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	<title>कारोबार Archives - Prabhat Bharat</title>
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		<title>बजट 2025 के लिए कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल, जीडीपी वृद्धि के अनुमान में कटौती और आर्थिक सुस्ती पर जताई चिंता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jan 2025 13:41:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Budget 2025]]></category>
		<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[बजट 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Congress raised questions on the government]]></category>
		<category><![CDATA[expressed concern over reduction in GDP growth estimates and economic slowdown]]></category>
		<category><![CDATA[Jayram ramesh]]></category>
		<category><![CDATA[Prabhat bharat]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 8 जनवरी। आगामी केंद्रीय बजट 2025 को लेकर देश की राजनीति में गर्मा-गर्मी तेज हो गई</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/congress-raised-questions-on-the-government-expressed-concern-over-reduction-in-gdp-growth-estimates-and-economic-slowdown/">बजट 2025 के लिए कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल, जीडीपी वृद्धि के अनुमान में कटौती और आर्थिक सुस्ती पर जताई चिंता</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 8 जनवरी। आगामी केंद्रीय बजट 2025 को लेकर देश की राजनीति में गर्मा-गर्मी तेज हो गई है। आर्थिक वृद्धि में कमी और निवेश में सुस्ती के आंकड़ों के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार की नीतियों पर निशाना साधा है। कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक बयान जारी कर जीडीपी वृद्धि दर के हालिया अनुमानों, निजी निवेश में गिरावट, और खपत में कमी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। रमेश ने इसे सरकार की आर्थिक नीतियों की नाकामी करार देते हुए गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 6.4% कर दिया गया है, जो चार साल में सबसे कम है। उन्होंने इसे &#8220;निराशाजनक पृष्ठभूमि&#8221; बताते हुए कहा कि यह आरबीआई के हालिया 6.6% के अनुमान से भी कम है और पिछले वित्त वर्ष के 8.2% से काफी नीचे है।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। उत्पादन और निवेश में कमी, खपत में गिरावट और घरेलू बचत में कमी ने आर्थिक वृद्धि को ठप कर दिया है। सरकार को इस सच्चाई से इनकार करना बंद कर देना चाहिए।&#8221;</p>
<p>जयराम रमेश ने गरीबों और किसानों की स्थिति को सुधारने के लिए तीन प्रमुख सुझाव दिए:</p>
<p><strong>1. मनरेगा मजदूरी में वृद्धि:</strong> ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी बढ़ाई जाए ताकि ग्रामीण गरीबों की क्रय शक्ति में सुधार हो सके।</p>
<p><strong>2. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफा:</strong> किसानों की समस्याओं को हल करने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी की जाए।</p>
<p><strong>3. मध्यम वर्ग को आयकर में राहत:</strong> आर्थिक दबाव से जूझ रहे मध्यम वर्ग को आयकर में राहत दी जाए।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने निजी खपत में गिरावट को अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा, &#8220;इस वर्ष की दूसरी तिमाही में निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) की वृद्धि दर घटकर 6% रह गई है, जो पिछली तिमाही में 7.4% थी।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग की घटती क्रय शक्ति ने खपत को कमजोर किया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। &#8220;कार की बिक्री चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय उद्योग जगत के सीईओ भी &#8216;सिकुड़ते&#8217; मध्यम वर्ग पर चिंता जता चुके हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, &#8220;सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) में इस वर्ष केवल 6.4% की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष के 9% की तुलना में काफी कम है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने पूंजीगत व्यय के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024-25 के बजट में 11.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश का वादा किया गया था, लेकिन नवंबर तक केवल 5.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12% कम है।</p>
<p>रमेश ने घरेलू बचत में गिरावट को भी आर्थिक संकट का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा, &#8220;2020-21 से 2022-23 के बीच परिवारों की शुद्ध बचत में 9 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। घरेलू वित्तीय देनदारियां जीडीपी के 6.4% तक पहुंच गई हैं, जो दशकों में सबसे अधिक है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार की नीतिगत विफलताएं आज भी भारतीय परिवारों को परेशान कर रही हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने जीएसटी प्रणाली को &#8220;हास्यास्पद रूप से जटिल&#8221; करार देते हुए इसे सरल बनाने की मांग की। उन्होंने मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देने के लिए आयकर प्रणाली में सुधार और करों में कटौती का सुझाव दिया।</p>
<p>जयराम रमेश ने सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर विफलता का आरोप लगाते हुए कहा, &#8220;पिछले 10 वर्षों में भारत की खपत की कहानी उलट गई है। खपत में नरमी न केवल जीडीपी वृद्धि दर को प्रभावित कर रही है, बल्कि इसके कारण निजी क्षेत्र अपनी क्षमता विस्तार में निवेश करने से भी हिचकिचा रहा है।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि नई परियोजनाओं में निवेश और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आवश्यक निवेश की कमी ने मध्यम अवधि में वृद्धि की संभावनाओं को कमजोर किया है।</p>
<p>कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि बजट 2025 में विकास और निवेश को प्राथमिकता दी जाए। रमेश ने कहा, &#8220;सरकार को खपत, निवेश, और उत्पादन को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस और मौलिक कदम उठाने होंगें।</p>
<p>आगामी बजट 2025 सिर्फ एक आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह सरकार की प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को दर्शाने वाला मंच होगा। कांग्रेस के आरोपों और सुझावों के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कैसे अपनी नीतियों को आकार देती है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा, &#8220;बजट 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का आखिरी मौका हो सकता है। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।&#8221;</p>
