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	<title>America Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>अमेरिका में सरकार की दक्षता बढ़ाने के लिए एलन मस्क और विवेक रामास्वामी का चयन: ट्रम्प का नया कदम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Nov 2024 09:47:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Donald trump]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 14 नवंबर। अमेरिका के राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को एलन मस्क और विवेक रामास्वामी को अपनी</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/selection-of-elon-musk-and-vivek-ramaswami-to-increase-the-efficiency-of-government-in-america-trumps-new-move/">अमेरिका में सरकार की दक्षता बढ़ाने के लिए एलन मस्क और विवेक रामास्वामी का चयन: ट्रम्प का नया कदम</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 14 नवंबर। अमेरिका के राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को एलन मस्क और विवेक रामास्वामी को अपनी प्रशासनिक टीम का हिस्सा बनाते हुए &#8220;डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी&#8221; (DOGE) नामक एक नए विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणालियों में सुधार करना, अपव्यय को कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। यह नियुक्ति मस्क की प्रभावशाली स्थिति और उनकी कंपनियों को अमेरिकी सरकार से जुड़ी नीतियों में विशेष लाभ दिलाने का संकेत भी मानी जा रही है।</p>
<p>एलन मस्क, जो वर्तमान में टेस्ला, स्पेसएक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के सीईओ हैं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं। मस्क ने ट्रम्प के चुनावी अभियान में आर्थिक सहयोग किया था और कई मौकों पर उनके साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए हैं। वहीं विवेक रामास्वामी, जो एक दवा कंपनी के संस्थापक और रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके हैं, ने भी ट्रम्प को समर्थन दिया है। ट्रम्प ने उन्हें एक खास भूमिका सौंपी है, जिसमें वे अमेरिकी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव लाने में मस्क का साथ देंगे।</p>
<p><strong>विभाग का उद्देश्य और कार्यप्रणाली</strong></p>
<p>ट्रम्प ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस विभाग का मुख्य उद्देश्य संघीय सरकार में &#8220;सरकारी नौकरशाही को समाप्त करना, अनावश्यक नियमों में कटौती करना, अपव्ययी खर्चों को कम करना और संघीय एजेंसियों का पुनर्गठन करना&#8221; होगा। डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को पारंपरिक सरकारी एजेंसियों से स्वतंत्र रूप से कार्य करने की शक्ति दी जाएगी। यह विभाग व्हाइट हाउस और ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) के साथ मिलकर सरकारी संरचना में सुधार की दिशा में काम करेगा।</p>
<p>ट्रम्प का मानना है कि यह नया विभाग उनकी रिपब्लिकन पार्टी की पुरानी आकांक्षाओं को साकार करेगा। उन्होंने इस विभाग को &#8220;सरकारी कार्यों के लिए एक उद्यमशील दृष्टिकोण&#8221; अपनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम कहा। ट्रम्प के अनुसार, यह विभाग 4 जुलाई 2026 तक अपने कार्य को पूरा करेगा, जो अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा की 250वीं वर्षगांठ का प्रतीक होगा।</p>
<p><strong>एलन मस्क के लिए नई भूमिका का महत्व</strong></p>
<p>एलन मस्क, जो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में गिने जाते हैं, उनके लिए यह भूमिका न केवल उनके व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाली है, बल्कि उनके व्यापारिक हितों के लिए भी लाभकारी हो सकती है। फोर्ब्स के अनुसार, मस्क का अमेरिकी सरकार में बढ़ता प्रभाव उन्हें अपनी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत फायदे दिला सकता है। मस्क का ट्रम्प प्रशासन में शामिल होना उनकी प्रिय परियोजनाओं, जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्रिप्टोकरेंसी, के भविष्य के लिए भी सकारात्मक साबित हो सकता है।</p>
