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	<title>क्राइम Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की सरेआम हत्या, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 06:22:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sitapur]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[#uppolice]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Jagran journalist Raghavendra Bajpai murdered in broad daylight in Sitapur]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<category><![CDATA[questions raised on law and order]]></category>
		<category><![CDATA[sitapurdm]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सीतापुर, 9 मार्च। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सोमवार शाम को हुए एक दिल दहला देने वाले</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/dainik-jagran-journalist-raghavendra-bajpai-murdered-in-broad-daylight-in-sitapur-questions-raised-on-law-and-order/">सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की सरेआम हत्या, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>सीतापुर, 9 मार्च। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सोमवार शाम को हुए एक दिल दहला देने वाले अपराध ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना इमलिया सुल्तानपुर हाईवे के हेमपुर ओवरब्रिज पर हुई, जहां अज्ञात बदमाशों ने उनकी बाइक को रोका और पीठ पर गोली मार दी। घायल होकर गिरने के बाद भी अपराधियों ने उन्हें छोड़ने के बजाय सिर में सटाकर गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>यह नृशंस हत्या प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के तुरंत बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि राघवेंद्र को 12 बोर और 15 बोर के तमंचों से चार गोलियां मारी गईं।</p>
<p><strong>हत्या के पहले का घटनाक्रम: फोन कॉल से जुड़ा रहस्य</strong></p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, हत्या से कुछ समय पहले राघवेंद्र के मोबाइल पर एक कॉल आया था, जिसके बाद वह अचानक घर से निकल गए। अब पुलिस इस फोन कॉल की जांच कर रही है, क्योंकि यह हत्या के पीछे के कारणों को उजागर कर सकता है।</p>
<p><strong>परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>35 वर्षीय राघवेंद्र बाजपेयी के परिवार पर यह त्रासदी गहरा आघात बनकर टूटी है। उनके पिता पहले से ही बीमार हैं, पत्नी और दो छोटे बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं। 15 साल पहले उनके बड़े भाई की एक दुर्घटना में मौत हो चुकी थी, जिससे परिवार पहले ही गहरे सदमे में था।</p>
<p><strong>पुलिस जांच और कार्रवाई</strong></p>
<p>हत्या की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली, महोली और इमलिया थाना पुलिस के साथ एएसपी डॉ. प्रवीण रंजन, सीओ सिटी अमन सिंह और महानिरीक्षक (IG) प्रशांत कुमार द्वितीय मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और जल्द ही संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा किया है।</p>
<p><strong>पत्रकारिता पर हमले और बढ़ते अपराध</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं। इस हत्या के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और यूपी पत्रकार संघ ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता अजय राय ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सरकार से अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।</p>
<p><strong>सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हत्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और दोषियों को जल्द पकड़ने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर नए नियम बनाने की भी बात कही जा रही है।</p>
<p>गोंडा में भी पत्रकारों ने इस घटना पर शोक जताया है और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए। ज़ी न्यूज़ के संवाददाता अतुल कुमार यादव एबीपी न्यूज़ के संवाददाता कृष्ण कुमार न्यूज़ इंडिया के संवाददाता प्रवीण कुमार श्रीवास्तव प्रभात भारत के संवाददाता मनोज कुमार न्यूज़ स्टेट के संवाददाता अंबिकेश्वर प्रताप पांडे जनतंत्र के संवाददाता राज मंगल सिंह सहित कई पत्रकारों ने 2 मिनट का मौन रखकर शोक जताया।</p>
<p>इस हत्याकांड ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता और प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि क्या अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे, या यह मामला भी अन्य हत्याओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?</p>
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		<title>&#8220;रफ्तार थी तेज़, नशा था बेहिसाब, कई ज़िंदगियां ले गया ये ख़ौफ़नाक हिसाब।&#8221;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Nov 2024 02:08:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Alcohol]]></category>
		<category><![CDATA[PMO India]]></category>
		<category><![CDATA[Upgov]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 23 नवंबर। हाल ही में हुए कई दर्दनाक सड़क हादसों ने न केवल कई युवा जिंदगियां</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 23 नवंबर। हाल ही में हुए कई दर्दनाक सड़क हादसों ने न केवल कई युवा जिंदगियां छीन लीं, बल्कि समाज में शराब के बढ़ते प्रचलन और उसके खतरनाक परिणामों पर गंभीर बहस को भी जन्म दिया। यह घटना समाज के हर वर्ग में सवाल खड़े करती है—क्या शराब हमारी युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रही है? क्या इसे &#8220;सामाजिक रूप से स्वीकार्य&#8221; मानकर हम इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज कर रहे हैं? इस लेख में, हम इस विषय को विस्तार से समझेंगे—शराब के सांस्कृतिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को ऐतिहासिक और समकालीन संदर्भों में विश्लेषित करेंगे।</p>
<p><strong>शराब: एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य</strong></p>
<p>शराब मानव सभ्यता का एक प्राचीन हिस्सा रही है। ऐतिहासिक रूप से, इसे धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक उत्सवों और सामाजिक मेलजोल का अभिन्न हिस्सा माना गया है। भारतीय संदर्भ में, वैदिक काल में &#8220;सोमरस&#8221; का उल्लेख मिलता है, जो देवताओं को अर्पित किया जाने वाला पेय था। इसी तरह, यूनानी और रोमन सभ्यताओं में मीड और वाइन का प्रचलन देखा गया।</p>
<p>हालांकि, उस समय शराब का सेवन सख्त नियमों और सीमाओं के तहत किया जाता था। इसे नियंत्रित मात्रा में प्रयोग किया जाता था, और इसका दुरुपयोग अनैतिक माना जाता था। लेकिन वर्तमान समय में, शराब का उपयोग धीरे-धीरे अनियंत्रित हो गया है, और इसे सामाजिक हैसियत और मनोरंजन के साधन के रूप में देखा जाने लगा है।</p>
<p><strong>समकालीन भारत में शराब का प्रचलन</strong></p>
<p>भारत में शराब का प्रचलन तेजी से बढ़ा है, खासकर युवा पीढ़ी के बीच। 2019 में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक अध्ययन में पाया गया कि 10-70 आयु वर्ग की 15% आबादी शराब का सेवन करती है। इनमें से 5.7 करोड़ लोग समस्याग्रस्त उपयोगकर्ता हैं, जबकि 2.9 करोड़ लोग शराब पर पूरी तरह निर्भर हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-4159 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI.jpg" alt="" width="1070" height="1550" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI.jpg 1070w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI-207x300.jpg 207w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI-707x1024.jpg 707w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI-768x1113.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI-1060x1536.jpg 1060w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/11/Screenshot_20241123_070519_TOI-1024x1483.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1070px) 100vw, 1070px" /></p>
<p><strong>महिलाओं में शराब का बढ़ता प्रचलन</strong></p>