<p>अब 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से उम्मीदें और सवाल दोनों बढ़ गए हैं। क्या सरकार अपने वादों पर खरी उतरेगी, या कांग्रेस के आरोप सही साबित होंगे? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।</p>
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		<title>सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट, 10 प्रतिशत तक गिर सकते हैं भाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Nov 2024 00:33:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Big drop in the price of gold and silver]]></category>
		<category><![CDATA[Gold prices]]></category>
		<category><![CDATA[prices may fall by up to 10 percent]]></category>
		<category><![CDATA[Silver prices]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>घरेलू और वैश्विक बाजारों की सुस्ती ने खींचा निवेशकों का ध्यान नई दिल्ली 8 नवंबर। पिछले कुछ दिनों</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/big-drop-in-the-price-of-gold-and-silver-prices-may-fall-by-up-to-10-percent/">सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट, 10 प्रतिशत तक गिर सकते हैं भाव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>घरेलू और वैश्विक बाजारों की सुस्ती ने खींचा निवेशकों का ध्यान</strong></p>
<p>नई दिल्ली 8 नवंबर। पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे घरेलू निवेशकों, आभूषण विक्रेताओं और उद्योग जगत में खलबली मची हुई है। भारतीय बाजार में सोने की कीमत में करीब 1,650 रुपये की गिरावट आई है, जिससे इसका भाव 80,000 रुपये प्रति किलो के नीचे पहुंच गया। इसी प्रकार, चांदी में भी 2,900 रुपये की गिरावट देखने को मिली, जिससे इसकी कीमतें 79,500 रुपये प्रति किलो हो गई। सोने-चांदी के इस कीमत में अचानक गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी है, जो इसे सुरक्षित निवेश का जरिया मानते आए हैं।</p>
<p><strong>वैश्विक बाजारों में गिरावट का प्रभाव</strong></p>
<p>भारत में सोने-चांदी की कीमतों में इस गिरावट का एक बड़ा कारण वैश्विक बाजारों में आई सुस्ती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने और आर्थिक नीतियों के बदलावों के संकेतों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। सोने को अक्सर निवेशकों द्वारा &#8220;सुरक्षित आश्रय&#8221; के रूप में देखा जाता है, लेकिन जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है, तो इसका असर सोने की मांग और मूल्य पर प्रतिकूल रूप से पड़ता है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी सोने की मांग में कमी आई है, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>घरेलू मांग में सुस्ती</strong></p>
<p>घरेलू स्तर पर भी आभूषण विक्रेताओं और औद्योगिक इकाइयों की मांग में कमी आई है। त्योहारों के बाद आमतौर पर सोने और चांदी की मांग में गिरावट आ जाती है, लेकिन इस बार बाजार में अपेक्षाकृत अधिक सुस्ती देखी जा रही है। आभूषण निर्माताओं ने भी इस गिरावट का कारण बढ़ते उत्पादन लागत और श्रम लागत में वृद्धि को बताया है। इसके अलावा, निवेशकों की ओर से सोने की खरीदी में कमी आई है क्योंकि उन्होंने अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है, जिसमें शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी प्रमुख हैं।</p>
<p><strong>बिटकॉइन और क्रिप्टो बाजार की ओर आकर्षण</strong></p>
<p>वर्तमान में बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। निवेशक अब अपने धन को सोने में लगाने के बजाय क्रिप्टोकरेंसी जैसे विकल्पों में लगा रहे हैं, जिनमें अधिक मुनाफा मिलने की संभावना होती है। पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है, जिससे उनकी रुचि बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश का आकर्षण अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p><strong>घरेलू अर्थव्यवस्था पर असर</strong></p>
<p>सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत सोने का एक बड़ा आयातक देश है और घरेलू मांग में कमी आने से इसके आयात में भी कमी आई है। आयात कम होने से भारत के व्यापार घाटे में सुधार हो सकता है, लेकिन इसका प्रभाव घरेलू उद्योगों और रोजगार पर भी पड़ सकता है। सोने और चांदी के व्यवसाय में लगे लाखों लोगों की आय पर असर पड़ सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है।</p>
<p><strong>सेंसेक्स में भी गिरावट</strong></p>
<p>इस कीमत में गिरावट के साथ ही शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स में 836 अंक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये डूब गए। सेंसेक्स की गिरावट का कारण भी वैश्विक बाजारों में आई सुस्ती और विदेशी निवेशकों की निकासी बताया जा रहा है। विदेशी निवेशक, जो कि भारतीय शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ने अपने धन को सुरक्षित करने के लिए बाजार से निकासी करना शुरू कर दिया है। इस वजह से घरेलू बाजार पर भी दबाव बढ़ा है।</p>
<p><strong>विशेषज्ञों की राय</strong></p>
<p>वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर हो सकती हैं। हालांकि, अगर वैश्विक बाजारों में सुस्ती बरकरार रहती है तो सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर और लंबा चल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सोने की कीमतें घरेलू और वैश्विक मांग तथा सप्लाई के बीच संतुलन पर निर्भर करती हैं। यदि सोने की मांग में और कमी आती है, तो इसके दामों में और गिरावट देखी जा सकती है।</p>
<p><strong>निवेशकों के लिए संकेत</strong></p>
<p>इस समय सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट निवेशकों के लिए एक अवसर भी हो सकता है। जिन निवेशकों ने पिछले ऊंचे भावों पर सोना खरीदा था, उनके लिए यह घाटे का सौदा हो सकता है, लेकिन जो निवेशक अभी तक इस बाजार में प्रवेश नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका हो सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश के फैसले लेने चाहिए।</p>
