गांव की महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं।</p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: #ff6600;"><strong>आइए, हम सब ‘अरगा’ ब्रांड को अपनाएं और महिलाओं की इस सफलता यात्रा में उनका साथ दें</strong></span></p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/arga-brand-a-new-identity-of-women-empowerment-and-self-reliance/">अरगा&#8217; ब्रांड: महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई पहचान</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/arga-brand-a-new-identity-of-women-empowerment-and-self-reliance/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा में &#8220;नागरिक संगम&#8221; से समस्याओं का त्वरित समाधान</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/quick-solution-of-problems-through-nagarik-sangam-in-gonda/</link>
					<comments>https://www.prabhatbharat.com/quick-solution-of-problems-through-nagarik-sangam-in-gonda/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Feb 2025 13:17:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Quick solution of problems through "Nagarik Sangam" in Gonda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.prabhatbharat.com/?p=4816</guid>

					<description><![CDATA[<p>जिलाधिकारी नेहा शर्मा की पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसहभागिता में वृद्धि गोंडा, 04 फरवरी 2025। जिलाधिकारी नेहा</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/quick-solution-of-problems-through-nagarik-sangam-in-gonda/">गोंडा में &#8220;नागरिक संगम&#8221; से समस्याओं का त्वरित समाधान</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4><strong>जिलाधिकारी नेहा शर्मा की पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसहभागिता में वृद्धि</strong></h4>
<p><strong>गोंडा, 04 फरवरी 2025। </strong>जिलाधिकारी <strong>नेहा शर्मा</strong> द्वारा <strong>नगर पंचायत मनकापुर</strong> के <strong>रामलीला मैदान</strong> में आयोजित <strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221;</strong> कार्यक्रम ने गोंडा में प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को नई दिशा दी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। <strong>नेहा शर्मा</strong> की <strong>इस नई पहल</strong> ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करते हुए जनसुविधाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।</p>
<p><strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221; का उद्देश्य और इसकी आवश्यकता</strong></p>
<p>&#8220;नागरिक संगम&#8221; का प्रमुख उद्देश्य <strong>जनता और प्रशासन के बीच संवाद को सशक्त बनाना</strong> और <strong>समस्याओं का त्वरित समाधान</strong> सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी <strong>नेहा शर्मा</strong> ने कहा,<br />
<em>&#8220;सभी समस्याओं का समाधान समयबद्ध और प्रभावी तरीके से करना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वच्छता और जनसुविधाओं को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।&#8221;</em></p>
<p>इस कार्यक्रम के माध्यम से <strong>नागरिकों को सीधे जिलाधिकारी से संवाद का अवसर</strong> मिलता है, जिससे उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जा सके।</p>
<h3><strong>नगर पंचायत मनकापुर में &#8220;नागरिक संगम&#8221; का आयोजन</strong></h3>
<p>नगर पंचायत <strong>मनकापुर के रामलीला मैदान</strong> में आयोजित इस कार्यक्रम में <strong>राजेन्द्र नगर, रफीनगर तथा सुभाष नगर वार्ड</strong> के नागरिकों ने हिस्सा लिया। <strong>राशन कार्ड</strong>, <strong>आवास</strong>, <strong>नाली निर्माण</strong>, <strong>अतिक्रमण</strong> हटाने जैसी कई समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं।</p>
<p>जिलाधिकारी <strong>नेहा शर्मा</strong> ने <strong>व्यक्तिगत रूप से सभी शिकायतें सुनीं</strong> और कई समस्याओं का <strong>मौके पर ही समाधान</strong> किया। उन्होंने कहा,<br />
<em>&#8220;जनसुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना हमारी प्राथमिकता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी नागरिकों को उनके अधिकार और सुविधाएं प्राप्त हों।&#8221;</em></p>
<p>इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला।</p>
<h3><strong>राजेन्द्र नगर, रफीनगर और सुभाष नगर में निरीक्षण</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के बाद, जिलाधिकारी ने <strong>राजेन्द्र नगर, रफीनगर और सुभाष नगर वार्डों</strong> में स्थलीय निरीक्षण किया।<br />
उन्होंने पाया कि <strong>सफाई व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है</strong> और संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से <strong>स्वच्छता और नाली निर्माण के कार्यों को शुरू करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण</strong> के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि नागरिकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। <strong>नगर पंचायत मनकापुर</strong> को <strong>धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण</strong> के लिए निर्देशित करते हुए, जिलाधिकारी ने कहा,<br />