<p>शेयर बाजार के विशेषज्ञ डेनियल इव्स का मानना है कि मस्क का यह कदम एक “कुशल चाल” है, जो उन्हें विभिन्न संघीय एजेंसियों में व्यापक प्रभाव प्रदान कर सकता है। इव्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मस्क और टेस्ला के लिए इस नई भूमिका में लाभकारी अवसर होंगे, जो उनके व्यवसायों की बाजार स्थिति को मजबूत करने में सहायक होंगे। इव्स का कहना है कि इस कदम से मस्क के प्रभाव का विस्तार होगा और यह उनका “एतिहासिक दांव” होगा, जिसमें उन्होंने ट्रम्प पर भरोसा जताया है।</p>
<p><strong>&#8220;DOGE&#8221; &#8211; विभाग का नया नाम और पारदर्शिता की रणनीति</strong></p>
<p>इस नए विभाग का नाम &#8220;DOGE&#8221; रखा गया है, जो मस्क की प्रिय क्रिप्टोकरेंसी ‘डॉजकॉइन’ को संदर्भित करता है। मस्क ने पारदर्शिता का आश्वासन देते हुए कहा कि विभाग की सभी कार्रवाइयों को ऑनलाइन पोस्ट किया जाएगा ताकि जनता उन्हें देख सके और सुझाव दे सके। उन्होंने घोषणा की कि DOGE विभाग एक ऐसा लीडरबोर्ड तैयार करेगा, जिसमें &#8220;असाधारण रूप से मूर्खतापूर्ण सरकारी खर्चों&#8221; को दर्शाया जाएगा। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यह लीडरबोर्ड न केवल ट्रैजिक होगा बल्कि अत्यंत मनोरंजक भी होगा।</p>
<p>पिछले महीने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक ट्रम्प रैली में, मस्क ने संघीय बजट को &#8220;कम से कम&#8221; दो ट्रिलियन डॉलर तक घटाने की योजना की बात कही थी। उन्होंने जनता से कहा, &#8220;आपका पैसा व्यर्थ जा रहा है और सरकार की दक्षता विभाग इसे ठीक करेगा। हम सरकार को आपके सिर से हटाने और आपकी जेब से दूर करने वाले हैं।&#8221;</p>
<p><strong>विवेक रामास्वामी की भूमिका और उनका योगदान</strong></p>
<p>विवेक रामास्वामी, जो एक सफल उद्यमी हैं और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण अनुभव है, ने इस पद को स्वीकार कर लिया है। रामास्वामी, जो पहले रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे, ने अपनी राजनीतिक यात्रा को एक नया मोड़ देने के लिए इस अवसर को स्वीकार किया। उन्होंने ओहायो के अमेरिकी सीनेट की दौड़ से अपने नामांकन को वापस ले लिया है ताकि वे इस भूमिका में अपने समय का निवेश कर सकें।</p>
<p>रामास्वामी का कहना है कि यह नया विभाग उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है और वे इसे अपने करियर का “उत्कर्ष” मानते हैं। रामास्वामी का अनुभव और ज्ञान इस विभाग के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, और उनका मानना है कि उनकी उपस्थिति सरकार को अधिक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में सहायक होगी।</p>
<p><strong>ट्रम्प की सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम</strong></p>
<p>ट्रम्प का यह कदम उनकी “मैनहटन प्रोजेक्ट” के समान है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय परमाणु बम के निर्माण के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा किया गया एक गुप्त और महत्वाकांक्षी परियोजना थी। ट्रम्प का मानना है कि यह विभाग अमेरिकी सरकार के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम करेगा और इसे &#8220;सरकार के हर पहलू में सुधार और दक्षता लाने&#8221; का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानते हैं।</p>
<p>इससे पहले, विभिन्न रिपब्लिकन नेताओं ने सरकारी कार्यप्रणालियों को अधिक उत्पादक और अनावश्यक खर्चों को कम करने की आवश्यकता को बताया है। ट्रम्प के इस कदम को रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों द्वारा एक साहसिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो पार्टी की पुरानी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में है।</p>
<p><strong>जनता की भागीदारी और सुझावों का स्वागत</strong></p>