<p>आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहेंगी या और गिरेंगी, यह वैश्विक बाजार की स्थिति, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है तो सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। वहीं, भारतीय बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है क्योंकि शादी-विवाह का मौसम नजदीक है, जिससे सोने की मांग में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>इस प्रकार, सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट ने भारतीय बाजार में चिंता का माहौल बना दिया है। निवेशक अब यह सोच रहे हैं कि क्या यह सही समय है सोने-चांदी में निवेश करने का, या उन्हें अन्य विकल्पों की ओर देखना चाहिए। घरेलू बाजार में सोने और चांदी की मांग में सुस्ती ने इस उद्योग से जुड़े लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन इसके लिए वैश्विक बाजार में स्थिरता का होना आवश्यक है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/big-drop-in-the-price-of-gold-and-silver-prices-may-fall-by-up-to-10-percent/">सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट, 10 प्रतिशत तक गिर सकते हैं भाव</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>भारत में कर्ज का बढ़ता दुष्चक्र: छोटी जरूरतों पर भारी ब्याज दरों का कहर</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/the-growing-vicious-circle-of-debt-in-india-high-interest-rates-wreak-havoc-on-small-needs/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Nov 2024 23:49:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Fineness Minister of india]]></category>
		<category><![CDATA[PMO India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज का भारत आर्थिक प्रगति की दौड़ में जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-growing-vicious-circle-of-debt-in-india-high-interest-rates-wreak-havoc-on-small-needs/">भारत में कर्ज का बढ़ता दुष्चक्र: छोटी जरूरतों पर भारी ब्याज दरों का कहर</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज का भारत आर्थिक प्रगति की दौड़ में जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से वह ऋण के जाल में फंसता जा रहा है। आधे से ज्यादा आबादी कर्ज की मार झेल रही है—चाहे वह बाइक का हो, घर में रखे माइक्रोवेव का, हाथ में पहनी सोने की अंगूठी का, चमचमाती कार का, या यहां तक कि जिस घर में वह कार खड़ी हो, उसी घर का भी। यही नहीं, जिस मोबाइल या लैपटॉप पर हम यह खबर पढ़ रहे हैं, वह भी संभवतः ऋण पर ही लिया गया हो।</p>
<p>माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों, और विभिन्न वित्तीय संस्थानों ने ऋण को इतनी आसानी से उपलब्ध करा दिया है कि लोग अपनी सबसे छोटी आवश्यकताओं को भी उधार के पैसों से पूरा कर रहे हैं। पहले कर्ज को एक आखिरी विकल्प के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज यह लगभग आदत बन चुका है। अधिकतर लोगों के लिए अब अपनी आय में से बचत करना प्राथमिकता नहीं है, बल्कि बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण लेकर किस्तों में चुकाना एक नया चलन बन गया है।</p>
<p><strong>लोन पर निर्भरता का प्रभाव</strong></p>
<p>कर्ज लेने की इस संस्कृति का असर लोगों की जीवनशैली पर पड़ रहा है। पहले लोग अपनी जरूरतों को प्राथमिकता के हिसाब से खर्च करते थे। वे छोटी से छोटी आवश्यकता के लिए भी लोन नहीं लेते थे। लेकिन आज, युवा पीढ़ी से लेकर बुजुर्ग तक कर्ज में फंसे हुए हैं। जो चीजें कभी विलासिता मानी जाती थीं, वे आज लोन के कारण जरूरतों की तरह खरीदी जा रही हैं।</p>
<p>ऋण की सुविधा को बढ़ावा देने में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और बैंकों का बड़ा हाथ है। कंपनियों द्वारा लोगों को कर्ज लेने की लत ऐसी लगी है कि अब यह जुए और शराब की लत से भी खतरनाक बन गई है। लोग अपने सिबिल स्कोर को अच्छा बनाए रखने के लिए बड़ी ब्याज दरों पर ऋण लेते रहते हैं, ताकि भविष्य में फिर से लोन लेने में उन्हें परेशानी न हो। सिबिल स्कोर को बनाए रखने के लिए लोग समय पर कर्ज की किस्तें चुकाते रहते हैं, भले ही उन्हें इसके लिए अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़े।</p>
<p><strong>उपभोक्ता वस्तुओं के लिए कर्ज का बढ़ता चलन</strong></p>
<p>कभी-कभी यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि आखिर लोन पर मोबाइल, बाइक, या टीवी जैसी चीजें लेना क्या वास्तव में आवश्यक है? क्या ऐसी वस्तुओं के लिए कर्ज लेने की प्रथा को बंद नहीं किया जाना चाहिए? मोबाइल फोन, टीवी, माइक्रोवेव, और यहां तक कि घरेलू उपकरणों के लिए भी लोन लेना एक आम चलन बन गया है।</p>
<p>लोगों के इस लोन पर निर्भरता के कारण, कई घरों में वित्तीय अस्थिरता और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। घर के सदस्यों में पैसों को लेकर विवाद होना आम हो गया है, क्योंकि हर महीने की EMI का बोझ परिवार पर भारी पड़ता है। कई बार व्यक्ति अपनी प्राथमिक जरूरतों को भी नजरअंदाज करने लगता है ताकि वह कर्ज की किस्तें चुका सके। यह स्थिति न केवल उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उनके रिश्तों पर भी असर डालती है।</p>
<p><strong>कर्ज की सुलभता और ब्याज दरों का असर</strong></p>
<p>माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने ऋण को इतनी आसानी से सुलभ बना दिया है कि लोगों को यह समझ ही नहीं आता कि वे कितनी बड़ी ब्याज दरों पर ऋण ले रहे हैं। पहले लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर 12-15% तक होती थीं, लेकिन आज ये दरें 24% से भी ज्यादा हो गई हैं। इतना ही नहीं, कुछ ऋणदाताओं ने तो अनियमित ब्याज दरें वसूलना भी शुरू कर दिया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग वित्तीय संकट में घिरते जा रहे हैं।</p>
<p>बाजार की प्रतिस्पर्धा के चलते ऋणदाताओं ने आसान किस्तों की पेशकश की है, जिससे लोगों को लगे कि वे बड़ी रकम का भुगतान छोटे-छोटे किश्तों में आसानी से कर सकते हैं। लेकिन यह छोटी-छोटी किश्तों का बोझ उनके आर्थिक जीवन को मुश्किल बना देता है।</p>
<p><strong>जीवन स्तर पर लोन का प्रभाव</strong></p>
<p>बढ़ते कर्ज का प्रभाव न केवल आर्थिक स्थिति पर, बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण जीवन स्तर पर भी पड़ता है। कई लोग तो इस बोझ को झेल नहीं पाते और आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठा लेते हैं। वे मानसिक तनाव में रहने लगते हैं और उनका पूरा जीवन केवल कर्ज चुकाने में ही बीत जाता है।</p>
<p>हाल के वर्षों में कर्ज में डूबे लोगों के बीच आत्महत्या की घटनाएं बढ़ गई हैं। युवाओं में बढ़ते कर्ज का दबाव उन्हें मानसिक रोगों की ओर भी धकेल रहा है। अवसाद, चिंता, और अनिद्रा जैसी समस्याएं अब आम हो गई हैं। कर्ज में फंसे लोग अपनी जीवनशैली को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, उनकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जो एक संजीदा मुद्दा है।</p>
