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	<title>Ayodhya Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव: अयोध्या की राजनीतिक गरमी में नया मोड़</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/milkipur-assembly-by-election-a-new-twist-in-the-political-heat-of-ayodhya/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jan 2025 11:48:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Milkipur Assembly by-election: A new twist in the political heat of Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[milkipur by-election]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 7 जनवरी। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की प्रतिष्ठित मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/milkipur-assembly-by-election-a-new-twist-in-the-political-heat-of-ayodhya/">मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव: अयोध्या की राजनीतिक गरमी में नया मोड़</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 7 जनवरी। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की प्रतिष्ठित मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने इस सीट पर मतदान की तारीख 5 फरवरी निर्धारित की है, जबकि मतगणना 8 फरवरी को होगी। 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट खाली हो गई और अब इस पर उपचुनाव हो रहा है।</p>
<p><strong>चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा</strong></p>
<p>मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों का नामांकन 10 जनवरी से शुरू होगा और 17 जनवरी तक चलेगा। 18 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, और प्रत्याशियों को 20 जनवरी तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चुनाव प्रचार का दौर जोर पकड़ेगा, जो 5 फरवरी को मतदान के साथ समाप्त होगा।</p>
<p><strong>2022 के विधानसभा चुनाव का परिदृश्य</strong></p>
<p>2022 के विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी। सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने यहां भाजपा उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। उनकी जीत ने सपा के लिए इस सीट को एक सुरक्षित गढ़ बना दिया था।</p>
<p>अवधेश प्रसाद की लोकप्रियता, उनकी क्षेत्रीय पकड़ और सपा के चुनावी वादों का मिल्कीपुर के ग्रामीण और शहरी मतदाताओं पर गहरा असर पड़ा। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर किए गए वादों ने उन्हें जनता का समर्थन दिलाया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-4668 size-full" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2025/01/images-46.jpeg" alt="" width="299" height="168" /></p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव 2024: फैजाबाद में सपा की जीत</strong></p>
<p>2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने अवधेश प्रसाद को फैजाबाद (अयोध्या) सीट से मैदान में उतारा। यह सपा के लिए एक साहसिक फैसला था, क्योंकि इस सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता लल्लू सिंह का प्रभाव था। हालांकि, अवधेश प्रसाद ने सधी हुई रणनीति और व्यापक जनसंपर्क के दम पर लल्लू सिंह को हराकर यह सीट जीत ली। उनकी जीत ने सपा को प्रदेश में मजबूती दी, लेकिन इसके साथ ही मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन गई।</p>
<p><strong>राजनीतिक समीकरण और चुनौतियां</strong></p>
<p>मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव में भाजपा, सपा, बसपा, और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है।</p>
<p><strong>1. समाजवादी पार्टी (सपा):</strong></p>
<p>अवधेश प्रसाद के इस्तीफे के बाद सपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। पार्टी यहां किसी ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है, जो अवधेश प्रसाद की विरासत को आगे बढ़ा सके।</p>