<p>महिलाओं के लिए शराब का सेवन लंबे समय तक वर्जित माना गया था, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। कंपनियां और विज्ञापन शराब को सशक्तिकरण और ग्लैमर से जोड़कर प्रस्तुत कर रही हैं। हालांकि, यह प्रवृत्ति खतरनाक है, क्योंकि महिलाओं के शरीर में शराब के नकारात्मक प्रभाव अधिक गंभीर हो सकते हैं।</p>
<p><strong>शराब और स्वास्थ्य: एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण</strong></p>
<p><strong>शराब के शारीरिक प्रभाव</strong></p>
<p>शराब सीधे तौर पर हमारे मस्तिष्क और शरीर पर असर डालती है। यह एक अवसादक है, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता को धीमा कर देती है, सजगता को प्रभावित करती है, और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देती है।</p>
<p><strong>दीर्घकालिक प्रभाव</strong></p>
<ul>
<li><strong>लीवर सिरोसिस:</strong> अत्यधिक शराब पीने से लीवर सिरोसिस का खतरा बढ़ता है।</li>
<li><strong>हृदय रोग:</strong> उच्च रक्तचाप और हृदय की समस्याएं शराब से जुड़ी होती हैं।</li>
<li><strong>कैंसर:</strong> अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च के अनुसार, शराब कैंसर के लिए तीसरा सबसे बड़ा जोखिम कारक है।</li>
<li><strong>मनोवैज्ञानिक प्रभाव:</strong> शराब डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्महत्या जैसे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।</li>
</ul>
<p><strong>शराब और युवाओं पर प्रभाव</strong></p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, 25 वर्ष से कम उम्र में शराब का सेवन अत्यधिक खतरनाक है, क्योंकि इस आयु तक मस्तिष्क का विकास जारी रहता है। शराब युवाओं की निर्णय क्षमता को कमजोर करती है, जिससे दुर्घटनाओं और हिंसक घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>सड़क दुर्घटनाएं और शराब: खतरनाक संयोजन</strong></p>
<p>देहरादून हादसे जैसे उदाहरण दर्शाते हैं कि शराब और तेज़ रफ्तार का मेल कितना घातक हो सकता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने के कारण होता है।</p>
<p><strong>कानूनी प्रयास और उनकी प्रभावशीलता</strong></p>
<p>हालांकि सरकार ने शराब पीकर गाड़ी चलाने को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए हैं, लेकिन उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। जुर्माने और सजा के प्रावधान के बावजूद, सड़क पर शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।</p>
<p><strong>शराब और समाज: एक नैतिक दुविधा</strong></p>
<p>शराब न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी बुरा प्रभाव डालती है। यह परिवारों को तोड़ सकती है, घरेलू हिंसा को बढ़ावा दे सकती है, और सामाजिक अपराधों का कारण बन सकती है।</p>
<ul>
<li><strong>शराब और गरीबी- </strong>शराब का एक प्रमुख सामाजिक प्रभाव इसकी आर्थिक लागत है। गरीब परिवारों में शराब पर खर्च अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों, जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य, से समझौता कर देता है।</li>
<li><strong>महिलाओं और बच्चों पर प्रभाव- </strong>शराब के कारण होने वाली घरेलू हिंसा और उपेक्षा से महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>क्या शराब का कोई सकारात्मक पक्ष है?</strong></p>
<p>शराब को अक्सर भूमध्यसागरीय आहार का हिस्सा बताते हुए उसके संभावित स्वास्थ्य लाभों का दावा किया जाता है। लेकिन हाल के शोधों ने इस धारणा को चुनौती दी है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब से पूरी तरह बचना चाहिए।</p>
<p><strong>क्या शराब पूरी तरह बैन होनी चाहिए?</strong></p>
<p>पूजा भट्ट जैसे सेलेब्रिटीज़ इसे &#8220;खुलेआम बेची जाने वाली दवा&#8221; कहते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना संभव और व्यावहारिक है? गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में शराबबंदी के बावजूद इसका अवैध व्यापार और तस्करी जारी है।</p>
<p><strong>शराब नियंत्रण के लिए संभावित समाधान</strong></p>
<ol>
<li><strong>शिक्षा और जागरूकता:</strong> युवाओं को शराब के खतरों के बारे में शिक्षित करना।</li>
<li><strong>कठोर कानून:</strong> शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कठोर दंड।</li>
<li><strong>विकल्प उपलब्ध कराना:</strong> शराब की जगह स्वस्थ मनोरंजन के विकल्प प्रदान करना।</li>
<li><strong>सामाजिक समर्थन:</strong> शराब की लत से जूझ रहे लोगों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं।</li>
</ol>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>देहरादून की यह त्रासदी हमें शराब से जुड़े जोखिमों पर विचार करने के लिए मजबूर करती है। शराब का सेवन केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं है; इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। यह समय है कि हम शराब को लेकर अपनी धारणाओं और नीतियों पर पुनर्विचार करें। समाज, सरकार और परिवारों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि शराब का सेवन नियंत्रित हो और इससे जुड़े खतरों को कम किया जा सके।</p>
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		<title>गोंडा में थाने से 900 मीटर पहले लूट की सनसनीखेज घटना, पुलिस के इकबाल को चुनौती</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/sensational-robbery-incident-900-meters-before-the-police-station-in-gonda-challenge-to-the-credibility-of-the-police/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Nov 2024 16:13:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[@gondadm]]></category>
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		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोंडा, 14 नवंबर। जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट की घटना ने पुलिस व्यवस्था और</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/sensational-robbery-incident-900-meters-before-the-police-station-in-gonda-challenge-to-the-credibility-of-the-police/">गोंडा में थाने से 900 मीटर पहले लूट की सनसनीखेज घटना, पुलिस के इकबाल को चुनौती</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गोंडा, 14 नवंबर। जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट की घटना ने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। फतेपुर निवासी बंदना तिवारी अपने पति मनोज कुमार तिवारी के साथ बस्ती जिले के त्रिलोकपुर हडई से अपने घर लौट रही थीं। तभी, खोड़ारे थाने से मात्र 900 मीटर पहले एस आर पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार लुटेरों ने उनके गहनों से भरे बैग को छीन लिया। इस घटना ने न केवल दंपति को गहरे सदमे में डाल दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी भी फैला दी है।</p>
<p>इस लूट के चलते पुलिस की कार्यक्षमता और गश्त व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। थाने के इतने करीब हुई इस घटना ने पुलिस के इकबाल को चुनौती दी है, जिससे इलाके के लोगों में आक्रोश और डर का माहौल बन गया है। यह मामला विशेष रूप से चौंकाने वाला है, क्योंकि यह घटना उस समय हुई जब दंपति अपने बेटों की शादी की तैयारी के लिए गहने लेकर लौट रहे थे।</p>
<p><strong>घटना का विस्तृत विवरण</strong></p>
<p>बंदना तिवारी और उनके पति मनोज कुमार तिवारी अपने दो बेटों की शादी के लिए गहनों और अन्य सामान की खरीदारी करने के बाद बभनान के रास्ते से फतेपुर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक एस आर पेट्रोल पंप के पास पहुंची, अचानक एक तेज़ रफ्तार बाइक पर सवार दो युवक उनके पास आए और गहनों से भरा बैग झपटकर फरार हो गए। मनोज तिवारी ने लुटेरों को रोकने की कोशिश की, लेकिन लुटेरे इतनी तेजी से भाग निकले कि उन्हें रोक पाना संभव नहीं था।</p>
<p>घटना के बाद, दंपति ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस के अनुसार, लूटे गए गहनों की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये आंकी जा रही है। लुटेरों की इस बेखौफ घटना ने थाने के पास हुई इस लूट के कारण सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।</p>