<p><strong>सरकार की जिम्मेदारी और सुझाव</strong></p>
<p>कर्ज की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उपभोक्ता वस्तुओं के लिए ऋण केवल आवश्यकताओं के आधार पर दिया जाए। इसके अलावा, उच्च ब्याज दरों पर भी नियंत्रण होना चाहिए ताकि लोग बिना किसी परेशानी के ऋण प्राप्त कर सकें।</p>
<p>सरकार को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि युवाओं को ऋण लेने के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्हें यह समझाया जाए कि किस प्रकार से ऋण लेना उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p><strong>वित्तीय शिक्षा का महत्व</strong></p>
<p>लोगों को कर्ज के बारे में शिक्षित करना बहुत जरूरी है। वित्तीय शिक्षा से लोग यह समझ पाएंगे कि किस प्रकार से कर्ज लेना और उसे सही तरीके से चुकाना चाहिए। उन्हें समझना होगा कि केवल आवश्यकताओं के आधार पर ही कर्ज लेना चाहिए, न कि विलासिता की वस्तुओं के लिए।</p>
<p>वित्तीय शिक्षा से लोग अपने खर्चों का सही प्रबंधन करना सीख सकते हैं। इससे वे अपनी आमदनी में से बचत करने की आदत डाल सकते हैं और अपनी जरूरतों के लिए खुद से धन जुटा सकते हैं।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>कर्ज में फंसी भारतीय आबादी के लिए यह एक बड़ा खतरा बन गया है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और बैंकों ने ऋण को इतनी आसानी से उपलब्ध करा दिया है कि लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी कर्ज लेने लगे हैं। यह लत इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई लोग अपने कर्ज के बोझ से तंग आकर आत्महत्या तक कर रहे हैं।</p>
<p>अब समय आ गया है कि हम इस कर्ज के दुष्चक्र से बाहर निकलें और अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारें। हमें अपने खर्चों का प्रबंधन करना सीखना होगा और केवल आवश्यकताओं के आधार पर ही कर्ज लेना चाहिए।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/the-growing-vicious-circle-of-debt-in-india-high-interest-rates-wreak-havoc-on-small-needs/">भारत में कर्ज का बढ़ता दुष्चक्र: छोटी जरूरतों पर भारी ब्याज दरों का कहर</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>बढ़ती कीमतें और सोने की चमक फीकी: धनतेरस पर खरीदारी पर कैसा रहेगा असर?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Oct 2024 01:42:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोने की कीमतों का असर और त्योहारी मांग में संभावित गिरावट नई दिल्ली 29 अक्टूबर श। हर साल,</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोने की कीमतों का असर और त्योहारी मांग में संभावित गिरावट</strong></p>
<p>नई दिल्ली 29 अक्टूबर श। हर साल, धनतेरस और दिवाली के शुभ अवसर पर सोने और चांदी की खरीदारी भारतीय बाजारों में धूम मचाती है। लोग इसे न केवल शुभ मानते हैं बल्कि यह भी मानते हैं कि यह समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। परन्तु इस वर्ष सोने की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि ने इस पारंपरिक उत्साह को फीका कर दिया है। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद के बाजारों से लेकर देश के अन्य प्रमुख शहरों तक, ज्वैलर्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस बार महंगे सोने की वजह से खरीदारों का रुझान कम हो सकता है।</p>
<p>इस वर्ष, सोने की कीमतों में 25-30% की भारी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष के मुकाबले कीमतों में यह उछाल, कई खरीदारों को सोचने पर मजबूर कर सकता है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के निदेशक अविनाश गुप्ता का मानना है कि इस वर्ष धनतेरस पर सोने के आभूषणों की मांग में गिरावट आएगी। इस गिरावट के मुख्य कारण हैं सोने की ऊँची कीमतें और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-3853 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-45-5.jpeg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-45-5.jpeg 640w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-45-5-300x225.jpeg 300w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p><strong>बाजार की वर्तमान स्थिति और सोने की कीमतें: कहां पहुंची हैं ऊँचाइयाँ?</strong></p>
<p>23 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने 2,759 डॉलर प्रति औंस का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। इसके बाद, यह 2,700 डॉलर के आसपास ही बना हुआ है। भारतीय बाजारों में मुंबई के हाजिर बाजारों में सोने की कीमत 79,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। पिछले धनतेरस पर इसकी कीमत लगभग 62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो इस वर्ष की तुलना में काफी कम थी।</p>
<p>इस मूल्यवृद्धि का मुख्य कारण है वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विभिन्न देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक तनाव। अमेरिका और यूरोप में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर बढ़ा है। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी भी भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों को बढ़ावा दे रही है।</p>
<p><strong>ज्वैलर्स की चिंताएं और धनतेरस पर संभावित बिक्री में गिरावट</strong></p>
<p>आभूषण विक्रेताओं के लिए यह समय हर साल सबसे अधिक बिक्री का होता है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष स्थिति बिलकुल अलग है। अविनाश गुप्ता का मानना है कि सोने की ऊंची कीमतों की वजह से त्योहारी सीजन में खरीदारों की संख्या में कमी देखने को मिल सकती है। हर साल धनतेरस के शुभ दिन पर सोना खरीदना एक परंपरा रही है, लेकिन इस बार लोगों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-3854 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6.jpeg" alt="" width="554" height="554" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6.jpeg 554w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6-300x300.jpeg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6-150x150.jpeg 150w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6-24x24.jpeg 24w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6-48x48.jpeg 48w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/10/images-46-6-96x96.jpeg 96w" sizes="(max-width: 554px) 100vw, 554px" /></p>
