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	<title>Bahraich dm Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर आरोप: आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी को नामित कर जांच के दिए निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Apr 2025 15:19:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[बहराइच]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
		<category><![CDATA[#dmgonda]]></category>
		<category><![CDATA[Bahraich dm]]></category>
		<category><![CDATA[Serious allegations of illegal occupation of government land: Commissioner nominates Additional District Magistrate and directs investigation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>स्थलीय निरीक्षण, नजरी नक्शा और स्पष्ट रिपोर्ट 25 अप्रैल तक मांगी गई गोंडा/बहराइच, 20 अप्रैल। देवीपाटन मंडल के आयुक्त</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong><em>स्थलीय निरीक्षण, नजरी नक्शा और स्पष्ट रिपोर्ट 25 अप्रैल तक मांगी गई</em></strong></p>
<p><strong>गोंडा/बहराइच, 20 अप्रैल।</strong> देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने एक अत्यंत गंभीर शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक तंत्र को जांच की दिशा में सक्रिय कर दिया है। यह मामला बहराइच जनपद के तहसील नानपारा से जुड़ा है, जहां स्थानीय निवासी ए के सिंह द्वारा दर्ज कराए गए एक शिकायती पत्र में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल स्तर तक के अधिकारियों पर भूमि माफियाओं से सांठगांठ कर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण कार्य कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने मोहल्ला जुबलीगंज, कस्बा नानपारा, बहराइच स्थित गाटा संख्या 433, 443, 435, 927, 1381 एवं 1382 सहित अन्य भूमियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि उक्त भूमि पर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों — जिनमें हरीराम पाठक, मौलाना मोहम्मद लइक, आज़ाद, हनुमंत पाठक, आकिब, अमन वर्मा और जैनुल शामिल हैं — ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से न केवल अवैध कब्जा किया है बल्कि उस पर निर्माण भी करवा लिया है।</p>
<p>आयुक्त ने इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए जांच अधिकारी के रूप में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बहराइच को नामित किया है। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे शिकायती पत्र में उल्लिखित आरोपों की <em>स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच</em> करें। जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन भूखण्डों पर कब्जा व निर्माण की बात कही गई है, वे वाकई राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हैं या नहीं। यदि दर्ज हैं, तो किस प्रक्रिया या मिलीभगत से इन पर कब्जा कराया गया, यह जानना आवश्यक है।</p>
<p>आयुक्त द्वारा जांच के दौरान समस्त आरोपितों और अधिकारियों के <strong>बयान दर्ज करने</strong>, स्थल का <strong>फोटोग्राफिक साक्ष्य</strong> एकत्र करने और <strong>नजरी नक्शा</strong> प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही विशेष रूप से यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आरोप लगे हैं, उनकी तहसील में तैनाती की तिथि (posting date) भी जांच आख्या में अंकित की जाए, जिससे जांच की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतकर्ता के अनुसार, पूरे घटनाक्रम में तहसील स्तरीय अधिकारियों की ‘दुरभिसंधि’ स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। दुरभिसंधि का तात्पर्य है कि राजस्व और प्रशासनिक अमला जानबूझकर मूकदर्शक बना रहा या फिर सीधे तौर पर अवैध कब्जेदारों को समर्थन प्रदान किया गया। यह न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का संकेत है, बल्कि इससे सरकारी सम्पत्ति पर आम जनता के अधिकार और राज्य की स्वामित्व व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।</p>
<p>क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को जिला प्रशासन की गंभीर विफलता करार दिया है। सामाजिक न्याय मंच के अध्यक्ष इमरान उस्मानी ने कहा, &#8220;यदि एक आम नागरिक को अपनी सरकारी ज़मीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए मंडल स्तर तक शिकायत करनी पड़े, तो यह दर्शाता है कि तहसील और जिला स्तर पर कानून का शासन कमजोर पड़ा है।&#8221;</p>
<p>उल्लेखनीय है कि नानपारा तहसील में पिछले कुछ वर्षों से भूमि संबंधी विवादों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। सरकार द्वारा बार-बार भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद, कई स्थानों पर यह देखने को मिला है कि राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से सार्वजनिक भूमि, चरागाह, तालाब, और अन्य ज़मीनी परिसंपत्तियों को निजी स्वार्थ में बदल दिया जाता है। यही कारण है कि आयुक्त देवीपाटन मंडल ने इस बार स्वयं हस्तक्षेप करते हुए जांच की कमान अपर जिलाधिकारी को सौंपी है।</p>