<p><strong>2. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा):</strong></p>
<p>भाजपा इस सीट पर पिछली हार का बदला लेने के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है। पार्टी का मुख्य फोकस विकास के मुद्दों और केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर रहेगा।</p>
<p><strong>3. बहुजन समाज पार्टी (बसपा):</strong></p>
<p>बसपा ने हाल के वर्षों में अपनी पकड़ खोई है, लेकिन यह चुनाव उनके लिए संगठन को पुनर्जीवित करने का मौका हो सकता है।</p>
<p><strong>4. कांग्रेस:</strong></p>
<p>कांग्रेस के पास इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत कमजोर संगठन है, लेकिन पार्टी क्षेत्रीय मुद्दों और स्थानीय नेताओं के दम पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर सकती है।</p>
<p><strong>क्षेत्रीय मुद्दे जो करेंगे असर</strong></p>
<p>मिल्कीपुर के उपचुनाव में क्षेत्रीय मुद्दे अहम भूमिका निभाएंगे। इन मुद्दों में प्रमुख हैं:</p>
<p><strong>1. सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास:</strong> ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चिंता रही है।</p>
<p><strong>2. शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं:</strong> क्षेत्र में सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहतर करने की मांग तेज है।</p>
<p><strong>3. कृषि और सिंचाई:</strong> किसान समुदाय सिंचाई के साधनों और फसल के उचित दाम की मांग कर रहा है।</p>
<p><strong>4. युवाओं के लिए रोजगार:</strong> बेरोजगारी और स्वरोजगार के अवसरों की कमी यहां के युवाओं के लिए बड़ा मुद्दा है।</p>
<p><strong>मतदाताओं की भूमिका और वर्गीकरण</strong></p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का वर्गीकरण विभिन्न जातीय समूहों में होता है, जिनमें ओबीसी, अनुसूचित जाति, और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या प्रमुख है।</p>
<p><strong>1. ओबीसी मतदाता:</strong> यह वर्ग चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। सपा और भाजपा दोनों इस वर्ग को लुभाने की कोशिश करेंगे।</p>
<p><strong>2. अनुसूचित जाति:</strong> बसपा इस वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करने की रणनीति बनाएगी।</p>
<p><strong>3. मुस्लिम मतदाता:</strong> सपा का इस वर्ग में परंपरागत रूप से प्रभाव रहा है, लेकिन कांग्रेस भी इसे साधने का प्रयास कर सकती है।</p>
<p><strong>राजनीतिक प्रचार का रुख</strong></p>
<p>उपचुनाव में राजनीतिक दलों का प्रचार तेज रहेगा।</p>
<p><strong>सपा:</strong> अवधेश प्रसाद की लोकसभा जीत को केंद्र में रखकर प्रचार करेगी।</p>
<p><strong>भाजपा:</strong> राम मंदिर निर्माण, केंद्र की योजनाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता देगी।</p>
<p><strong>बसपा और कांग्रेस:</strong> स्थानीय मुद्दों और दलित-पिछड़े वोट बैंक पर फोकस करेंगी।</p>
<p><strong>चुनाव परिणाम के संभावित प्रभाव</strong></p>
<p>मिल्कीपुर उपचुनाव का परिणाम न केवल अयोध्या की राजनीति बल्कि राज्य की राजनीति पर भी प्रभाव डालेगा।</p>
<p><strong>1. सपा की प्रतिष्ठा:</strong> यह उपचुनाव सपा के लिए अपनी ताकत को साबित करने का मौका है।</p>
<p><strong>2. भाजपा की मजबूती:</strong> अगर भाजपा यह सीट जीतती है, तो यह पार्टी की क्षेत्रीय पकड़ को मजबूत करेगा।</p>
<p><strong>3. छोटे दलों का भविष्य:</strong> बसपा और कांग्रेस के प्रदर्शन से यह स्पष्ट होगा कि वे राज्य में कितने प्रासंगिक हैं।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव 2025 के चुनावी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह चुनाव न केवल स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं को दर्शाएगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि सपा और भाजपा जैसे प्रमुख दल अपनी चुनावी रणनीतियों को किस दिशा में ले जाते हैं। सभी की नजरें 8 फरवरी को घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी रहेंगी, जो क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है।</p>
