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	<title>dm shrawasti Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>गोण्डा: सड़क सुरक्षा के लिए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान की शुरुआत, आयुक्त का सख्त निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jan 2025 13:50:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[Bahraich]]></category>
		<category><![CDATA[Balrampur dm]]></category>
		<category><![CDATA[dm shrawasti]]></category>
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		<category><![CDATA[Gonda: "No helmet]]></category>
		<category><![CDATA[no fuel" campaign launched for road safety]]></category>
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		<category><![CDATA[strict instructions from the commissioner]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जागरूकता बढ़ाने की नई रणनीति गोण्डा, 09 जनवरी। देवीपाटन मंडल में सड़क</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/gonda-no-helmet-no-fuel-campaign-launched-for-road-safety-strict-instructions-from-the-commissioner/">गोण्डा: सड़क सुरक्षा के लिए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान की शुरुआत, आयुक्त का सख्त निर्देश</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जागरूकता बढ़ाने की नई रणनीति</strong></p>
<p>गोण्डा, 09 जनवरी। देवीपाटन मंडल में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान के तहत अब मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिलों में बिना हेलमेट पहने हुए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह कदम नोएडा मॉडल से प्रेरित है, जहां यह रणनीति पहले ही सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है।</p>
<p>मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने डीएम, आरटीओ (प्रवर्तन) और डीएसओ सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस अभियान को पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट न पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की मौत की संख्या चिंताजनक है। हेलमेट पहने होने से दुर्घटनाओं में मौत का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।</p>
<p>मंडलायुक्त ने कहा, “अब लोग घर से हेलमेट पहनकर ही सड़क पर निकलेंगे। बिना हेलमेट पहने पेट्रोल पंपों से पेट्रोल नहीं मिलेगा। यह रणनीति न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।”</p>
<p>1 जून 2019 को नोएडा में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नीति लागू की गई थी। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों और उनके सहयात्रियों को ईंधन देने पर रोक लगा दी गई थी। इस नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए, और सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखी गई। इसी सफलता को देखते हुए देवीपाटन मंडल में भी इस नीति को लागू करने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>मंडलायुक्त ने हेलमेट पहनने के कानूनी प्रावधानों पर भी जोर दिया। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-129 के तहत प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक और सवारी को मानक हेलमेट पहनना अनिवार्य है।</p>
<ul>
<li>यह प्रावधान चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों पर भी लागू होता है।</li>
<li>सिख धर्म के अनुयायियों को, जो पगड़ी पहनते हैं, इस नियम से छूट दी गई है।</li>
<li>नियम का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा-177 के तहत दंड और जुर्माने का प्रावधान है।</li>
</ul>
<p>सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मंडलायुक्त ने ब्लैक स्पॉट्स (जहां दुर्घटनाएं बार-बार होती हैं) की पहचान करने और उन्हें सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर साइन बोर्ड, सड़क प्रकाश व्यवस्था और यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में सड़क सुरक्षा समितियों की मासिक बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार रणनीतियों में सुधार किया जाएगा।</p>
<p>मंडलायुक्त ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा को एक जन आंदोलन के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए एनजीओ, स्वयंसेवी संगठनों और मीडिया का सहयोग लिया जाएगा।</p>
<p>क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्तियों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग मोटर वाहन अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत हेलमेट न पहनने वालों पर जुर्माना लगाएंगे। पेट्रोल पंप मालिकों को इस रणनीति के महत्व और क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<p>पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी रखी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों का पालन हो रहा है। इसके साथ ही ईंधन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।</p>
<p>मंडलायुक्त ने कहा कि इस रणनीति को सबसे पहले शहरी क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होती है और दुर्घटनाओं की संभावना भी ज्यादा होती है। शहरी क्षेत्रों में इस नीति के प्रभाव का मूल्यांकन करने के बाद इसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाएगा।</p>
<p>सड़क दुर्घटनाएं देश में मृत्यु और चोटों का एक प्रमुख कारण हैं। हेलमेट न पहनने के कारण दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और मौतों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।</p>
<p>राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।</p>
<p>सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हेलमेट पहनने से सिर की चोटों का जोखिम 70% तक और मृत्यु का जोखिम 40% तक कम हो जाता है।</p>
<p>“नो हेलमेट, नो फ्यूल” पहल का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। यह पहल लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने का एक कदम है।</p>
<p><strong>जनता से अपील</strong></p>
<p>मंडलायुक्त ने जनता से अपील की कि वे इस अभियान का समर्थन करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल एक कानूनी आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है।</p>
<p>देवीपाटन मंडल में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” पहल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी बनाएगी।</p>
<p>मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील का यह प्रयास जिले और राज्य के लिए एक मिसाल बन सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस अभियान का क्रियान्वयन कितनी कुशलता से किया जाता है और यह रणनीति सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में कितनी प्रभावी साबित होती है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/gonda-no-helmet-no-fuel-campaign-launched-for-road-safety-strict-instructions-from-the-commissioner/">गोण्डा: सड़क सुरक्षा के लिए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान की शुरुआत, आयुक्त का सख्त निर्देश</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर मांगी विस्तृत जानकारी, 10 जनवरी तक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/commissioner-sought-detailed-information-on-the-construction-of-anganwadi-centers-directed-to-provide-information-by-january-10/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jan 2025 13:56:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[commissioner Gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Commissioner sought detailed information on the construction of Anganwadi centers]]></category>