<p>वहीं प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि आयुक्त का यह कदम एक <em>नज़ीर</em> बन सकता है। अगर इस मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होती है तो यह आने वाले समय में अन्य अवैध कब्जों के मामलों के लिए <em>निवारक प्रभाव</em> उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा, यह संदेश भी जाएगा कि मंडल स्तर पर प्रशासनिक तंत्र अब इन मामलों में केवल ‘कागजी जांच’ तक सीमित नहीं रहेगा।</p>
<p>फिलहाल सभी की निगाहें 25 अप्रैल 2025 पर टिकी हैं, जब अपर जिलाधिकारी द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है। यह रिपोर्ट स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों के परीक्षण, फोटोग्राफिक साक्ष्यों, नजरी नक्शे और आरोपितों के बयानों के आधार पर तैयार की जाएगी। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>यह मामला केवल भूमि विवाद नहीं बल्कि <em>न्याय, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसरोकारों</em> की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। जांच की निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई से यह तय होगा कि भविष्य में प्रशासनिक तंत्र आम नागरिक की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि शिकायतकर्ता ए के सिंह के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो इस पूरे प्रकरण से जुड़े अधिकारियों और कथित भू-माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसना निश्चित है।</p>
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		<title>बहराइच के आरोपियों पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही , बुलडोजर कार्यवाही संभव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Oct 2024 09:11:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बहराइच]]></category>
		<category><![CDATA[Bahraich dm]]></category>
		<category><![CDATA[Bahraich police]]></category>
		<category><![CDATA[bulldozer action is possible]]></category>
		<category><![CDATA[Major action can be taken against the accused of Bahraich]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मुंबई के सिद्दीकी बाबा मर्डर केस में बहराइच के आरोपियों पर बड़ी कार्यवाही की तैयारी, प्रॉपर्टी की जांच</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/major-action-can-be-taken-against-the-accused-of-bahraich-bulldozer-action-is-possible/">बहराइच के आरोपियों पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही , बुलडोजर कार्यवाही संभव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>मुंबई के सिद्दीकी बाबा मर्डर केस में बहराइच के आरोपियों पर बड़ी कार्यवाही की तैयारी, प्रॉपर्टी की जांच शुरू, बुलडोजर कार्रवाई संभव</strong></p>
<p>बहराइच 13 अक्टूबर। मुंबई के सिद्दीकी बाबा की हत्या के बाद से ही पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। हत्या के मामले के दो प्रमुख आरोपियों, बहराइच के गंडारा निवासी धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा, के खिलाफ अब प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इन दोनों आरोपियों के घर और संपत्तियों की जांच की जा रही है, और खबर है कि इनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चल सकता है।</p>
<p><strong>मामले का संक्षिप्त विवरण</strong></p>
<p>मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। बाबा सिद्दीकी को गोली मारकर हत्या करने के आरोप में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से दो आरोपी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गंडारा गांव के रहने वाले हैं। धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा की पहचान मुख्य शूटरों के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से ही बहराइच पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। धर्मराज को मुंबई पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शिवकुमार गौतम अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।</p>
<p><strong>प्रॉपर्टी की जांच और बुलडोजर की तैयारी</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बहराइच प्रशासन ने अब आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी इन दोनों आरोपियों की संपत्तियों की जांच में जुट गए हैं। राजस्व विभाग के लेखपाल उनके घर और जमीनों का आकलन कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनकी संपत्तियां अवैध तरीके से तो नहीं हासिल की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यदि इनकी संपत्तियों में किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बुलडोजर का इस्तेमाल भी शामिल है।</p>
<p><strong>धर्मराज और शिवकुमार का परिवार</strong></p>