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		<title>रामलला के लिए सर्दियों के लिए विशेष तैयारियां, कपड़ों के साथ बदलेगा आहार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Nov 2024 15:11:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#doyoutravel]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya's]]></category>
		<category><![CDATA[diet will change along with clothes]]></category>
		<category><![CDATA[Ram]]></category>
		<category><![CDATA[Special preparations for winter for Ramlal]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ऊनी कपड़े, पश्मीना शॉल, और बदलते आहार के साथ गर्माहट भरी देखभाल अयोध्या 10 नवंबर। सर्दियों का मौसम</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>ऊनी कपड़े, पश्मीना शॉल, और बदलते आहार के साथ गर्माहट भरी देखभाल</strong></p>
<p>अयोध्या 10 नवंबर। सर्दियों का मौसम आने के साथ ही अयोध्या में राम लला की विशेष देखभाल की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। भगवान राम के बाल स्वरूप को अत्यंत आदर और प्रेम के साथ सर्दी के मौसम में आरामदायक रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट ने भगवान की देखभाल में बदलाव लाते हुए, इस साल ऊनी कपड़ों, पश्मीना शॉल, और विशेष डिजाइनर वस्त्रों का इंतजाम किया है, ताकि बाल स्वरूप में विराजमान राम लला ठंड से सुरक्षित रहें।</p>
<p><strong>सर्दियों के लिए विशेष वस्त्र: दिल्ली के डिजाइनरों द्वारा तैयार</strong></p>
<p>20 नवंबर को पड़ने वाली अगहन पंचमी से राम लला को रजाई, पश्मीना शॉल, और विशेष ऊनी वस्त्र पहनाए जाएंगे। इस अनोखी पहल के तहत दिल्ली के विशेष डिजाइनरों ने भगवान के लिए गर्म कपड़े सिलवाने का कार्य किया है, जिन्हें जल्द ही अयोध्या भेजा जाएगा। इन वस्त्रों को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि वे न केवल राम लला को ठंड से बचाएँ, बल्कि उनके राजसी स्वरूप का भी सम्मान करें।</p>
<p>अयोध्या में भगवान राम के भक्तों और मंदिर के पुजारियों के लिए यह दृश्य अनोखा और मनमोहक होगा। राम मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता ओमकार सिंह का कहना है कि चूंकि राम लला बाल रूप में विराजमान हैं और उन्हें राजकुमार के स्वरूप में पूजा जाता है, इसलिए उनके वस्त्र भी उसी अनुरूप तैयार किए गए हैं। दिल्ली के डिजाइनर, जो राम लला के लिए कपड़े बना रहे हैं, ने इस बात का ध्यान रखा है कि वस्त्र न केवल गर्म हों बल्कि उन्हें पहनाने पर भगवान का दिव्य स्वरूप और भी अधिक आकर्षक लगे।</p>
<p><strong>खान-पान में बदलाव: दही की जगह सूखे मेवे का भोग</strong></p>
<p>मौसम के बदलाव को ध्यान में रखते हुए भगवान के खान-पान में भी कुछ परिवर्तन किए गए हैं। अगहन पंचमी के बाद से राम लला को ठंड से बचाने के लिए दही के स्थान पर सूखे मेवे का भोग अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही रबड़ी और खीर जैसी गरिष्ठ और पोषक चीज़ें भगवान के भोग में सम्मिलित की जाएंगी। पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के अनुसार, यह बदलाव भगवान के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। रबड़ी और खीर के माध्यम से भगवान को न केवल शीत से राहत मिलेगी, बल्कि उनकी भोजन शैली में भी एक धार्मिक परंपरा का पालन होगा।</p>
<p><strong>स्नान में भी बदलाव: गुनगुने पानी का उपयोग</strong></p>
<p>20 नवंबर से राम लला को गुनगुने पानी से स्नान कराया जाएगा। यह परिवर्तन सर्दियों की ठंड से भगवान को बचाने के लिए है। इस दौरान गर्भगृह में तापमान को नियंत्रित रखने के लिए हीटर लगाए जाएंगे और मौसम की अधिकता के अनुसार ब्लोअर का भी इंतजाम किया जाएगा ताकि भगवान के निवास में हमेशा एक अनुकूल वातावरण बना रहे।</p>