<p><strong>थाने के पास ही हुई लूट ने पुलिस की साख को किया प्रभावित</strong></p>
<p>खोड़ारे थाने से महज 900 मीटर की दूरी पर लूट की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। थाने के इतनी नजदीक अपराधियों ने बिना किसी डर के घटना को अंजाम दिया और पुलिस को चुनौती देते हुए थाने के सामने से ही भाग निकले। इस घटना से यह साफ है कि अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का कोई भय नहीं है।</p>
<p>पुलिस थाने के पास हुए इस लूट कांड ने न केवल जनता में डर का माहौल बनाया है, बल्कि पुलिस की छवि और उसकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग इसे पुलिस की नाकामी के रूप में देख रहे हैं और उनकी ओर से इस घटना को लेकर व्यापक स्तर पर आक्रोश जताया जा रहा है।</p>
<p><strong>परिवार के लिए आर्थिक और मानसिक आघात</strong></p>
<p>यह घटना बंदना तिवारी और मनोज तिवारी के परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। उनके परिवार में 17 तारीख को दो लड़कों की शादी है, और यह लूट उनके लिए एक बड़ी आर्थिक हानि का कारण बनी है। वर्षों से शादी के लिए गहने एक ही झटके में लूट ली गई। शादी के लिए आवश्यक वस्त्र और गहने लेने के बाद परिवार ने जो खुशी मनाई थी, वह अब इस घटना के कारण म्लान हो गई है।</p>
<p>परिवार के करीबी रिश्तेदारों का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी शादी की तैयारियों पर गहरा असर पड़ा है। वे अब इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि शादी की बाकी तैयारियां कैसे पूरी की जाएं। इस प्रकार की घटना से एक ओर जहां परिवार को वित्तीय नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर यह उनके लिए मानसिक पीड़ा का कारण भी बन गई है।</p>
<p><strong>पुलिस की कार्यवाही और लुटेरों की तलाश</strong></p>
<p>घटना की जानकारी मिलते ही खोड़ारे थाने की पुलिस ने क्षेत्र में जांच शुरू कर दी। थाने के प्रभारी ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस लुटेरों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों का सुराग लगाने के लिए पेट्रोल पंप और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। थाने के पास मौजूद कैमरों से पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है, जो उन्हें लुटेरों तक पहुंचा सकते हैं।</p>
<p>पुलिस ने लुटेरों की पहचान के लिए प्रमुख मार्गों पर भी जांच की व्यवस्था की है और आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में गश्त को भी बढ़ा दिया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p><strong>पुलिस के इकबाल पर सवाल और जनता का आक्रोश</strong></p>
<p>थाने के 900 मीटर पहले हुई इस लूट से खोड़ारे थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे पुलिस पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि थाने के पास ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, तो अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा का क्या हाल होगा।</p>
<p>स्थानीय लोग इस घटना को पुलिस के इकबाल पर आघात के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस थाने के पास भी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो अपराधियों में पुलिस का कोई डर नहीं बचा है।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>खोड़ारे थाने से मात्र 900 मीटर की दूरी पर हुई इस लूट की घटना ने पुलिस की कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार, जो शादी के लिए आवश्यक गहनों की खरीदारी करके लौट रहा था, इस घटना से गहरे सदमे में है। पूरे क्षेत्र में इस घटना ने सनसनी फैला दी है और लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस के लिए यह जरूरी है कि वे जल्द से जल्द इस मामले को हल करें और अपराधियों को गिरफ्तार करके जनता में सुरक्षा का माहौल फिर से स्थापित करें।</p>
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		<title>महिलाओं को प्रेग्नेंट करने की नई नौकरी निकाली है साइबर ठगों ने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Oct 2024 08:19:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[प्रभात भारत विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[#cybercrime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber crime]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>साइबर ठगी का नया ट्रेंड: &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर ठगी का फैलता जाल लखनऊ, विजय प्रताप पांडे</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>साइबर ठगी का नया ट्रेंड: &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर ठगी का फैलता जाल</strong></p>
<p>लखनऊ, विजय प्रताप पांडे (15 अक्टूबर)। साइबर अपराध के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं, और ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीके समाज में गंभीर चिंताएं पैदा कर रहे हैं। इन दिनों एक ऐसा ठगी का ट्रेंड सामने आया है जिसने पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। इस नए ट्रेंड में साइबर ठग सोशल मीडिया पर महिलाओं को प्रेग्नेंट करने के नाम पर नौकरियों का लालच देकर युवाओं से लाखों रुपए ठग रहे हैं। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों तक यह ठगी का तरीका जोर पकड़ रहा है।</p>
<p>इस ठगी की खास बात यह है कि इसका शिकार हुए युवा, सामाजिक बेइज्जती के डर से पुलिस तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण ठगों का नेटवर्क दिन-ब-दिन मजबूत होता जा रहा है। इस लेख में हम ठगी के इस नए तरीके के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे और बताएंगे कि कैसे ठगों ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे विषय को ठगी का हथियार बना लिया है।</p>
<p><strong>ठगी का नया ट्रेंड: &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर ठगी कैसे की जा रही है?</strong></p>
<p>साइबर ठगों द्वारा अपनाए गए इस ठगी के ट्रेंड की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से होती है। ये ठग सोशल मीडिया पर महिलाओं को &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम से एक नकली विज्ञापन पोस्ट करते हैं। इस विज्ञापन में दावा किया जाता है कि जो महिलाएं गर्भवती नहीं हो पा रही हैं, उन्हें प्रेग्नेंट करने के लिए विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p>ठग अपने विज्ञापनों को इस प्रकार डिजाइन करते हैं कि वह पूरी तरह से कानूनी और भरोसेमंद लगें। विज्ञापनों में यह बताया जाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक और मेडिकल साइंस का उपयोग करके महिलाओं को गर्भवती किया जाएगा। ठगों ने इसे एक पेशेवर सेवा का रूप देकर युवाओं को जाल में फंसाना शुरू किया।</p>
<p>जो युवा इन विज्ञापनों से प्रभावित होते हैं, वे ठगों से संपर्क करते हैं। ठग इन युवाओं से मोटी रकम वसूलते हैं और वादा करते हैं कि वे उन्हें गर्भवती महिलाओं के साथ संपर्क स्थापित करने का मौका देंगे। इसके बदले में ठग युवाओं से उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं।</p>
<p><strong>ठगी का जाल: किस तरह से युवा शिकार बन रहे हैं?</strong></p>
<p>&#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर ठगी के शिकार हुए युवाओं का कहना है कि ठगों ने उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाए और महिलाओं के साथ संपर्क स्थापित करने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल ली। ठगों ने न केवल पैसे लिए, बल्कि कई बार इन युवाओं की व्यक्तिगत जानकारी भी चुरा ली, जिससे वे आगे और ठगी का शिकार हो गए।</p>
<p>यह ठगी का तरीका इसलिए भी काम करता है क्योंकि इसमें व्यक्तिगत जीवन और यौन संबंधित विषयों को शामिल किया जाता है, जिनके बारे में लोग आमतौर पर खुलकर बात करने से बचते हैं। इसी कारण, ठगी के शिकार हुए लोग अपनी बेइज्जती और समाज में अपमानित होने के डर से पुलिस के पास नहीं जाते हैं। यह चुप्पी ठगों को और अधिक शक्तिशाली बना देती है, जिससे वे आसानी से और ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।</p>