<p>मस्क और रामास्वामी का यह विभाग न केवल सरकारी खर्चों में कटौती करेगा बल्कि आम जनता को सरकार की गतिविधियों में भाग लेने का मौका भी देगा। यह निर्णय लेना कि सरकार के कौन से खर्च अनावश्यक हैं और किस तरह की नीतियों में बदलाव की आवश्यकता है, जनता को सीधे तौर पर शामिल करने का एक तरीका होगा।</p>
<p>मस्क ने अपने बयान में कहा, &#8220;सरकार की दक्षता विभाग की सभी कार्रवाइयों को ऑनलाइन पोस्ट किया जाएगा ताकि अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।&#8221; उन्होंने लोगों को सुझाव देने के लिए आमंत्रित भी किया है और कहा कि &#8220;असाधारण रूप से मूर्खतापूर्ण सरकारी खर्चों&#8221; की एक लीडरबोर्ड जनता के लिए तैयार किया जाएगा।</p>
<p>इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि सरकार का खर्च जनता की नजर में रहेगा और लोगों को पता चलेगा कि उनका टैक्स का पैसा कहां जा रहा है। मस्क के इस कदम को पारदर्शिता बढ़ाने और जनता की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।</p>
<p>डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी का निर्माण अमेरिकी प्रशासनिक प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक कदम है। ट्रम्प द्वारा मस्क और रामास्वामी को दी गई यह जिम्मेदारी न केवल उनकी सरकार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में है, बल्कि यह मस्क के व्यावसायिक प्रभाव को भी बढ़ाने में सहायक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विभाग पारदर्शिता, जनता की भागीदारी और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए नई दिशा प्रदान करेगा।</p>
<p>विभाग की ओर से पारदर्शिता बढ़ाने, जनता को शामिल करने और सरकारी खर्चों में कटौती के प्रयास भविष्य में सरकार की कार्यप्रणाली को एक नया आयाम दे सकते हैं।</p>
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		<title>&#8220;डोनाल्ड ट्रम्प: अमेरिकी रियल एस्टेट से राष्ट्रपति पद तक का विवादों और उपलब्धियों से भरा सफर&#8221;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Nov 2024 04:55:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Donald trump]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 7 नवंबर। डोनाल्ड ट्रम्प की जीवन यात्रा, पारिवारिक इतिहास, व्यापारिक साम्राज्य के निर्माण से लेकर अमेरिका</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/donald-trump-a-journey-full-of-controversies-and-achievements-from-us-real-estate-to-the-presidency/">&#8220;डोनाल्ड ट्रम्प: अमेरिकी रियल एस्टेट से राष्ट्रपति पद तक का विवादों और उपलब्धियों से भरा सफर&#8221;</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 7 नवंबर। डोनाल्ड ट्रम्प की जीवन यात्रा, पारिवारिक इतिहास, व्यापारिक साम्राज्य के निर्माण से लेकर अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बनने तक की कहानी एक उल्लेखनीय और पेचीदा विषय है। उनकी कहानी में न्यूयॉर्क के रियल एस्टेट क्षेत्र से शुरू होकर वैश्विक राजनीति तक का सफर शामिल है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को दर्शाता है बल्कि आधुनिक अमेरिकी राजनीति के कई पहलुओं पर भी प्रकाश डालता है।</p>
<p><strong>शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि</strong></p>
<p>डोनाल्ड जॉन ट्रम्प का जन्म 14 जून, 1946 को क्वींस, न्यूयॉर्क में हुआ था। उनके पिता, फ्रेड ट्रम्प, एक प्रसिद्ध रियल एस्टेट डेवलपर थे, जिन्होंने क्वींस और ब्रुकलिन के कई इलाकों में आवासीय परिसरों का निर्माण किया। उनकी मां, मैरी ऐनी मैकलियोड, स्कॉटलैंड से अमेरिका आई थीं और घरेलू जीवन में गहरी आस्था रखती थीं। ट्रम्प के चार भाई-बहन हैं: मैरीएन ट्रम्प बैरी, जो एक संघीय न्यायाधीश रहीं; फ्रेडरिक ट्रम्प जूनियर, जिन्होंने परिवार के व्यवसाय में शामिल होने के बजाय पायलट का करियर चुना और असामयिक निधन को प्राप्त हुए; एलिजाबेथ ट्रम्प ग्रू, और रॉबर्ट ट्रम्प, जिन्होंने भी रियल एस्टेट में योगदान दिया।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पिता से रियल एस्टेट उद्योग की बारीकियां सीखीं और उसी में अपना करियर बनाना शुरू किया। उनके पिता ने उन्हें अनुशासन और व्यापारिक समझ के कई पहलुओं से परिचित कराया, जिसने ट्रम्प के व्यक्तित्व पर गहरा असर डाला।</p>