<p><strong>राजसी स्वरूप के अनुसार वस्त्र और वस्त्राभूषण</strong></p>
<p>राम लला के वस्त्र केवल ठंड से बचाव का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनके राजसी स्वरूप का भी सम्मान है। ओमकार सिंह ने बताया कि भगवान राम मंदिर में एक राजकुमार के रूप में विराजमान हैं, और उनके वस्त्र उनके इस स्वरूप के अनुरूप होने चाहिए। दिल्ली के डिजाइनरों द्वारा भगवान के लिए सिलाई गए वस्त्र पूरी तरह से उनके दिव्य और शाही स्वरूप को उजागर करेंगे। इन वस्त्रों में पश्मीना शॉल, ऊनी चादरें, और राजसी रंगों का उपयोग किया गया है, जो भगवान के दिव्य स्वरूप को दर्शाते हैं।</p>
<p><strong>राम लला के साथ उनके भाइयों और हनुमानजी के लिए भी विशेष प्रबंध</strong></p>
<p>राम मंदिर के मुख्य परिसर में राम लला के साथ उनके तीनों भाइयों और भक्त हनुमानजी की मूर्तियाँ भी विराजमान हैं। इन मूर्तियों के लिए भी ऊनी वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं ताकि ठंड के मौसम में सभी देवताओं का उचित ध्यान रखा जा सके। राम दरबार में विराजमान भगवान के भाइयों के लिए विशेष ऊनी वस्त्रों का भी प्रबंध किया जा रहा है। यह सभी वस्त्र इस प्रकार तैयार किए गए हैं कि उनके राजसी स्वरूप को बनाए रखते हुए, सभी देवताओं को शीत ऋतु में आराम प्रदान करें।</p>
<p><strong>अगहन पंचमी का महत्व और धार्मिक परंपराएँ</strong></p>
<p>अगहन पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसे सर्दियों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, और इसी दिन से भगवान के भोग में दही को हटाकर सूखे मेवे और अन्य गरिष्ठ पदार्थों को शामिल किया जाता है। आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन से ही भगवान का भोग बदल दिया जाता है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, और इस अवसर पर राम लला के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान भी किए जाते हैं।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं की उत्सुकता और भक्ति</strong></p>
<p>राम मंदिर में भगवान राम के लिए इन विशेष सर्दियों की तैयारियों के कारण श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्सुकता है। इन तैयारियों को लेकर अयोध्या और आसपास के श्रद्धालुओं में अद्भुत भक्ति भाव देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु अपने आराध्य की इस विशेष देखभाल को लेकर प्रसन्न हैं और मंदिर में अधिक संख्या में दर्शन करने आ रहे हैं। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन करके अपने जीवन को धन्य मानते हैं।</p>
<p>अयोध्या में राम लला की इस विशेष देखभाल को देखकर हर भक्त के मन में उत्साह और भक्ति का संचार होता है। भगवान की सेवा में पुजारियों और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का यह समर्पण सर्दियों के ठिठुरते मौसम में भी रामलला के लिए गर्मजोशी भरा माहौल बनाए रखने का काम करेगा।</p>
<p><strong>सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का प्रतीक</strong></p>
<p>अयोध्या का राम मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। यहां भगवान राम के बाल स्वरूप की देखभाल में जिस प्रकार का प्रेम और आदर दिखाई देता है, वह भारतीय संस्कृति और परंपरा का सजीव उदाहरण है। इस तरह की व्यवस्थाएं यह दर्शाती हैं कि भगवान की सेवा में हमारा समर्पण और आस्था कितनी गहरी है। रामलला की यह देखभाल भारतीय परंपरा के उस पक्ष को भी उजागर करती है, जहां भगवान के प्रति प्रेम और सेवा का भाव सर्वोपरि होता है।</p>
<p>रामलला के लिए ऊनी कपड़े, पश्मीना शॉल, और बदले हुए आहार के साथ सर्दियों की यह तैयारी धार्मिक आस्था, संस्कृति, और परंपरा का संगम है। भगवान की सेवा में किए गए ये विशेष प्रबंध न केवल भक्तों के आस्था को और गहरा बनाते हैं, बल्कि यह राम मंदिर के प्रति हमारी जिम्मेदारी और समर्पण को भी प्रकट करते हैं। सर्दियों में रामलला की यह विशेष सेवा और देखभाल आने वाले वर्षों में भी अयोध्या की धार्मिक परंपरा को बनाए रखने और उसे सम्मान देने का कार्य करती रहेगी।</p>