<p>गुप्ता के अनुसार, इस बार कम टिकट साइज वाले सोने के आभूषणों की मांग अधिक है। इसमें छोटे-छोटे गहनों जैसे झुमके, अंगूठियां, कंगन आदि शामिल हैं, जिनकी कीमत 1 लाख रुपये से कम होती है। इसकी वजह है कि अधिकांश खरीदार अपनी खरीदारी को सीमित करना चाहते हैं। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के खरीदारों का रुझान अन्य विकल्पों की ओर जा सकता है।</p>
<p><strong>धनतेरस और दिवाली पर सोने की बिक्री में 20% तक गिरावट की संभावना</strong></p>
<p>अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद का अनुमान है कि इस धनतेरस और दिवाली पर सोने की बिक्री में कम से कम 20% की गिरावट हो सकती है। ज्वैलर्स का कहना है कि इस बार लोग सोने के आभूषणों की बजाय टोकन खरीदारी कर सकते हैं, जिसका अर्थ है कि लोग एक छोटे प्रतीकात्मक मात्रा में सोना खरीद सकते हैं ताकि परंपरा निभाई जा सके।</p>
<p>भारत में धनतेरस पर सोने की खरीद को शुभ माना जाता है, लेकिन ऊंची कीमतें लोगों को इस साल कम खर्च करने पर मजबूर कर रही हैं। इस स्थिति में, उपभोक्ताओं का ध्यान छोटे-छोटे गहनों और कम वजन वाले गहनों की ओर जा रहा है।</p>
<p><strong>सोने की ऊंची कीमतों से निपटने के लिए ज्वैलर्स की रणनीतियां</strong></p>
<p>ज्वैलर्स को इस बार अधिक खरीदारों को आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने त्योहारी सीजन में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई ऑफर्स शुरू किए हैं, जैसे छूट, जीरो प्रतिशत ईएमआई योजना, और विशेष डिजाइन के छोटे आभूषण।</p>
<p>कुछ ज्वैलर्स ने अपने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष योजनाओं का आयोजन किया है। कुछ ने फेस्टिव कलेक्शन लॉन्च किया है, जिसमें छोटे, किफायती और आकर्षक डिजाइनों को शामिल किया गया है। इन छोटे गहनों की कीमत कम है और इन्हें सामान्य ग्राहक आसानी से खरीद सकते हैं।</p>
<p>इसके अलावा, कई ज्वैलर्स ने अपने ग्राहकों के लिए गोल्ड सेविंग स्कीम शुरू की हैं, जिनमें ग्राहक छोटे-छोटे मासिक भुगतान कर सकते हैं और कुछ महीनों बाद सोने के गहने खरीद सकते हैं।</p>
<p><strong>बाजार में अन्य विकल्पों का आकर्षण</strong></p>
<p>इस साल, सोने की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी के कारण अन्य निवेश विकल्पों में भी रुचि बढ़ी है। रियल एस्टेट, म्यूचुअल फंड्स, और शेयर बाजार में लोग अधिक रुचि दिखा रहे हैं। इससे सोने के परंपरागत निवेश की चमक में थोड़ी कमी आई है।</p>
<p>इसके अलावा, युवा पीढ़ी अब डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर रही है। डिजिटल गोल्ड, जो ऑनलाइन प्लेटफार्म पर खरीदा जाता है, लोगों को कम मात्रा में सोना खरीदने का विकल्प देता है। इससे सोने में निवेश करना आसान हो गया है, और ग्राहक भौतिक सोना खरीदने की बजाय डिजिटल गोल्ड में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p><strong>ग्राहकों का नजरिया और भविष्य की उम्मीदें</strong></p>
<p>वर्तमान स्थिति को देखते हुए, कई ग्राहक अब अपने खर्च को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। पारंपरिक खरीदार भी इस बार सोच-समझकर सोने की खरीदारी कर रहे हैं, और अपने बजट के हिसाब से ही सोना खरीद रहे हैं।</p>
<p>आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में किसी भी संभावित गिरावट के लिए खरीदार इंतजार कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजार की स्थितियों के आधार पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</p>
<p><strong>धनतेरस पर सोने की खरीदारी का भविष्य?</strong></p>
<p>बढ़ती कीमतों ने इस धनतेरस पर सोने की पारंपरिक खरीदारी पर असर डाला है। ग्राहक अब समझदारी से अपने बजट के अनुसार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय संस्कृति में सोने का महत्व अडिग है, और लोग कम मात्रा में ही सही, सोने की खरीदारी करना नहीं छोड़ेंगे।</p>
<p>इस साल की स्थिति ने ज्वैलर्स और ग्राहकों को यह संदेश दिया है कि बाजार में बदलाव के साथ तालमेल बिठाना आवश्यक है। सोने की बढ़ती कीमतों के बीच ज्वैलर्स और ग्राहक दोनों ही इस चुनौती को स्वीकार करते हुए अपनी-अपनी रणनीतियां अपना रहे हैं।</p>
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		<title>iOS 18.1 और 18.2 अपडेट: क्या है खास, किसे- किसे मिलेगा यह अपडेट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2024 01:06:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[Ios 18.1]]></category>
		<category><![CDATA[iOS 18.1 and 18.2 update: What is special]]></category>
		<category><![CDATA[IPhone]]></category>
		<category><![CDATA[who will get this update]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। एप्पल अपने iPhone यूजर्स के लिए लगातार अपडेट्स लेकर आता रहता है, ताकि उनके</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/ios-18-1-and-18-2-update-what-is-special-who-will-get-this-update/">iOS 18.1 और 18.2 अपडेट: क्या है खास, किसे- किसे मिलेगा यह अपडेट</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। एप्पल अपने iPhone यूजर्स के लिए लगातार अपडेट्स लेकर आता रहता है, ताकि उनके डिवाइस में न सिर्फ नई सुविधाएं जोड़ी जा सकें, बल्कि सुरक्षा और प्रदर्शन में भी सुधार हो सके। इस बार iOS 18.1 अपडेट को भारतीय यूजर्स के लिए 28 अक्टूबर 2024 से रोलआउट करने की योजना है। इसके साथ ही, इसके अगले संस्करण, यानी iOS 18.2 के बारे में भी कई नई जानकारियाँ सामने आई हैं, जो दिसंबर 2024 में जारी किया जा सकता है।</p>
<p><strong>iOS 18.1 और iOS 18.2 की रिलीज़ डेट</strong></p>
<p>iOS 18.1 अपडेट को 28 अक्टूबर 2024 से भारतीय यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। इसके तुरंत बाद, iOS 18.2 के बीटा टेस्टिंग की शुरुआत की जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अपडेट दिसंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक पब्लिक के लिए जारी हो सकता है। एप्पल के पिछले अपडेट्स की टाइमलाइन को देखें, तो यह रिलीज़ शेड्यूल काफी सटीक लगता है। पिछले कुछ वर्षों में एप्पल ने लगभग इसी अवधि में अपने अपडेट्स जारी किए हैं:</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">iOS 17.2: 11 दिसंबर 2023</span></strong><br />
<strong><span style="color: #993300;">(पहला बीटा 26 अक्टूबर को जारी हुआ)</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #993300;">iOS 16.2: 13 दिसंबर 2022</span></strong><br />
<strong><span style="color: #993300;">(पहला बीटा 27 अक्टूबर को जारी हुआ)</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #993300;">iOS 15.2: 13 दिसंबर 2021</span></strong><br />