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<p><strong>व्यवसायिक करियर और रियल एस्टेट साम्राज्य की शुरुआत</strong></p>
<p>1971 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पिता की परंपरा को मैनहट्टन में ले जाकर कई बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। उन्होंने कुछ ऐसी परियोजनाएं शुरू कीं, जो उस समय के लिए महत्वाकांक्षी मानी जाती थीं, जैसे ट्रम्प टॉवर और ट्रम्प वर्ल्ड टॉवर। मैनहट्टन में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के साथ ही ट्रम्प ने खुद को न केवल एक रियल एस्टेट टाइकून बल्कि एक ब्रांड के रूप में भी स्थापित करना शुरू किया।</p>
<p>1980 के दशक में, ट्रम्प ने होटल और कैसीनो उद्योग में कदम रखा, जिसमें अटलांटिक सिटी के ट्रम्प ताज महल, ट्रम्प प्लाजा और ट्रम्प कैसल जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। ये प्रोजेक्ट्स उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए, लेकिन साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर कर्ज भी लिया। इसने उनके व्यवसाय को कई बार आर्थिक संकट में डाला, जिसके चलते उन्हें कई बार दिवालियापन का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>&#8216;द अप्रेंटिस&#8217; और ब्रांड बिल्डिंग</strong></p>
<p>2004 में, ट्रम्प ने एनबीसी के रियलिटी शो &#8216;द अप्रेंटिस&#8217; की मेजबानी शुरू की। इस शो के माध्यम से, उन्होंने खुद को एक कठोर, व्यावसायिक नेता के रूप में प्रस्तुत किया, और &#8220;यू आर फायरड!&#8221; उनकी पहचान का हिस्सा बन गया। इस शो ने उनकी ब्रांडिंग को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया। इसके बाद, &#8216;सेलेब्रिटी अप्रेंटिस&#8217; जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में अपनी पकड़ बनाए रखी और अपनी लोकप्रियता को और भी बढ़ाया।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति पद की यात्रा</strong></p>
<p>2015 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। उनके चुनावी रैलियों के भाषणों ने विवादों को जन्म दिया और उनके सीधे तथा तीखे बयानों ने मीडिया और जनता का ध्यान खींचा। उन्होंने &#8220;मेक अमेरिका ग्रेट अगेन&#8221; और &#8220;अमेरिका फर्स्ट&#8221; जैसे नारे दिए, जो उनके राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करते थे।</p>
<p>2016 के राष्ट्रपति चुनाव में, ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन को हराकर जीत दर्ज की, जिसे अमेरिकी राजनीति के इतिहास में एक अप्रत्याशित जीत माना गया। उनकी यह जीत न केवल उनके समर्थकों के लिए बल्कि उनके आलोचकों के लिए भी चौंकाने वाली थी।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति पद का कार्यकाल</strong></p>
<p>ट्रम्प के चार वर्षीय राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में कई प्रमुख नीतिगत बदलाव हुए। उनके कार्यकाल के दौरान, आव्रजन नीति, कर सुधार, और व्यापारिक समझौतों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले।</p>
<p><strong>आव्रजन और सीमा सुरक्षा</strong></p>
<p>अपने कार्यकाल के दौरान, ट्रम्प ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की योजना बनाई और आव्रजन कानूनों में कठोर बदलाव लाए। इसके तहत उन्होंने कई विवादास्पद फैसले लिए, जिसमें &#8220;मुस्लिम बैन&#8221; शामिल था, जो कुछ मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाता था। ट्रम्प के इन फैसलों का समर्थन और विरोध दोनों हुआ।</p>
<p><strong>व्यापार नीति और कर सुधार</strong></p>
<p>2017 में, ट्रम्प प्रशासन ने कर सुधार का एक बड़ा कानून पारित किया, जिससे व्यक्तिगत और कंपनियों के करदाता को राहत मिली। इसके साथ ही, ट्रम्प ने व्यापार नीतियों में &#8220;अमेरिका फर्स्ट&#8221; दृष्टिकोण अपनाया, जिसके तहत उन्होंने चीन, कनाडा, और अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों में बदलाव किए और कई उत्पादों पर टैरिफ लगाए।</p>