<p><strong>भरतपुर पुलिस की जांच: मेवात का कनेक्शन</strong></p>
<p>इस ठगी के ट्रेंड का सबसे पहला मामला राजस्थान के भरतपुर जिले से सामने आया। भरतपुर पुलिस ने जब ठगी के मामलों की गहराई से जांच शुरू की, तब पता चला कि यह ठगी का नेटवर्क केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैला हुआ है। पुलिस की जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मेवात के ठग इस ठगी के नए तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p>मेवात, जो हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, साइबर अपराधों का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां के ठग न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ठगी के नए-नए तरीके निकालकर लोगों को ठग रहे हैं।</p>
<p>भरतपुर पुलिस ने मेवात के ठगों की संलिप्तता की पुष्टि की है और यह भी पाया है कि इस गिरोह ने कई राज्यों में अपनी जड़ें जमा ली हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी इसी तरह की ठगी के मामले सामने आए हैं।</p>
<p><strong>साइबर ठगों का नेटवर्क: कैसे फैलता जा रहा है ठगी का जाल?</strong></p>
<p>&#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर ठगी का जाल साइबर ठगों के लिए एक नया और कारगर तरीका साबित हो रहा है। इस ठगी के लिए वे सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं, जहां उन्हें आसानी से अपने शिकार मिल जाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ये ठग अपने विज्ञापन पोस्ट करते हैं और कमजोर और असुरक्षित युवाओं को फंसाने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>ठगों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उनके खिलाफ कोई सबूत न मिले। वे पैसे लेने के बाद तुरंत अपने प्रोफाइल और संपर्क को डिलीट कर देते हैं, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>इसके अलावा, ठगों ने &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर प्रशिक्षण देने का भी धंधा शुरू किया है। वे विभिन्न राज्यों में ऐसे युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जो इस ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह नेटवर्क अब इतना बड़ा हो चुका है कि इसे खत्म करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।</p>
<p><strong>ठगी के शिकार युवाओं की चुप्पी: समाजिक बेइज्जती का डर</strong></p>
<p>इस ठगी का सबसे गंभीर पहलू यह है कि इसके शिकार हुए युवा अपने साथ हुई धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने से बच रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है—समाजिक बेइज्जती का डर। चूंकि ठगी का विषय यौन और व्यक्तिगत मामलों से जुड़ा है, इसलिए पीड़ित इस बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहते।</p>
<p>ठगों को इस बात का पता होता है और वे इसी डर का फायदा उठाकर युवाओं से पैसे ऐंठते हैं। जब पीड़ित ठगों के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी और पैसे दे देते हैं, तब ठग उन्हें धमकाना शुरू कर देते हैं।</p>
<p>कई मामलों में ठगों ने पीड़ितों से और भी ज्यादा पैसे वसूलने की कोशिश की है। वे पीड़ितों की निजी जानकारी का दुरुपयोग करके उन्हें ब्लैकमेल करते हैं, जिससे पीड़ित और भी ज्यादा मानसिक तनाव में आ जाते हैं।</p>
<p><strong>पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती</strong></p>
<p>इस ठगी के ट्रेंड को देखते हुए पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। &#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217; के नाम पर की जा रही इस ठगी के मामलों में जांच करना बेहद मुश्किल है क्योंकि इसके शिकार हुए लोग सामने नहीं आते।</p>
<p>ठगों का पूरा नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और कई राज्यों में यह ठगी का जाल फैला हुआ है। साइबर सुरक्षा एजेंसियां भी इस ठगी के नए तरीकों को लेकर चिंतित हैं क्योंकि ठग हर बार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं।</p>
<p><strong>बचाव के उपाय: कैसे बच सकते हैं इस ठगी से?</strong></p>
<p>साइबर ठगी के शिकार होने से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध विज्ञापन या नौकरी के प्रस्ताव पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।</p>
<p><strong>1. सोशल मीडिया पर सावधानी:</strong> सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर किसी भी विज्ञापन या प्रोफाइल पर बिना जांच-पड़ताल किए विश्वास न करें। अगर कोई व्यक्ति या संगठन आपसे किसी प्रकार की निजी जानकारी या पैसे की मांग करता है, तो उससे सतर्क रहें।</p>
<p><strong>2. साइबर सुरक्षा उपाय:</strong> अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा बढ़ाएं और हमेशा मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।</p>
<p><strong>3. पुलिस में शिकायत दर्ज करें:</strong> अगर आप ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करें। बेइज्जती के डर से चुप रहना ठगों को और भी मजबूत बनाता है।</p>
<p><strong>4. सतर्कता बरतें:</strong> ठगों के जाल में फंसने से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से संपर्क करने से पहले अच्छी तरह जांच करें।</p>
<p><strong>&#8216;प्रेग्नेंट जॉब&#8217;</strong> के नाम पर की जा रही साइबर ठगी ने समाज में एक गंभीर समस्या पैदा कर दी है। यह ठगी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पीड़ित युवाओं का मानसिक और सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ठगों ने एक बेहद संवेदनशील विषय को ठगी का हथियार बना लिया है, जिससे लोग अपनी समस्या को खुलकर व्यक्त करने से डरते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।</p>
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		<item>
		<title>3.1 करोड़ ग्राहकों का संवेदनशील डेटा टेलीग्राम पर बिक्री के लिए उपलब्ध, कहीं आपका तो नहीं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Oct 2024 06:53:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#cybercrime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber attack]]></category>
		<category><![CDATA[Cyberattack]]></category>
		<category><![CDATA[Sensitive data of 3.1 crore customers up for sale on Telegram]]></category>
		<category><![CDATA[Star Health data leak]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के 3.1 करोड़ से ज़्यादा ग्राहकों का संवेदनशील</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/star-health-data-leak-sensitive-data-of-3-1-crore-customers-up-for-sale-on-telegram/">3.1 करोड़ ग्राहकों का संवेदनशील डेटा टेलीग्राम पर बिक्री के लिए उपलब्ध, कहीं आपका तो नहीं</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के 3.1 करोड़ से ज़्यादा ग्राहकों का संवेदनशील डेटा एक हैकर द्वारा लीक किया गया है, जिसने इस जानकारी को टेलीग्राम और अन्य माध्यमों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया है। इस लीक में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, बीमा दावे, और अन्य संवेदनशील विवरण शामिल हैं। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हैकर ने यह डेटा 150,000 डॉलर (करीब 57.5 लाख रुपये) में एक वेबसाइट पर ओपन सेल के लिए डाला है।</p>
<p><strong>साइबर हमले की पुष्टि</strong></p>
<p>स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने इस साइबर हमले की पुष्टि की है और कहा है कि &#8220;लक्षित दुर्भावनापूर्ण साइबर हमले&#8221; की गहन फोरेंसिक जांच चल रही है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और नियामक अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। स्टार हेल्थ के प्रवक्ता के अनुसार, &#8220;हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी सेवाओं पर कोई प्रभाव न पड़े और सभी ऑपरेशन्स बिना किसी व्यवधान के जारी रहें।&#8221;</p>
<p><strong>क्या दावा कर रहा है हैकर?</strong></p>