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		<title>अयोध्या में दीपोत्सव: दिव्य प्रकाश से जगमगाई राम की नगरी, 2 गिनीज रिकॉर्ड बनाए</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/deepotsav-in-ayodhya-rams-city-lit-up-with-divine-light-made-2-guinness-records/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Oct 2024 01:49:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya police]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya vidhansabha]]></category>
		<category><![CDATA[Deepotsav in Ayodhya: Ram's city lit up with divine light]]></category>
		<category><![CDATA[made 2 Guinness records]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अयोध्या 30 अक्टूबर। 8वें दीपोत्सव के अवसर पर दिवाली की पूर्व संध्या पर अयोध्या एक बार फिर दिव्य</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/deepotsav-in-ayodhya-rams-city-lit-up-with-divine-light-made-2-guinness-records/">अयोध्या में दीपोत्सव: दिव्य प्रकाश से जगमगाई राम की नगरी, 2 गिनीज रिकॉर्ड बनाए</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या 30 अक्टूबर। 8वें दीपोत्सव के अवसर पर दिवाली की पूर्व संध्या पर अयोध्या एक बार फिर दिव्य प्रकाश से जगमगा उठी। पूरे शहर में भूमि, जल और आकाश का संगम दिखा, जहां भक्तों ने सरयू के तट पर भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह 500 वर्षों बाद का पहला ऐसा दीपोत्सव है जब भगवान राम अपने निवास पर दिवाली मना रहे हैं। इस अवसर पर अयोध्या ने दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए।</p>
<p><strong>नया रिकॉर्ड: 25 लाख से अधिक दीयों का प्रकाश</strong></p>
<p>राम की पैड़ी पर आयोजित दीपोत्सव में 1,121 स्वयंसेवकों की मदद से 25,12,585 दीये एक साथ प्रज्ज्वलित किए गए, जो पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया मानक स्थापित कर गया। यह आयोजन गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा प्रमाणित किया गया। कुल मिलाकर, शहर में लगभग 35 लाख दीये जलाए गए, जिससे अयोध्या का प्रत्येक घर, मंदिर, आश्रम, और मठ इस अलौकिक प्रकाश से रोशन हो गया। इस भव्य आयोजन में 30,000 से अधिक स्वयंसेवकों, विभिन्न महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और गैर सरकारी संगठनों ने सहयोग किया।</p>
<p><strong>सरयू आरती में दूसरा रिकॉर्ड</strong></p>
<p>नया घाट पर आयोजित सरयू आरती भी एक अभूतपूर्व दृश्य प्रस्तुत करती है। इसमें 1,121 स्वयंसेवकों और संतों ने एक समन्वित ढंग से दीयों की परिक्रमा की, जिससे एक नया गिनीज रिकॉर्ड स्थापित हुआ। यह आरती संध्या के समय की गई, जिसके बाद गिनीज बुक के निर्णायकों ने जलते दीयों की संख्या की घोषणा की। श्रद्धालुओं ने इस अद्वितीय आरती को बड़े उत्साह से देखा और इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया।</p>
<p><strong>ड्रोन शो और अन्य आकर्षण</strong></p>
<p>इस वर्ष दीपोत्सव का एक और खास आकर्षण 500 ड्रोन का बेड़ा था, जिसने आकाश में समन्वित शो प्रस्तुत किया। छोटे दीपों और आकाशीय शो के बीच तालमेल ने इस आयोजन को अद्वितीय बना दिया। ड्रोन शो को विशेष रूप से छोटी दिवाली के मौके पर आयोजित किया गया, जो भक्तों और पर्यटकों के लिए यादगार रहा।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-3870 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-48-6.jpeg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-48-6.jpeg 640w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-48-6-300x225.jpeg 300w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p><strong>प्रमुख व्यक्तित्व और विशेष अतिथियों की उपस्थिति</strong></p>