<p><strong>विदेश नीति में अहम बदलाव</strong></p>
<p>विदेश नीति के मोर्चे पर, ट्रम्प प्रशासन ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए। इजराइल को खुला समर्थन देते हुए उन्होंने यरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद उत्पन्न हुआ। इसके अलावा, उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से मुलाकात की, जो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक ऐतिहासिक कदम था।</p>
<p><strong>महाभियोग और जांच</strong></p>
<p>ट्रम्प का राष्ट्रपति कार्यकाल विवादों और कानूनी जांचों से घिरा रहा। 2019 में, यूक्रेन मामले को लेकर उन पर महाभियोग लगाया गया, जिसमें उन पर आरोप था कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन की जांच के लिए दबाव डाला था। इसके बाद 2021 में कैपिटल हिंसा के बाद उनके खिलाफ दूसरा महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया। उन पर आरोप था कि उन्होंने हिंसा भड़काई थी। हालांकि, दोनों ही मामलों में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति पद के बाद का जीवन और 2024 की उम्मीदवारी</strong></p>
<p>2020 के राष्ट्रपति चुनाव में, ट्रम्प ने जो बिडेन के खिलाफ हार का सामना किया। इसके बाद उन्होंने चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाए और अपनी हार स्वीकार करने से इनकार किया। इसके बावजूद, वे सक्रिय रूप से राजनीति में बने रहे और 2024 में फिर से राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>डोनाल्ड ट्रम्प की कहानी विरोधाभासों और उपलब्धियों का एक अद्वितीय मिश्रण है। उनके समर्थकों के लिए वे अमेरिकी सपने का प्रतीक हैं, जो अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता के बल पर राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। दूसरी ओर, उनके आलोचक उन्हें विभाजनकारी और विवादास्पद नेता मानते हैं।</p>
<p>ट्रम्प का जीवन और करियर, उनकी राजनीतिक यात्रा और उनके नेतृत्व की शैली आने वाले समय में भी चर्चा का विषय बनी रहेगी। उनका प्रभाव न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि विश्व मंच पर भी लंबे समय तक दिखाई देगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>11 गुजरातियों ने अमेरिकियों को लूटा, सात अन्य भी शामिल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 02:31:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[11 Gujaratis who looted Americans]]></category>
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		<category><![CDATA[Cyber security]]></category>
		<category><![CDATA[Gujaratis]]></category>
		<category><![CDATA[seven others also involved]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वह 11 गुजराती जिन्होंने अमेरिकियों को लूटा, 7 और है शामिल  नई दिल्ली 1 अक्टूबर । केंद्रीय जांच</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/11-gujaratis-who-looted-americans-seven-others-also-involved/">11 गुजरातियों ने अमेरिकियों को लूटा, सात अन्य भी शामिल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>वह 11 गुजराती जिन्होंने अमेरिकियों को लूटा, 7 और है शामिल </strong></p>
<p>नई दिल्ली 1 अक्टूबर । केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गुजरात के 11 लोगों सहित देश भर के 18 लोगों के खिलाफ जांच शुरू की है, जिन पर कथित तौर पर कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को ठगने का आरोप है। सीबीआई ने पिछले सप्ताह 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम सहित देश भर में 32 स्थानों पर तलाशी ली। 