<em>&#8220;हमारे धार्मिक स्थल हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उनका संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है।&#8221;</em></p>
<h3><strong>अतिक्रमण और सार्वजनिक समस्याओं पर सख्त निर्देश</strong></h3>
<p><strong>कसगरान मोहल्ले</strong> से <strong>बाबा हरिदास मंदिर</strong> तक <strong>अतिक्रमण और अवैध मीट की दुकानों</strong> के खिलाफ <strong>तीन सभासदों</strong>—<strong>रामचंद्र, पवन कुमार और कन्हैयालाल वर्मा</strong>—ने शिकायत की।<br />
उन्होंने आरोप लगाया कि <strong>बालकराम पुरवा स्कूल</strong> के सामने <strong>मीट की दुकानें</strong> खुली हैं, जिससे बच्चों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है।</p>
<p>जिलाधिकारी <strong>नेहा शर्मा</strong> ने <strong>इन दुकानों को तत्काल हटाने</strong> का आदेश दिया।<br />
<em>&#8220;शैक्षणिक और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।&#8221;</em></p>
<p><strong>भैरवनाथ मंदिर</strong> के रास्ते में <strong>खुले में शौच</strong> की समस्या को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और <strong>तत्काल प्रभाव से शौचालय निर्माण और नियमित सफाई व्यवस्था</strong> के निर्देश दिए।</p>
<h3><strong>शिक्षा संस्थानों के आसपास अवैध गतिविधियों पर रोक</strong></h3>
<p><strong>कंपोजिट विद्यालय बालक राम पुरवा</strong> के सामने बाउंड्री के भीतर दुकान निर्माण और <strong>मीट-मुर्गा की बिक्री</strong> की शिकायत को भी जिलाधिकारी ने गम्भीरता से लिया।<br />
उन्होंने <strong>नगर पंचायत मनकापुर</strong> को आदेशित किया कि इन <strong>अवैध दुकानों</strong> को <strong>तत्काल हटाया जाए</strong> और <strong>शिक्षा संस्थानों के आसपास स्वच्छ वातावरण</strong> सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p><em>&#8220;हमारे बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।&#8221;</em></p>
<h3><strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221; में जिला प्रशासन की भागीदारी</strong></h3>
<p>इस कार्यक्रम में <strong>अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार</strong>, <strong>नायब तहसीलदार मनकापुर चन्दन</strong>, <strong>डीएसओ</strong>, <strong>डीपीओ</strong>, <strong>जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी</strong>, <strong>खण्डशिक्षा अधिकारी</strong> सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।<br />
अधिकारियों की <strong>सक्रिय भागीदारी</strong> और <strong>समन्वय</strong> ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221; का प्रभाव और भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p><strong>जिलाधिकारी नेहा शर्मा</strong> की यह पहल <strong>प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही</strong> को बढ़ावा देने के साथ ही <strong>जनसुविधाओं में सुधार</strong> की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।<br />
<em>&#8220;प्रशासनिक अधिकारी जनता के सेवक हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम जनता की समस्याओं का समाधान करें और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं।&#8221;</em></p>
<p>इस पहल ने न केवल नागरिकों के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत किया है, बल्कि अधिकारियों को भी उनकी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया है।</p>
<p>आगे चलकर, जिलाधिकारी <strong>नेहा शर्मा</strong> ने <strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221;</strong> कार्यक्रम को <strong>नियमित अंतराल</strong> पर आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि हर क्षेत्र के नागरिकों को <strong>समयबद्ध और प्रभावी समाधान</strong> मिल सके।</p>
<p><strong>गोंडा</strong> के विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में यह पहल <strong>नेहा शर्मा</strong> के नेतृत्व को <strong>सशक्त और संवेदनशील</strong> बनाती है।<br />
इस प्रकार की <strong>जनसंवाद योजनाएं</strong> अन्य जिलों के लिए भी एक <strong>प्रेरणास्त्रोत</strong> साबित हो सकती हैं।</p>
<p>जिलाधिकारी ने अंत में कहा,<br />
<em>&#8220;जनता की समस्याएं हमारी प्राथमिकता हैं। हम समर्पण और पारदर्शिता से कार्य करेंगे, ताकि हर नागरिक को अपने अधिकार और सुविधाएं मिलें।&#8221;</em></p>
<p><strong>&#8220;नागरिक संगम&#8221;</strong> की इस सफलता से स्पष्ट है कि <strong>प्रशासनिक पारदर्शिता</strong> और <strong>जनसहभागिता</strong> से ही <strong>समस्याओं का स्थायी समाधान</strong> संभव है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/quick-solution-of-problems-through-nagarik-sangam-in-gonda/">गोंडा में &#8220;नागरिक संगम&#8221; से समस्याओं का त्वरित समाधान</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.prabhatbharat.com/quick-solution-of-problems-through-nagarik-sangam-in-gonda/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