<p>दीपोत्सव में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार राम की पैड़ी पर दीया जलाकर इसका शुभारंभ किया। उनके साथ केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी उपस्थित थे। इस भव्य आयोजन के तहत मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ आस्था और परंपरा का अनूठा समन्वय देखने को मिला।</p>
<p><strong>प्राचीन कला, संगीत, और झांकी का आयोजन</strong></p>
<p>दीपोत्सव का प्रारंभ 18 भव्य झांकियों के प्रदर्शन से हुआ, जो सुबह साकेत इंटरकॉलेज से राम कथा पार्क तक निकलीं। प्रत्येक झांकी ने भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों का प्रदर्शन किया। रास्ते में कलाकारों, संगीतकारों और ढोल वादकों ने संगीत और गीतों के माध्यम से झांकी का उत्साह बढ़ाया। झांकी मार्ग में उपस्थित नागरिक, पर्यटक और श्रद्धालु इन पर पुष्प वर्षा कर रहे थे, जिससे माहौल और भी भव्य हो गया।</p>
<p><strong>शहर में सुरक्षा प्रबंध और व्यवस्था</strong></p>
<p>इस बड़े आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पुलिस और प्रशासन ने शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी और सुरक्षा के लिए अत्यधिक सावधानी बरती गई। आईटी पेशेवर करमवीर सिंह, जो पुणे से आए थे, ने कहा कि उन्होंने इस आयोजन का भरपूर आनंद लिया, हालांकि, बाहरी लोगों के लिए सुरक्षा प्रबंध के चलते शहर में घूमना चुनौतीपूर्ण रहा।</p>
<p><strong>अवध विश्वविद्यालय और स्वयंसेवकों का योगदान</strong></p>
<p>डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और अन्य महाविद्यालयों के 30,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप जलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तेल और बाती डालकर दीपों को प्रज्वलित करने का कार्य किया। इस आयोजन में स्थानीय समुदाय और छात्रों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।</p>
<p>इस दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या ने न केवल एक धार्मिक आयोजन किया, बल्कि इसे सांस्कृतिक धरोहर का स्वरूप भी प्रदान किया। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिला और स्थानीय समुदाय को एकजुट होकर अपनी संस्कृति का गौरव मनाने का अवसर मिला। राम मंदिर के पुनः स्थापना के बाद पहली दिवाली को मनाने के लिए यह दीपोत्सव विशेष बन गया।</p>
<p>अयोध्या का यह दीपोत्सव न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह आस्था और एकता का भी संगम है। दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के साथ, यह आयोजन अपने आप में एक नया इतिहास रचता है। दीपों की जगमगाहट, भक्तों की श्रद्धा और भव्य आयोजन ने इस दीपोत्सव को चिरस्मरणीय बना दिया।</p>
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		<title>कथित महंथ ने 7000 रुपए लेकर बनाया राम जन्मभूमि का फर्जी पास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Oct 2024 09:05:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
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		<category><![CDATA[राम जन्मभूमि]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अयोध्या 11 अक्टूबर। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में एक फर्जी पास से संबंधित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। दीपक</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या 11 अक्टूबर। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में एक फर्जी पास से संबंधित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। दीपक वर्मा, जो रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में सुरक्षा कर्मी के रूप में कार्यरत हैं, ने 4 अक्टूबर 2024 को रात 9:30 बजे के आसपास अपनी ड्यूटी के दौरान इस घोटाले को उजागर किया। उनके मुताबिक, वे डिप्टी क्रासिंग 07 पर स्कैनर के जरिए श्रद्धालुओं के पास की जांच कर रहे थे, ताकि वे मंदिर में आरती के लिए प्रवेश कर सकें। इसी दौरान, सुनील देत नामक व्यक्ति, जो अपने परिवार के साथ आरती के लिए आया था, उसका पास स्कैन करने पर फर्जी पाया गया।</p>