<p>हैकर, जिसे &#8216;ज़ेनज़ेन&#8217; के नाम से जाना जाता है, ने दावा किया है कि वह यह डेटा स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी से सीधे प्राप्त किया है। उसने आरोप लगाया है कि कंपनी ने उसे यह डेटा बेच दिया है। &#8216;ज़ेनज़ेन&#8217; ने एक वेबसाइट पर लिखा है कि &#8220;मैं स्टार हेल्थ इंडिया के सभी ग्राहकों और बीमा दावों का संवेदनशील डेटा लीक कर रहा हूँ। यह लीक स्टार हेल्थ और एलाइड इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित है, जिसने यह डेटा मुझे सीधे बेचा है।&#8221;</p>
<p>हैकर ने यह भी दावा किया है कि वह &#8220;10,000 डॉलर में 100,000 प्रविष्टियों के लिए पार्ट्स बिक्री&#8221; की पेशकश कर रहा है। लीक किए गए डेटा में कथित तौर पर 57,58,425 स्टार हेल्थ ग्राहकों का डेटा (अगस्त 2024 की शुरुआत तक) और 31,216,953 ग्राहकों के बीमा दावों का डेटा (जुलाई 2024 तक) शामिल है।</p>
<p><strong>लीक हुए डेटा में क्या है?</strong></p>
<p>लीक किए गए डेटा में ग्राहकों की महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी शामिल है। इसमें पूरा नाम, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल, जन्म तिथि, आवासीय पता, बीमित व्यक्ति की जन्म तिथि, बीमित व्यक्ति का नाम, लिंग, पहले से मौजूद बीमारियाँ, पॉलिसी नंबर, स्वास्थ्य कार्ड, नामांकित व्यक्ति का नाम, आयु, दावे, नामांकित व्यक्ति का संबंध, बीमित व्यक्ति की ऊँचाई, वजन, और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) जैसे संवेदनशील विवरण शामिल हैं।</p>
<p>यह जानकारी अत्यंत संवेदनशील है और किसी भी गलत हाथों में जाने पर इसका दुरुपयोग हो सकता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के डेटा लीक से ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है, और इस जानकारी का उपयोग पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, और फिशिंग हमलों के लिए किया जा सकता है।</p>
<p><strong>कंपनी का बयान</strong></p>
<p>स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस ने इस साइबर हमले के बाद एक बयान जारी किया है। बयान में कंपनी ने कहा है, &#8220;हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारे संचालन अप्रभावित हैं और सभी सेवाएँ बिना किसी व्यवधान के जारी हैं। स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के नेतृत्व में एक गहन और कठोर फोरेंसिक जांच चल रही है। हम सरकार और नियामक अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।&#8221;</p>
<p>कंपनी ने यह भी बताया कि घटना के बारे में बीमा और साइबर सुरक्षा नियामक अधिकारियों को सूचना दी गई है, और इस संबंध में एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है।</p>
<p>कंपनी ने यह भी कहा कि उसके मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) ने जांच में पूरा सहयोग किया है और उनके द्वारा किसी भी गलत काम का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने मीडिया और जनता से अनुरोध किया कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सीआईएसओ की गोपनीयता का सम्मान करें।</p>
<p><strong>साइबर हमलों में वृद्धि</strong></p>
<p>यह घटना भारत में साइबर हमलों की बढ़ती घटनाओं की ओर संकेत करती है। हाल के वर्षों में, कई बड़ी कंपनियाँ और सरकारी संस्थाएँ साइबर हमलों का शिकार हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों को अपनी साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है, क्योंकि ऐसे हमले न केवल कंपनियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं।</p>
<p><strong>डेटा की सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई</strong></p>
<p>कंपनी ने इस घटना के बाद से सभी संबंधित पक्षों को सतर्क कर दिया है और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म टेलीग्राम के खिलाफ़ मुकदमा दायर किया है, जहाँ हैकर ने यह जानकारी साझा की थी। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और इस लीक के पीछे के अपराधियों के खिलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।</p>
<p><strong>ग्राहक चिंतित</strong></p>
<p>इस डेटा लीक की खबर के बाद, कई स्टार हेल्थ के ग्राहक चिंतित हैं। उनका मानना है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी का इस तरह लीक होना बेहद खतरनाक है। कई ग्राहक सोच रहे हैं कि क्या उनकी वित्तीय सुरक्षा पर इसका असर होगा, और वे कंपनी से इस बारे में स्पष्ट जानकारी और आश्वासन की उम्मीद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>डेटा सुरक्षा पर बढ़ती जागरूकता</strong></p>
<p>इस घटना ने डेटा सुरक्षा और साइबर हमलों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। भारतीय कंपनियाँ अब अपने डेटा सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने पर जोर दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से सीख लेकर कंपनियों को अपनी साइबर सुरक्षा नीतियों में सुधार करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों से बचा जा सके।</p>
<p>स्टार हेल्थ के इस बड़े साइबर हमले ने न केवल कंपनी की सुरक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर किया है, बल्कि देश में साइबर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी ध्यान खींचा है। जबकि कंपनी ने इस हमले के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का दावा किया है, ग्राहक अपनी सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता को लेकर बेहद चिंतित हैं। ऐसी घटनाएँ डेटा सुरक्षा की बढ़ती जरूरत और साइबर अपराधों के खिलाफ़ कठोर कदम उठाने की मांग को और बल देती हैं।</p>
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		<title>1 साल की लड़की के साथ अधेड़ ने किया दुराचार, अधेड़ गिरफ्तार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 17:22:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Dgp up]]></category>
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		<category><![CDATA[Middle aged man raped a 1 year old girl]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 6 अक्टूबर। शुक्रवार को एक अधेड़ व्यक्ति ने एक साल की बच्ची को खेलने के बहाने अपने</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 6 अक्टूबर। शुक्रवार को एक अधेड़ व्यक्ति ने एक साल की बच्ची को खेलने के बहाने अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों की शिकायत पर सरोजनीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता के पिता अपनी पत्नी और बेटी के साथ किराए के मकान में रहते हैं। कुशीनगर निवासी 50 वर्षीय आरोपी लोरी यादव इलाके में निजी कंपनी में काम करता है और उसने पीड़िता के परिवार के बगल में ही कमरा किराए पर ले रखा था। लोरी ने बच्ची के साथ खेलकर माता-पिता का विश्वास जीत लिया था। वह अक्सर उसे खेलने के लिए अपने कमरे में ले जाता था। आरोप है कि गुरुवार रात करीब 9 बजे लोरी यादव बच्ची को खेलने के बहाने अपने कमरे में ले गया। बाद में उसने बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया, कथित तौर पर वह बेकाबू होकर रो रही थी। जब काफी देर तक बच्ची ने रोना बंद नहीं किया तो उसकी मां को शक हुआ और बाद में उसे यौन उत्पीड़न के लक्षण दिखे। बच्ची के परिवार ने इस भयावह घटना का पता चलने पर तुरंत मकान मालिक को सूचित किया। इसके बाद लोरी यादव से पूछताछ की गई, लेकिन उसने किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार किया। हालांकि, लड़की के माता-पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, एडीसीपी साउथ राजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़िता के परिवार की शिकायत पर बीएनएस की धारा 65 (2) (12 साल से कम उम्र की लड़की से बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है और साथ ही यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। यादव ने आगे बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।</p>
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		<title>भारत में वैवाहिक बलात्कार और समाज का नजरिया, एक सांस्कृतिक और कानूनी विश्लेषण</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/marital-rape-and-societys-attitudes-in-india-a-cultural-and-legal-analysis/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 01:45:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[Marital Rape and Society's Attitudes in India: A Cultural and Legal Analysis]]></category>