22 सितंबर को दर्ज सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, गुजरात के आरोपियों में न्यू नरोदा निवासी दिव्यांग रावल शामिल हैं, जिनका विशाखापत्तनम और पुणे में कारोबार है; न्यू रानिप से उनके पार्टनर कार्तिक पटेल; नरोदा से तक्षशिल शाह और साहिल वंजारा; ओधव से आकाश शंखला; और अरवल्ली के धनसुरा से तीर्थ पटेल भी शामिल है। एफआईआर में नामित अन्य लोगों में नाना चिलोदा से विकास निमार शामिल हैं, जो विशाखापत्तनम में अपनी फर्म चलाते हैं खोडियार से प्रीतेश पटेल, वटवा से इरफान अंसारी और रामोल से अश्मत शेख शामिल है। एफआईआर में कहा गया है कि रावल और अन्य, अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जून 2024 से अहमदाबाद, हैदराबाद, विशाखापत्तनम और पुणे में सूचना प्रौद्योगिकी फर्मों के नाम पर कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। तलाशी के दौरान, सीबीआई ने महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। कुल 951 सामान जब्त किए गए, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और लैपटॉप शामिल हैं, जिनमें वित्तीय जानकारी, संचार रिकॉर्ड और इस साइबर अपराध नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। इसके अलावा, 58.45 लाख रुपये नकद, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी वाहन बरामद किए। केंद्रीय एजेंसी ने अब तक 26 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पुणे से 10, हैदराबाद से पांच और विशाखापत्तनम से 11 शामिल हैं। सीबीएल अधिकारी ने कहा कि अवैध कॉल सेंटरों के अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर जांच और पूछताछ जारी है। अमेरिकी पीड़ितों का पता लगाया गया 28 जुलाई को, आरोपियों ने अमेरिका के एक व्यक्ति को निशाना बनाया और उसे झूठा बताया कि उसके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की गई है और अमेरिकी ट्रेजरी की आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) को उसके बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया है। उन्होंने पीड़ित को आरोपी द्वारा दिए गए खाते में 20,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए राजी किया ताकि वह निर्दोष साबित हो सके जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने 11 जुलाई को अमेरिका के एक अन्य पीड़ित को निशाना बनाया और उसे 20,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए राजी किया और इस तरह उसके साथ धोखाधड़ी की। 23 जुलाई को, आरोपियों ने ऑनलाइन अमेरिका में एक अन्य पीड़ित को निशाना बनाया और उससे आरोपी व्यक्ति के क्रिप्टो वॉलेट में 15,000 अमेरिकी डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी (BTC) जमा करवा ली।</p>
<p>आरोपी कैसे काम करते हैं?</p>
<p>&#8211; आरोपी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लेन-देन वाली तकनीक-सक्षम वित्तीय अपराध नेटवर्क में शामिल थे। उन्होंने तकनीकी सहायता सेवाएँ प्रदान करने की आड़ में अमेरिकी पीड़ितों को ऑनलाइन निशाना बनाया और रिमोट एक्सेस सॉफ़्टवेयर के माध्यम से उनके कंप्यूटर सिस्टम और बैंक खातों तक धोखाधड़ी से पहुँच प्राप्त की।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को गलत तरीके से बताया कि उनके कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर लिया गया है, उनकी पहचान चुरा ली गई है या उनके बैंक खातों में अवैध लेनदेन किए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ितों को बताया कि उनके नाम पर Amazon के माध्यम से कई संदिग्ध ऑर्डर दिए गए हैं या वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में हैं।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को उनके द्वारा दिए गए बैंक खातों में धन हस्तांतरित करने के लिए राजी किया।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों से अंतर्राष्ट्रीय उपहार कार्ड खरीदने और कोड साझा करने का भी आग्रह किया, या उनके बैंक खातों से धन निकालकर क्रिप्टो एटीएम या क्रिप्टो वॉलेट में जमा करवा दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया कि ऐसा उनके बैंक खातों में जमा धन की सुरक्षा के लिए किया गया था।</p>
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