<p>धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम दोनों ही सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके परिवार वाले अभी भी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपियों के घर के आसपास अब सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, पुलिस ने उनके परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस मामले में और जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उनके परिवार को इनकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में पहले से कोई जानकारी थी या नहीं।</p>
<p><strong>संपत्तियों का आकलन: लेखपाल की भूमिका</strong></p>
<p>बहराइच के गंडारा गांव में जिला प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। राजस्व विभाग के लेखपाल और अन्य अधिकारी उनकी संपत्तियों का आकलन करने में जुट गए हैं। इनकी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन संपत्तियों के अधिग्रहण में किसी प्रकार की अवैधता थी। अधिकारियों ने बताया कि इस जांच में सभी संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो उन पर कार्रवाई करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।</p>
<p><strong>अवैध संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई</strong></p>
<p>अगर जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों में कोई भी अवैध गतिविधि या अवैध कब्जा पाया जाता है, तो बहराइच प्रशासन द्वारा उन पर बुलडोजर चलाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का यह कदम प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले भी कई मामलों में अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई हो चुकी है, और अब इस हत्याकांड में भी ऐसी ही कार्रवाई की संभावना बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong>शिवकुमार गौतम की गिरफ्तारी के प्रयास</strong></p>
<p>शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस को शक है कि शिवकुमार गौतम ने किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ली हुई है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। उसके पकड़े जाने के बाद इस हत्याकांड की साजिश के पीछे के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>परिवार पर बढ़ता दबाव</strong></p>
<p>जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों के परिवारों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन का परिवार पर यह दबाव है कि वे शिवकुमार गौतम के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी दें। पुलिस ने आरोपियों के परिवारों से भी बातचीत शुरू कर दी है ताकि उनके संबंधों और आर्थिक स्रोतों का पता लगाया जा सके। अगर परिवार को आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी थी और उन्होंने पुलिस को नहीं बताया, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p><strong>संपत्तियों का ब्योरा</strong></p>
<p>आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गंडारा गांव में धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम के पास जमीन और मकान के अलावा कुछ और संपत्तियों का भी रिकॉर्ड है। प्रशासन इन संपत्तियों की जांच में जुटा हुआ है और इसके दस्तावेजों को खंगाल रहा है। अगर संपत्ति के कागजात में कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो आरोपियों की इन संपत्तियों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>पुलिस की आगे की योजना</strong></p>
<p>मुंबई और बहराइच पुलिस इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है और शिवकुमार की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही शिवकुमार को पकड़ लिया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस धर्मराज कश्यप से पूछताछ कर रही है और उससे कई अहम जानकारियां मिली हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, जिनका संबंध इस साजिश से हो सकता है।</p>
<p><strong>सियासी प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से ही राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। एनसीपी के प्रमुख नेताओं ने इस हत्याकांड की निंदा की है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अपराधियों के खिलाफ प्रदेश सरकार की नीति बेहद सख्त है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>गांव में सन्नाटा</strong></p>
<p>बहराइच के गंडारा गांव में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग इस हत्याकांड से हैरान और डरे हुए हैं। स्थानीय लोग आरोपियों के परिवारों से दूरी बना रहे हैं, और कोई भी इस मामले में खुलकर कुछ कहने से बच रहा है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के गांव में आने के बाद से गांव के लोगों में खौफ का माहौल है।</p>
<p>मुंबई के सिद्दीकी बाबा मर्डर केस ने न केवल मुंबई बल्कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले को भी झकझोर कर रख दिया है। आरोपियों के खिलाफ अब बहराइच प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें उनकी संपत्तियों की जांच और अवैध संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई भी शामिल है। जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।</p>
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