		<category><![CDATA[एक सांस्कृतिक और कानूनी विश्लेषण]]></category>
		<category><![CDATA[भारत में वैवाहिक बलात्कार और समाज का नजरिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(विजय प्रताप पांडे) नई दिल्ली 6 अक्टूबर भारत में महिलाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा की बात</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/marital-rape-and-societys-attitudes-in-india-a-cultural-and-legal-analysis/">भारत में वैवाहिक बलात्कार और समाज का नजरिया, एक सांस्कृतिक और कानूनी विश्लेषण</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>(विजय प्रताप पांडे) नई दिल्ली 6 अक्टूबर भारत में महिलाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा की बात करना एक सांस्कृतिक गर्व का विषय है। हमारी परंपरा में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है, और यह मान्यता भारतीय समाज में गहरे तक व्याप्त है। भारतीय पुरुषों को अक्सर उनकी सहनशीलता, नैतिकता, और अपने परिवार की महिलाओं की रक्षा के लिए तैयार रहने वाले व्यक्तियों के रूप में देखा जाता है। &#8216;है प्रीत जहां की रीत सदा&#8217; जैसे गाने भी इस विचारधारा को बढ़ावा देते हैं कि भारतीय पुरुष अपनी मां, बहन, और देश की महिलाओं का सम्मान करते हैं। हालांकि, इस धारणा के बीच एक बड़ा विरोधाभास तब सामने आता है जब हम यौन हिंसा और विशेष रूप से वैवाहिक बलात्कार की बात करते हैं।</p>
<p>वैवाहिक बलात्कार, यानी विवाह के भीतर बिना सहमति के यौन संबंध, भारतीय समाज में एक विवादास्पद विषय है। केंद्र सरकार का हालिया बयान, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध नहीं माना जाना चाहिए, एक बार फिर से इस विषय पर समाज और कानून के बीच की खाई को उजागर करता है। इस मुद्दे पर बार-बार होने वाली बहस ने कई सवाल उठाए हैं कि भारतीय समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा की बात केवल एक सांस्कृतिक प्रतीक है या वास्तविकता।</p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: #800000;"><strong>वैवाहिक बलात्कार की कानूनी स्थिति</strong></span></p>
<p>भारत में, वैवाहिक बलात्कार को वर्तमान में आपराधिक नहीं माना जाता। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 375, जो बलात्कार को परिभाषित करती है, इसमें एक अपवाद जोड़ती है कि अगर कोई पुरुष अपनी पत्नी के साथ (बशर्ते पत्नी की उम्र 18 साल से अधिक हो) बिना सहमति के यौन संबंध बनाता है, तो उसे बलात्कार नहीं माना जाएगा। यह कानून उस समय का है जब शादी को एक संस्था के रूप में देखा जाता था जिसमें पत्नी की भूमिका &#8220;पति की संपत्ति&#8221; के रूप में होती थी। हालांकि, बदलते सामाजिक परिदृश्य और महिलाओं के अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इस कानून को चुनौती दी है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विवाह के भीतर भी महिलाओं की सहमति का अधिकार होना चाहिए और बिना सहमति के यौन संबंध किसी भी परिस्थिति में बलात्कार ही होता है, चाहे वह विवाह के भीतर हो या बाहर। हालांकि, सरकार का तर्क है कि अगर वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित कर दिया गया, तो इसका दुरुपयोग होगा और यह विवाह संस्था को कमजोर करेगा। इस तर्क ने समाज में बहस छेड़ दी है कि क्या भारतीय समाज अभी भी एक पुरातन और पितृसत्तात्मक मानसिकता से बंधा हुआ है।</p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="color: #800000;">समाज और संस्कृति के बीच टकराव</span></strong></p>
<p>भारत में महिलाओं का सम्मान करना और उन्हें देवी के रूप में देखना हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। हमारे धार्मिक ग्रंथ और परंपराएं महिलाओं को आदर और सम्मान देने की शिक्षा देते हैं। लेकिन, यथार्थ में महिलाओं के प्रति हिंसा, विशेष रूप से यौन हिंसा, के मामले समाज में बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। भारत को अक्सर पश्चिमी मीडिया में महिलाओं के लिए असुरक्षित स्थान के रूप में दिखाया जाता है। कई देशों ने अपने नागरिकों को भारत में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर महिलाओं को।</p>
<p>यहां सवाल यह उठता है कि अगर भारतीय समाज में महिलाओं का इतना सम्मान है, तो क्यों यौन हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं? क्यों बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है? क्यों वैवाहिक बलात्कार को कानूनन अपराध नहीं माना जाता? इन सवालों के जवाब भारतीय समाज के भीतर छिपे उन विरोधाभासों में मिलते हैं, जहां एक ओर महिलाओं को पूजा जाता है, तो दूसरी ओर उनकी सहमति और अधिकारों की अनदेखी की जाती है।</p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="color: #800000;">वैवाहिक बलात्कार और भारतीय समाज</span></strong></p>
<p>भारतीय समाज में वैवाहिक बलात्कार पर बात करना अभी भी एक वर्जित विषय है। कई लोग इसे निजी मामला मानते हैं और इसे सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं मानते। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह के भीतर यौन संबंधों पर पति का अधिकार माना जाता है, और इसमें पत्नी की सहमति या असहमति का कोई स्थान नहीं होता। यह मानसिकता हमारे पितृसत्तात्मक समाज की देन है, जहां महिलाओं को अब भी एक तरह की अधीनस्थ स्थिति में रखा जाता है।</p>
<p>हालांकि, समय के साथ यह सोच बदल रही है। शहरी क्षेत्रों में महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और अपनी सहमति के अधिकार के लिए आवाज उठा रही हैं। वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी इसी बदलाव का हिस्सा है। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और नारीवादी आंदोलनों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उनके अनुसार, विवाह के भीतर भी यौन संबंधों के लिए सहमति का होना अनिवार्य है और बिना सहमति के कोई भी यौन संबंध बलात्कार ही माना जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="color: #800000;">केंद्र सरकार का रुख</span></strong></p>
<p>सरकार ने बार-बार यह तर्क दिया है कि अगर वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित कर दिया गया, तो इससे विवाह संस्था को नुकसान पहुंचेगा। उनके अनुसार, इस कानून का दुरुपयोग हो सकता है और महिलाएं इसका इस्तेमाल अपने पतियों को प्रताड़ित करने के लिए कर सकती हैं। यह तर्क समाज के उन वर्गों में समर्थन पाता है जो विवाह को एक पवित्र और अपरिवर्तनीय बंधन मानते हैं, जहां पति-पत्नी के बीच किसी भी प्रकार का संघर्ष बाहरी हस्तक्षेप के बिना सुलझाया जाना चाहिए।</p>
<p>हालांकि, इस तर्क का विरोध करने वाले कहते हैं कि कानून का दुरुपयोग हर अपराध में हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अपराध को अपराध मानने से ही इनकार कर दिया जाए। वे कहते हैं कि अगर किसी महिला के साथ विवाह के भीतर यौन हिंसा होती है, तो उसे भी उसी तरह से न्याय मिलना चाहिए, जैसा विवाह के बाहर होने वाले यौन अपराधों में मिलता है।</p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="color: #800000;">वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने के तर्क</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">1.</span> <span style="color: #800000;">महिलाओं की सहमति का अधिकार:</span></strong> एक महिला की सहमति का अधिकार विवाह के भीतर भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना विवाह के बाहर। किसी भी प्रकार का यौन संबंध केवल सहमति पर आधारित होना चाहिए, और इसे बलपूर्वक करने का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">2. पितृसत्ता का अंत:</span></strong> वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने से पितृसत्तात्मक समाज की उस सोच का अंत होगा जो मानता है कि पति का पत्नी पर अधिकार है। यह समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">3. न्याय की समानता:</span> </strong>बलात्कार एक अपराध है, चाहे वह विवाह के भीतर हो या बाहर। दोनों ही स्थितियों में पीड़िता को समान रूप से न्याय मिलना चाहिए।</p>