<p><strong>कैसे हुआ खुलासा?</strong></p>
<p>सुनील देत ने दावा किया कि यह पास उन्हें विपिनदास नामक व्यक्ति ने बनवाकर दिया था, जो हनुमानगढ़ी में रहता है। विपिनदास के पिता स्वर्गीय लक्ष्मीनाय उपाध्याय अटवा, हर्रैया, जनपद बस्ती के निवासी थे। जानकारी के अनुसार, विपिनदास हनुमानगढ़ी के भोला भण्डारी के मौसी का लड़का है, जिससे उसकी पहचान और भी पुख्ता हो जाती है। सुनील देत ने यह भी बताया कि पास बनाने के लिए उसे 7000 रुपये स्कैनर के माध्यम से दिए गए थे। दीपक वर्मा ने घटना की जानकारी तुरंत पास बनाने वाले सोपेश जी को दी, जो ट्रस्ट के सदस्य हैं। सोपेश जी ने पास की जांच की और पुष्टि की कि यह पास फर्जी है। इस दौरान, विपिनदास मौके पर ही मौजूद था और पास की सत्यता सामने आते ही धीरे से वहां से भाग निकला। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है और वह दाढ़ी रखता है।</p>
<p><strong>धोखाधड़ी की प्रक्रिया</strong></p>
<p>यह पूरी घटना यह इंगित करती है कि किस प्रकार विपिनदास ने फर्जी पास बनवाकर श्रद्धालुओं से अनुचित लाभ प्राप्त किया और धोखाधड़ी की। इस घटना से यह साफ होता है कि किस प्रकार कुछ लोग आस्था के केंद्रों में भी श्रद्धालुओं को धोखा देने की कोशिश करते हैं। सुनील देत ने इस फर्जीवाड़े में अपना नाम सामने आने के बाद यह स्पष्ट किया कि उन्हें इस धोखाधड़ी की पूरी जानकारी नहीं थी और वह केवल आरती के लिए पास लेकर आए थे।</p>
<p>इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि श्रद्धालुओं से आस्था के नाम पर पैसे लेकर फर्जी पास का कारोबार किया जा रहा है। सुरक्षा कर्मी दीपक वर्मा की सतर्कता से यह घोटाला उजागर हुआ, जो कि रामजन्मभूमि क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम कर रहे थे।</p>
<p>इस मामले को लेकर दीपक वर्मा ने तत्काल सुरक्षा अधिकारियों और प्रशासन को सूचित किया और विपिनदास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र जैसी पवित्र जगह पर ऐसी धोखाधड़ी एक गंभीर अपराध है, और इससे जुड़े सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p>धोखाधड़ी का यह मामला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करता है। यह जरूरी है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए और भी अधिक सतर्कता बरती जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>रामजन्मभूमि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विश्वास की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है कि किस प्रकार आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले लोग सक्रिय हैं और किस प्रकार से उन्हें पकड़ने के लिए अधिक सतर्कता और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है।</p>
<p>इसके अलावा, श्रद्धालुओं को भी जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को देनी चाहिए। इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए जागरूकता और सतर्कता दोनों ही आवश्यक हैं।</p>
<p>इस घटना ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र जैसे पवित्र स्थानों पर भी धोखाधड़ी की संभावनाओं को उजागर किया है। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से यह मामला सामने आया, लेकिन यह जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को धोखाधड़ी से बचाया जा सके और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।</p>
<p>विपिनदास द्वारा किए गए इस घोटाले से यह स्पष्ट होता है कि धोखेबाजों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई ही इस तरह की घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है।</p>
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