<strong><span style="color: #993300;">(पहला बीटा 27 अक्टूबर को जारी हुआ)</span></strong></p>
<p>यह स्पष्ट है कि एप्पल का बीटा टेस्टिंग और फाइनल रिलीज़ शेड्यूल दिसंबर महीने के आसपास ही होता है, और इस बार भी iOS 18.2 इसी समय सीमा में जारी किया जाएगा।</p>
<p><strong>iOS 18.1 के प्रमुख फीचर्स</strong></p>
<p>iOS 18.1 में कई नए और उन्नत फीचर्स होंगे, जो न केवल नए iPhone 16 यूजर्स बल्कि पुराने iPhone मॉडल्स के लिए भी उपलब्ध होंगे। इस अपडेट में मुख्य रूप से एप्पल इंटेलिजेंस (Apple Intelligence) फीचर्स की भरमार होगी, जो यूजर्स के अनुभव को और भी स्मार्ट और सुगम बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। iOS 18.1 में निम्नलिखित फीचर्स की उम्मीद की जा रही है:</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">1. इमेज प्लेग्राउंड (Image Playground)</span></strong></p>
<p>iOS 18.1 में एक नया फीचर &#8216;इमेज प्लेग्राउंड&#8217; जोड़ा जाएगा, जो यूजर्स को अपने फोटो और वीडियो को बेहतर ढंग से संपादित करने और उन्हें व्यवस्थित करने की सुविधा देगा। यह फीचर उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी साबित होगा जो अपने iPhone का इस्तेमाल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए करते हैं।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>2. जेनोमजी (Genomji)</strong></span></p>
<p>जेनोमजी एक नया इमोजी फीचर है, जिसमें इमोजी को जीनोमिक तत्वों के साथ जोड़ा जाएगा। यह फीचर iMessage और अन्य मैसेजिंग प्लेटफार्म्स पर चैटिंग को और मजेदार बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">3. प्रायोरिटी नोटिफिकेशन</span></strong></p>
<p>इस फीचर के साथ, यूजर्स को अपने नोटिफिकेशन स्टैक में प्रायोरिटी नोटिफिकेशन दिखेंगे। यह फीचर विशेष रूप से उन महत्वपूर्ण सूचनाओं को हाइलाइट करने में मदद करेगा, जिन्हें यूजर्स को सबसे पहले देखना चाहिए। इस प्रकार की सूचनाएं स्टैक के टॉप पर दिखाई देंगी, जिससे कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिस न हो।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>4. मेल ऐप रीडिजाइन</strong></span></p>
<p>iOS 18.1 में एप्पल के मेल ऐप का नया डिज़ाइन भी देखने को मिलेगा। इस अपडेट में &#8216;डाइजेस्ट व्यू&#8217; नाम का एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिससे यूजर्स अपने मेल्स को अधिक सटीक और संगठित तरीके से देख सकेंगे। इस फीचर को एप्पल के जून में आयोजित WWDC इवेंट में पेश किया गया था।</p>
<p><strong>iOS 18.2: क्या नई चीजें आएंगी?</strong></p>
<p>iOS 18.2 के बारे में भी अब तक कई जानकारी सामने आई हैं। बीटा वर्जन की टेस्टिंग दिसंबर में शुरू हो सकती है और इस अपडेट में एप्पल इंटेलिजेंस के और भी एडवांस फीचर्स मिलेंगे। इस अपडेट के कुछ प्रमुख फीचर्स निम्नलिखित हैं:</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">1. मेमोरी मूवी (Memory Movie)</span></strong></p>
<p>यह फीचर आपकी तस्वीरों और वीडियो से खुद-ब-खुद छोटी-छोटी मूवीज तैयार करेगा, जिसे आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा, जो अपने यादगार पलों को एक क्रिएटिव और दिलचस्प तरीके से कैद करना चाहते हैं।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>2. इनबॉक्स रिडिजाइन (Inbox Redesign)</strong></span></p>
<p>iOS 18.2 में इनबॉक्स का नया डिज़ाइन भी देखने को मिलेगा, जिससे मेल्स और सूचनाओं को प्रबंधित करना और भी आसान हो जाएगा।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>3. प्राकृतिक भाषा अनुवाद (Natural Language Translation)</strong></span></p>
<p>इस फीचर के माध्यम से आप किसी भी भाषा को तुरंत अपनी मातृभाषा में ट्रांसलेट कर सकेंगे। यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा जो विदेश यात्रा करते हैं या किसी दूसरी भाषा में बातचीत करते हैं।</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">4. होम ऐप में रोबोट वैक्यूम सपोर्ट</span></strong></p>
<p>iOS 18.2 में एप्पल ने अपने होम ऐप में रोबोट वैक्यूम क्लीनर सपोर्ट जोड़ने की भी योजना बनाई है। यह फीचर स्मार्ट होम डिवाइसेज के साथ बेहतर इंटीग्रेशन की सुविधा देगा, जिससे यूजर्स अपने वैक्यूम क्लीनर्स को होम ऐप से ही कंट्रोल कर सकेंगे।</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">5. एयरपॉड्स प्रो 2 के लिए नया हियरिंग हेल्थ फीचर</span></strong></p>
<p>iOS 18.2 में एयरपॉड्स प्रो 2 यूजर्स के लिए हियरिंग हेल्थ फीचर भी जोड़ा जाएगा। इस फीचर के माध्यम से यूजर्स अपने हियरिंग हेल्थ को मॉनिटर कर सकेंगे और इसे बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त कर सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जो लंबे समय तक हेडफोन का उपयोग करते हैं।</p>
<p><strong>iOS 18.2 अपडेट की खास बातें</strong></p>
<p><strong><span style="color: #993300;">1. एप्पल इंटेलिजेंस में अपग्रेड</span></strong></p>
<p>iOS 18.1 की तरह, iOS 18.2 में भी एप्पल इंटेलिजेंस फीचर्स की भरमार होगी। इसके माध्यम से यूजर्स को AI-संचालित फीचर्स का अनुभव मिलेगा, जो उनके डिवाइस को और भी स्मार्ट और उपयोगी बनाएंगे। एप्पल इंटेलिजेंस का मकसद यह है कि डिवाइस यूजर्स की आदतों को पहचानकर उनके अनुभव को बेहतर बना सके।</p>
<p><strong><span style="color: #993300;">2. चैटGPT इंटीग्रेशन</span></strong></p>
<p>iOS 18.2 में एक और बड़ा फीचर है चैटGPT इंटीग्रेशन। यह फीचर एप्पल के मैसेजिंग ऐप में एम्बेडेड होगा, जिससे यूजर्स चैटिंग के दौरान सीधे AI-संचालित चैटबॉट्स से मदद ले सकेंगे। चैटGPT इंटीग्रेशन से यूजर्स को उनके सवालों का तुरंत जवाब मिलेगा, चाहे वह किसी टेक्स्ट मैसेज का उत्तर हो या फिर किसी सामान्य जानकारी की जरूरत।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>3. एपल म्यूजिक और मैप्स में अपग्रेड्स</strong></span></p>
<p>iOS 18.2 में एप्पल म्यूजिक और मैप्स ऐप्स में भी कई सुधार और नए फीचर्स जोड़े जाएंगे। म्यूजिक ऐप में बेहतर सर्च और प्लेलिस्ट फंक्शनालिटी मिलेगी, जबकि मैप्स ऐप में ट्रैफिक और लाइव लोकेशन शेयरिंग के नए विकल्प जोड़े जाएंगे।</p>
<p><strong>iOS 18.2 के लिए एक्सपेक्टेशन</strong></p>
<p>iOS 18.2 के बारे में अभी तक सभी जानकारी सामने नहीं आई हैं, लेकिन एप्पल की पिछली अपडेट्स के आधार पर, हम यह उम्मीद कर सकते हैं कि इसमें और भी कई ऐसे फीचर्स शामिल होंगे जो यूजर्स के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे।</p>