<p>भारत में महिलाओं के प्रति सम्मान और उनके अधिकारों की बात एक जटिल मुद्दा है। जहां एक ओर हम अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व करते हैं कि हम महिलाओं को देवी के रूप में पूजते हैं, वहीं दूसरी ओर वैवाहिक बलात्कार जैसे मुद्दों पर हमारी समाज की सोच बदलने की जरूरत है। यह जरूरी है कि महिलाओं को उनके अधिकारों का सम्मान मिले, चाहे वह विवाह के भीतर हो या बाहर।</p>
<p>वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानना महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। भारतीय समाज में बदलाव की यह प्रक्रिया धीमी है, लेकिन यह जरूरी है कि हम अपने सांस्कृतिक प्रतीकों और वास्तविकता के बीच के अंतर को समझें और सुधार की दिशा में कदम उठाएं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>पुलिसकर्मी दबाव में आकर ना करें एनकाउंटर कहीं आगे पछताना न पड़े- सुलखान सिंह</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/policemen-should-not-do-encounters-under-pressure-otherwise-they-may-have-to-regret-later-sulkhan-singh/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 11:06:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश पुलिस]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[सुलखान सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों का नहीं देगा कोई साथ फिर जांच में उलझ कर रह जाएंगे-  सुलखान</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों का नहीं देगा कोई साथ फिर जांच में उलझ कर रह जाएंगे-  सुलखान सिंह</p>
<p>लखनऊ 1 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों को चेताया है कि वे दबाव में आकर एनकाउंटर न करें, क्योंकि इससे उन्हें भविष्य में पछतावा होगा। सुलखान सिंह ने आरोप लगाया है कि सरकार और उच्च अधिकारी पुलिसकर्मियों पर एनकाउंटर के लिए दबाव बना रहे हैं।</p>
<p>सुलखान सिंह ने कहा है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों का साथ कोई नहीं देगा और वे जांचों में उलझ कर रह जाएंगे। उन्होंने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए हैं ।</p>
<p>सुलखान सिंह 2017 में भाजपा सरकार के पहले डीजीपी थे और उन्होंने अपने कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की बात कही थी । लेकिन अब वे एनकाउंटर के खिलाफ खड़े हैं और पुलिसकर्मियों को चेता रहे हैं कि वे दबाव में आकर कोई गलत काम न करें ।</p>
<p>सुलखान सिंह के बयान से यह साफ है कि वे पुलिसकर्मियों के हित में खड़े हैं और उन्हें दबाव में आकर गलत काम करने से रोकना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश में इस तरह के एनकाउंटरों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं अब एक बार फिर से सुल्तान सिंह द्वारा इस तरह से सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश पुलिस को सलाह देने के बाद होने वाले सभी एनकाउंटर पर सवाल उठना लाजिमी है।</p>
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		<item>
		<title>11 गुजरातियों ने अमेरिकियों को लूटा, सात अन्य भी शामिल</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/11-gujaratis-who-looted-americans-seven-others-also-involved/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 02:31:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#cybercrime]]></category>
		<category><![CDATA[11 Gujaratis who looted Americans]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber security]]></category>
		<category><![CDATA[Gujaratis]]></category>
		<category><![CDATA[seven others also involved]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वह 11 गुजराती जिन्होंने अमेरिकियों को लूटा, 7 और है शामिल  नई दिल्ली 1 अक्टूबर । केंद्रीय जांच</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/11-gujaratis-who-looted-americans-seven-others-also-involved/">11 गुजरातियों ने अमेरिकियों को लूटा, सात अन्य भी शामिल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>वह 11 गुजराती जिन्होंने अमेरिकियों को लूटा, 7 और है शामिल </strong></p>
<p>नई दिल्ली 1 अक्टूबर । केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गुजरात के 11 लोगों सहित देश भर के 18 लोगों के खिलाफ जांच शुरू की है, जिन पर कथित तौर पर कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को ठगने का आरोप है। सीबीआई ने पिछले सप्ताह 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम सहित देश भर में 32 स्थानों पर तलाशी ली। 22 सितंबर को दर्ज सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, गुजरात के आरोपियों में न्यू नरोदा निवासी दिव्यांग रावल शामिल हैं, जिनका विशाखापत्तनम और पुणे में कारोबार है; न्यू रानिप से उनके पार्टनर कार्तिक पटेल; नरोदा से तक्षशिल शाह और साहिल वंजारा; ओधव से आकाश शंखला; और अरवल्ली के धनसुरा से तीर्थ पटेल भी शामिल है। एफआईआर में नामित अन्य लोगों में नाना चिलोदा से विकास निमार शामिल हैं, जो विशाखापत्तनम में अपनी फर्म चलाते हैं खोडियार से प्रीतेश पटेल, वटवा से इरफान अंसारी और रामोल से अश्मत शेख शामिल है। एफआईआर में कहा गया है कि रावल और अन्य, अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जून 2024 से अहमदाबाद, हैदराबाद, विशाखापत्तनम और पुणे में सूचना प्रौद्योगिकी फर्मों के नाम पर कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। तलाशी के दौरान, सीबीआई ने महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। कुल 951 सामान जब्त किए गए, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और लैपटॉप शामिल हैं, जिनमें वित्तीय जानकारी, संचार रिकॉर्ड और इस साइबर अपराध नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। इसके अलावा, 58.45 लाख रुपये नकद, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी वाहन बरामद किए। केंद्रीय एजेंसी ने अब तक 26 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पुणे से 10, हैदराबाद से पांच और विशाखापत्तनम से 11 शामिल हैं। सीबीएल अधिकारी ने कहा कि अवैध कॉल सेंटरों के अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर जांच और पूछताछ जारी है। अमेरिकी पीड़ितों का पता लगाया गया 28 जुलाई को, आरोपियों ने अमेरिका के एक व्यक्ति को निशाना बनाया और उसे झूठा बताया कि उसके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की गई है और अमेरिकी ट्रेजरी की आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) को उसके बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया है। उन्होंने पीड़ित को आरोपी द्वारा दिए गए खाते में 20,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए राजी किया ताकि वह निर्दोष साबित हो सके जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने 11 जुलाई को अमेरिका के एक अन्य पीड़ित को निशाना बनाया और उसे 20,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए राजी किया और इस तरह उसके साथ धोखाधड़ी की। 23 जुलाई को, आरोपियों ने ऑनलाइन अमेरिका में एक अन्य पीड़ित को निशाना बनाया और उससे आरोपी व्यक्ति के क्रिप्टो वॉलेट में 15,000 अमेरिकी डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी (BTC) जमा करवा ली।</p>
<p>आरोपी कैसे काम करते हैं?</p>