		<category><![CDATA[directed to provide information by January 10]]></category>
		<category><![CDATA[Dm Bahraich]]></category>
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		<category><![CDATA[dm shrawasti]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोण्डा, 08 जनवरी। देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने मंडल के सभी जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/commissioner-sought-detailed-information-on-the-construction-of-anganwadi-centers-directed-to-provide-information-by-january-10/">आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर मांगी विस्तृत जानकारी, 10 जनवरी तक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>गोण्डा, 08 जनवरी। देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने मंडल के सभी जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण और संबंधित कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी तलब की है। इस संबंध में उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि जिला पंचायत राज अधिकारियों (DPROs) के माध्यम से पूरी जानकारी 10 जनवरी तक एकत्रित कर उपलब्ध कराई जाए। आयुक्त ने सख्त हिदायत दी कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p>आयुक्त ने संयुक्त विकास आयुक्त को अवगत कराया कि मंडल में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण में कई तरह की अनियमितताएं और देरी देखने को मिली हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। वहीं, कुछ केंद्रों का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन ग्राम पंचायतों द्वारा उनका हस्तांतरण (हैंडओवर) नहीं लिया गया है।</p>
<p>इसके अलावा, कुछ आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी हैं जिनका ग्राम पंचायत अंश का भुगतान अभी तक बाधित है। आयुक्त ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि भुगतान में देरी के कारण वर्तमान में भीषण ठंड के मौसम में छोटे-छोटे बच्चे पंचायत भवनों, विद्यालयों, या खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल बच्चों के स्वास्थ्य बल्कि उनके शैक्षिक और पोषण संबंधी अधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है।</p>
<p>आयुक्त ने बताया कि मण्डल में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्थिति भिन्न-भिन्न प्रकार की है:</p>
<p><strong>1. निर्माण शुरू न होना:</strong> कई स्थानों पर निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है कि निर्माण में देरी का कारण क्या है और इसे कब तक शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>2. निर्माण पूरा लेकिन हस्तांतरण लंबित:</strong> कई आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार हो गए हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों द्वारा उनका हस्तांतरण नहीं लिया गया है। आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए।</p>
<p><strong>3. भुगतान में रुकावट:</strong> कुछ केंद्रों के लिए ग्राम पंचायत अंश का भुगतान कतिपय कारणों से रोक दिया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिया कि यह समस्या प्राथमिकता के आधार पर हल की जाए ताकि कार्य में बाधा न उत्पन्न हो।</p>
<p>आयुक्त ने बताया कि भीषण ठंड के इस मौसम में आंगनबाड़ी केंद्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि निर्माण कार्यों में देरी और भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण नन्हे बच्चे पंचायत भवनों या खुले स्थानों पर बैठने को मजबूर हो रहे हैं। यह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।</p>
<p>आंगनबाड़ी केंद्र न केवल बच्चों के पोषण का एक प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि यह बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ठंड के मौसम में इन केंद्रों का सही संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि बच्चों को सुरक्षा और सुविधा मिल सके।</p>
<p>आयुक्त ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित सभी जानकारी जैसे केंद्रों का निर्माण कार्य शुरू हुआ या नहीं, निर्माण पूरा हुआ है या नहीं, हैंडओवर की स्थिति, ग्राम पंचायत अंश का भुगतान, कार्यदायी संस्थाओं को किए गए भुगतान, इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट 10 जनवरी तक हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p>आयुक्त ने जोर देकर कहा कि सूचना संकलन और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।</p>
<p>मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण सौंपा गया था, उनके द्वारा काम में देरी और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इस संबंध में आयुक्त ने निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थाओं से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों।</p>
<p>आयुक्त ने ग्राम पंचायतों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रों का हैंडओवर न होना और भुगतान में रुकावट ग्राम पंचायतों की निष्क्रियता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला पंचायत राज अधिकारी ग्राम पंचायतों से समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराएं।</p>
<p>आयुक्त ने स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया कि वे इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि हर बच्चे को ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक जगह मिले।</p>
<p>सरकार का लक्ष्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, और शिक्षा को बढ़ावा देना है। आंगनबाड़ी केंद्रों का सही संचालन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयुक्त ने कहा कि यदि निर्माण कार्यों में देरी और अन्य समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं को बाधित कर सकता है।</p>
<p>देवीपाटन मंडल में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और संचालन में आ रही समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को बच्चों के हित में तत्काल कदम उठाने होंगे।</p>
<p>आगामी दिनों में, 10 जनवरी की समय सीमा के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन निर्देशों को कितना प्रभावी ढंग से लागू करता है। यदि सभी बाधाओं को दूर किया गया और प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हुई, तो यह बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर होगी।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/commissioner-sought-detailed-information-on-the-construction-of-anganwadi-centers-directed-to-provide-information-by-january-10/">आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर मांगी विस्तृत जानकारी, 10 जनवरी तक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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