<p>iOS 18.1 और 18.2 अपडेट्स एप्पल यूजर्स के लिए नए और उन्नत फीचर्स लेकर आ रहे हैं। इन अपडेट्स के माध्यम से न केवल नए iPhone मॉडल्स के यूजर्स बल्कि पुराने मॉडल्स के यूजर्स भी अपनी डिवाइस को और स्मार्ट और उपयोगी बना सकेंगे। एप्पल इंटेलिजेंस, प्रायोरिटी नोटिफिकेशन, चैटGPT इंटीग्रेशन और होम ऐप में सुधार जैसी सुविधाएं इन अपडेट्स को खास बनाती हैं।</p>
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		<title>दिवाली से पहले घरेलू हवाई यात्रा किराये में 25 प्रतिशत तक की गिरावट</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/domestic-air-fares-drop-by-up-to-25-ahead-of-diwali/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2024 00:50:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Air fare]]></category>
		<category><![CDATA[Airlines]]></category>
		<category><![CDATA[Diwali sale]]></category>
		<category><![CDATA[Domestic air fares drop by up to 25% ahead of Diwali]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। इस वर्ष दिवाली के दौरान हवाई यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/domestic-air-fares-drop-by-up-to-25-ahead-of-diwali/">दिवाली से पहले घरेलू हवाई यात्रा किराये में 25 प्रतिशत तक की गिरावट</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। इस वर्ष दिवाली के दौरान हवाई यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। पिछले साल की तुलना में इस बार घरेलू उड़ानों पर हवाई टिकट के किरायों में 20-25 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है। इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण देश में उड़ान क्षमता में वृद्धि और तेल की कीमतों में आई कमी मानी जा रही है। कई प्रमुख घरेलू रूट्स पर इस गिरावट से यात्रियों को राहत मिली है, जो त्योहारी सीजन के दौरान यात्रा की योजना बना रहे हैं।</p>
<p><strong>ट्रैवल पोर्टल ixigo का विश्लेषण</strong></p>
<p>ट्रैवल पोर्टल ixigo द्वारा किए गए एक हालिया विश्लेषण से पता चला है कि इस वर्ष अक्टूबर के अंत और नवंबर के पहले सप्ताह के बीच की अवधि में हवाई टिकट की कीमतों में काफी गिरावट आई है। ixigo ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 30 दिनों के अग्रिम खरीद तिथि के आधार पर, प्रमुख घरेलू मार्गों पर एकतरफा औसत हवाई किरायों में 20-25 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। 2023 में यह अवधि 10 से 16 नवंबर के बीच थी, जबकि इस वर्ष यह 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच है, जो दिवाली के आस-पास का समय है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ानों की क्षमता में वृद्धि और तेल की कीमतों में हाल ही में आई गिरावट को हवाई टिकट के किरायों में कमी के मुख्य कारणों में से एक माना जा रहा है। पिछले साल, गो फर्स्ट एयरलाइन के निलंबन और सीमित क्षमता के कारण दिवाली के दौरान हवाई किरायों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई थी। लेकिन इस साल स्थितियां काफी अलग हैं।</p>
<p><strong>प्रमुख रूट्स पर किरायों में गिरावट</strong></p>
<p>ixigo के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष हवाई किरायों में सबसे अधिक गिरावट बेंगलुरु-कोलकाता उड़ान के लिए दर्ज की गई है। इस मार्ग पर पिछले साल के 10,195 रुपये के मुकाबले इस साल औसत हवाई किराया घटकर 6,319 रुपये हो गया है, जो कि 38 प्रतिशत की कमी है। चेन्नई-कोलकाता रूट पर भी टिकट की कीमत में 36 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जहां किराया 8,725 रुपये से घटकर 5,604 रुपये हो गया है। इसी प्रकार, मुंबई-दिल्ली उड़ान के लिए औसत हवाई किराया भी 34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,788 रुपये से घटकर 5,762 रुपये पर आ गया है।</p>
<p>दिल्ली-उदयपुर मार्ग पर भी किरायों में 34 प्रतिशत की कमी देखी गई है। यह किराया पिछले साल के 11,296 रुपये से घटकर 7,469 रुपये हो गया है। दिल्ली-कोलकाता, हैदराबाद-दिल्ली और दिल्ली-श्रीनगर मार्गों पर भी औसतन 32 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>तेल की कीमतों में गिरावट का असर</strong></p>
<p>हवाई किरायों में कमी के पीछे दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट है। इस साल तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे हवाई यात्रा पर पड़ने वाला लागत प्रभाव कम हुआ है और इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिला है। हवाई यात्रा की लागत में ईंधन की कीमतों का महत्वपूर्ण योगदान होता है, और जब तेल की कीमतों में कमी आती है, तो एयरलाइंस इसे अपने किरायों में परिलक्षित करती हैं।</p>
<p>हालांकि, ixigo के विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के चलते तेल की कीमतें फिर से ऊपर की ओर बढ़ रही हैं, जिसका असर हवाई किरायों पर भी पड़ सकता है। कुछ मार्गों पर जहां यात्रियों की मांग अधिक है और उड़ानों की संख्या सीमित है, वहां हवाई किरायों में वृद्धि भी देखी गई है।</p>
<p><strong>कुछ मार्गों पर किरायों में वृद्धि</strong></p>
<p>कई प्रमुख घरेलू मार्गों पर हवाई किरायों में कमी दर्ज की गई है, वहीं कुछ मार्ग ऐसे भी हैं जहां हवाई टिकट की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। अहमदाबाद-दिल्ली मार्ग पर हवाई टिकट की कीमत 34 प्रतिशत बढ़कर 6,533 रुपये से 8,758 रुपये हो गई है। इसी तरह, मुंबई-देहरादून मार्ग पर किरायों में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह 11,710 रुपये से बढ़कर 15,527 रुपये हो गया है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के रूट्स पर किरायों में वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ती मांग है। त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या में वृद्धि होती है, और जब किसी मार्ग पर सीमित उड़ानें होती हैं, तो एयरलाइंस उन रूट्स पर किरायों में वृद्धि कर देती हैं।</p>
<p><strong>बढ़ी हुई क्षमता से यात्रियों को राहत</strong></p>
<p>इस साल हवाई किरायों में गिरावट का एक और प्रमुख कारण उड़ानों की क्षमता में वृद्धि है। पिछले साल गो फर्स्ट एयरलाइन के निलंबन और अन्य एयरलाइंस द्वारा सीमित उड़ानों के चलते हवाई किरायों में भारी उछाल आया था। लेकिन इस साल एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाई है, जिससे प्रमुख घरेलू मार्गों पर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिला है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस ने इस साल पहले ही बड़ी संख्या में अतिरिक्त उड़ानें शुरू कर दी हैं, ताकि त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इससे न केवल यात्रियों को सस्ते विकल्प मिल रहे हैं, बल्कि एयरलाइंस को भी अपने विमानों की उच्चतम क्षमता तक पहुंचने में मदद मिल रही है।</p>