<p>&#8211; आरोपी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लेन-देन वाली तकनीक-सक्षम वित्तीय अपराध नेटवर्क में शामिल थे। उन्होंने तकनीकी सहायता सेवाएँ प्रदान करने की आड़ में अमेरिकी पीड़ितों को ऑनलाइन निशाना बनाया और रिमोट एक्सेस सॉफ़्टवेयर के माध्यम से उनके कंप्यूटर सिस्टम और बैंक खातों तक धोखाधड़ी से पहुँच प्राप्त की।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को गलत तरीके से बताया कि उनके कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर लिया गया है, उनकी पहचान चुरा ली गई है या उनके बैंक खातों में अवैध लेनदेन किए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ितों को बताया कि उनके नाम पर Amazon के माध्यम से कई संदिग्ध ऑर्डर दिए गए हैं या वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में हैं।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को उनके द्वारा दिए गए बैंक खातों में धन हस्तांतरित करने के लिए राजी किया।</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों से अंतर्राष्ट्रीय उपहार कार्ड खरीदने और कोड साझा करने का भी आग्रह किया, या उनके बैंक खातों से धन निकालकर क्रिप्टो एटीएम या क्रिप्टो वॉलेट में जमा करवा दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8211; आरोपियों ने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया कि ऐसा उनके बैंक खातों में जमा धन की सुरक्षा के लिए किया गया था।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/11-gujaratis-who-looted-americans-seven-others-also-involved/">11 गुजरातियों ने अमेरिकियों को लूटा, सात अन्य भी शामिल</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>लुटती रही जनता, सोते रहे जिम्मेदार, अब कब जागेगी सरकार</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/the-public-kept-getting-looted-the-responsible-kept-sleeping-now-when-will-the-government-wake-up/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Sep 2024 06:04:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>साइबर अपराधों को रोकने में विफल रही एजेंसियां, दर्ज शिकायतों में 11 प्रतिशत की वृद्धि नई दिल्ली, 27</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>साइबर अपराधों को रोकने में विफल रही एजेंसियां, दर्ज शिकायतों में 11 प्रतिशत की वृद्धि</strong></p>
<p>नई दिल्ली, 27 सितंबर। अपनी आम जरूरत को काटकर बैंकों में अपनी बचत जमा करने वाले आम लोग जो अब बड़े पैमाने पर साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं, इस साल अगर हम दर्ज शिकायतों की ही बात करें तो अब तक 6 महीने में ही केवल 61000 से ज्यादा साइबर शिकायतें दर्ज की गई हैं जो पिछले साल दर्ज की गई साइबर शिकायतों की तुलना में 11 प्रतिशत ज्यादा है। नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल ने जनवरी से जून के बीच 2023 में 55267 शिकायतें दर्ज की लेकिन इस साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 61525 तक पहुंच गया है। इस साल नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल द्वारा दर्ज किए गए साइबर अपराध में कई तरह की विविधताएं देखने को मिल रही है जो एजेंसियों को परेशान करने वाली है साइबरबुलिंग, स्टॉकिंग, सेक्सटिंग (2,926 शिकायतें), नकली प्रतिरूपण प्रोफ़ाइल (1,799), प्रोफ़ाइल हैकिंग (2,065), ई-वॉलेट धोखाधड़ी (938), प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी (828), अनधिकृत डेटा उल्लंघन (680) और ऑनलाइन नौकरी धोखाधड़ी (324) शामिल हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-2723 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-284x300.jpg" alt="" width="284" height="300" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-284x300.jpg 284w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-971x1024.jpg 971w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-768x810.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-1457x1536.jpg 1457w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-1942x2048.jpg 1942w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-1024x1080.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424-24x24.jpg 24w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/09/PSX_20240927_083424.jpg 1962w" sizes="(max-width: 284px) 100vw, 284px" /></p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बात करते हुए बताया कि यह जो साइबर क्राइम करने वाले लोग हैं यह कमजोर लोगों के डर और इच्छाओं का फायदा उठाते हैं अभी हाल में दर्ज की गई घटनाओं में ऐसी डिजिटल गिरफ्तारियों के मामले सामने आए हैं जहां अपराधियों ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में लोगों से कानूनी परिणाम भुगतने की धमकी दी है और उससे जुड़े कूरियर से अवैध पदार्थ जप्त किए जाने का झूठा बहाना बनाकर पैसे देने के लिए मजबूर किया है इन मामलों में साइबर अपराधी डर और भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं जो व्यक्ति को सोचने में असमर्थ बना देता है और उन्हें अपराधियों की मांगों का पालन करने के लिए मजबूर कर देता है।<br />
इसी तरह साइबर अपराधी लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए भ्रामक रणनीति अपनाते हैं कि वह धोखाधड़ी वाली निवेश योजना के माध्यम से आपकी संपत्ति में काफी वृद्धि कर सकते हैं पीड़ितों को अक्सर अधिक रिटर्न के वादों से लुभाया जाता है जिससे वह फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन में निवेश कर देते हैं। विश्वास हासिल करने के लिए साइबर अपराधी शुरू में छोटे-छोटे लाभ प्रदान कर सकते हैं जिससे प्रेरित होकर व्यक्ति बड़ा निवेश करता है और अंत में वह बड़ी रकम लेकर गायब हो जाते हैं।</p>
<p>इन साइबर अपराधियों के शिकार होने से खुद को बचाने का सबसे प्रभावशील तरीका उनके काम करने के तरीके को अच्छी तरह समझना है,  ऐसी घटनाओं को रोकने में जागरूकता अहम भूमिका निभाती है साइबर अपराध की तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करके व्यक्ति खुद को वित्तीय नुकसान से बचा सकता है। लोगों को फंड ट्रांसफर करने और दूसरों के साथ ओटीपी साझा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p>साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के बारे में पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनके ठिकानों में अभी भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है यह जालसाज देश भर के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे हैं लेकिन प्राथमिक हॉटस्पॉट पहले जैसे ही हैं। उनकी गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा नूंह (हरियाणा) जामताड़ा और सिंहभूमि (झारखंड) से आता है। साइबर जालसाजी बहुस्तरीय संचार और तकनीकी रणनीतियों का उपयोग करते हैं जिससे इन साइबर अपराधियों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना कठिन हो जाता है वह अपनी पहचान और ठिकानों को छुपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का उपयोग करते हैं। इनके पास उनके निर्देशन में काम करने वाले व्यक्तियों का एक बड़ा नेटवर्क होता है जिनमें से प्रत्येक की अपनी अलग-अलग भूमिकाएं होती हैं कुछ बैंक खाता उपलब्ध कराते हैं कुछ फंड को क्रिप्टो करेंसी में बदलने की सुविधा प्रदान करते हैं जबकि और लोग अवैध आय को निकालने के लिए जिम्मेदार होते हैं।<br />
इन सभी के मुखिया की गुमनामी सुनिश्चित करने के लिए यह सभी व्यक्ति स्वतंत्र रूप से काम करते हैं जिससे मुखिया के पकड़े जाने की चुनौती कम हो जाती है साइबर अपराध की पीड़ित या तो 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या मामले की रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल पर कर सकते हैं वह नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन भी जा सकते हैं</p>
<p style="text-align: center;"><strong>प्रभात भारत कथन </strong></p>
<p><strong>अधिक से अधिक लोग मोबाइल फोन और कंप्यूटर का उपयोग कर रहे हैं यह तो तय है कि साइबर अपराध बढ़ेगा समय की मांग है कि अधिक से अधिक सावधानी बरती जाए खासकर रूपयों के लेनदेन से जुड़े मामले में इससे पहले भी यह हम लोग बता चुके हैं और फिर से यह बताना जरूरी है कि अपने पासवर्ड आसान न बनाएं और ओटीपी नंबर कभी भी किसी के भी साथ साझा ना करें</strong></p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-public-kept-getting-looted-the-responsible-kept-sleeping-now-when-will-the-government-wake-up/">लुटती रही जनता, सोते रहे जिम्मेदार, अब कब जागेगी सरकार</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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