<p><strong>हवाई यात्रा की मांग में वृद्धि</strong></p>
<p>दिवाली और अन्य त्योहारी सीजन के दौरान हवाई यात्रा की मांग में हर साल वृद्धि होती है। इस दौरान लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करते हैं, जिससे हवाई टिकटों की मांग बढ़ जाती है। हालांकि, इस साल किरायों में कमी के चलते यात्रियों के लिए हवाई यात्रा अधिक किफायती हो गई है।</p>
<p>ixigo के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में घरेलू हवाई यात्राओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेष रूप से त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होता है, और इस साल हवाई किरायों में गिरावट से यह संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।</p>
<p><strong>छोटे शहरों के यात्रियों को अधिक लाभ</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई किरायों में आई इस गिरावट का सबसे अधिक लाभ छोटे शहरों के यात्रियों को होगा। छोटे शहरों से बड़े मेट्रो शहरों तक की उड़ानों की कीमतें अक्सर अधिक होती हैं, और ऐसे में हवाई किरायों में कमी से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो त्योहारों के दौरान अपने घर जाना चाहते हैं।</p>
<p>हालांकि, वर्तमान में हवाई किरायों में कमी देखी जा रही है, लेकिन भविष्य में तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण स्थिति बदल सकती है। अगर तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ेगा और किरायों में वृद्धि हो सकती है।</p>
<p>विशेषज्ञ का मानना है कि यदि तेल की कीमतों में वृद्धि होती है, तो एयरलाइंस अपने किरायों में फिर से बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसके अलावा, अगर यात्रियों की मांग में अत्यधिक वृद्धि होती है और उड़ानों की संख्या सीमित रहती है, तो कुछ मार्गों पर किरायों में उछाल आ सकता है।</p>
<p><strong>यात्री क्या कर सकते हैं?</strong></p>
<p>त्योहारी सीजन के दौरान सस्ते हवाई टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को अग्रिम योजना बनाने की सलाह दी जाती है। ixigo के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि अग्रिम बुकिंग करने वाले यात्रियों को सामान्य तौर पर सस्ते किरायों का लाभ मिलता है। इसलिए, अगर यात्री अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लेते हैं और 30 दिनों के भीतर टिकट बुक करते हैं, तो वे सस्ते विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p>इसके अलावा, यात्रियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुछ प्रमुख रूट्स पर मांग अधिक होने के कारण किरायों में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में समय पर बुकिंग करना महत्वपूर्ण है ताकि अंतिम समय में ज्यादा खर्च न करना पड़े।</p>
<p><strong>प्रभात भारत विशेष</strong></p>
<p>इस साल दिवाली के दौरान हवाई यात्रा सस्ती हो गई है, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। तेल की कीमतों में गिरावट और उड़ानों की बढ़ी हुई क्षमता ने हवाई किरायों को नियंत्रित रखा है। प्रमुख घरेलू मार्गों पर 20-25 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे त्योहार के दौरान यात्रियों को सस्ते हवाई टिकट मिल रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, कुछ रूट्स पर बढ़ती मांग के चलते किरायों में वृद्धि भी देखी जा रही है। भविष्य में तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर हवाई किरायों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।</p>
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		<title>भारत सरकार ने सीसीटीवी को लेकर बनाए नए नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Oct 2024 03:04:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Cctv]]></category>
		<category><![CDATA[Dahua]]></category>
		<category><![CDATA[Hikvision]]></category>
		<category><![CDATA[Indian government]]></category>
		<category><![CDATA[Indian government made new rules regarding CCTV]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नए नियमों से हिकविजन और दहुआ के सीसीटीवी कैमरे भारत में नहीं होंगे प्रयोग  नई दिल्ली 1 अक्टूबर।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/indian-government-made-new-rules-regarding-cctv/">भारत सरकार ने सीसीटीवी को लेकर बनाए नए नियम</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>नए नियमों से हिकविजन और दहुआ के सीसीटीवी कैमरे भारत में नहीं होंगे प्रयोग </strong></p>
<p>नई दिल्ली 1 अक्टूबर। सरकार कथित तौर पर देश में चीन निर्मित निगरानी उपकरणों के उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए तैयार है। सरकार निगरानी बाजार में स्थानीय विक्रेताओं के पक्ष में दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए तैयार है। पेजर विस्फोटों के मद्देनजर, सरकार आपूर्ति श्रृंखला के कुछ घटकों या भागों की महत्वपूर्ण सोर्सिंग पर बारीकी से नजर रखेगी। &#8220;सरकार की निगरानी कैमरों पर नीति 8 अक्टूबर को लागू होने की संभावना है, जो प्रभावी रूप से बाजार से चीनी खिलाड़ियों को खत्म कर देगी, जिससे भारतीय कंपनियों को फायदा होगा। जबकि राजपत्र अधिसूचनाएँ इस वर्ष मार्च और अप्रैल में जारी की गई थीं, सूत्रों ने बताया कि सरकार ने लेबनान विस्फोटों के मद्देनजर इसके कार्यान्वयन में तेज़ी लाई है और सुरक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। सरकार सीसीटीवी कैमरों पर दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन को तेज़ करने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align: center;"><strong> चीनी कंपनियाँ जिन पर सरकार के नए नियमों का होगा असर</strong></p>
<p> वर्तमान में, सीपी प्लस, हिकविजन और दहुआ भारत में 60% से अधिक बाजार को नियंत्रित करते हैं और उन्हें अपने निगरानी पोर्टफोलियो में स्थानीयकरण सामग्री को बेहतर बनाने और आरएंडडी पर दोगुना जोर देने के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाना होगा, जबकि सीपी प्लस एक भारतीय कंपनी है जबकि हिकविजन और दहुआ चीनी कंपनी हैं। नवंबर 2022 में, संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार ने संघीय संचार आयोग (FCC) के माध्यम से, &#8220;राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य जोखिम&#8221; के कारण हिकविजन और दहुआ से उपकरणों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। चीनी सीसीटीवी कंपनियों को अमेरिका में प्रतिबंधित कर दिया गया एफसीसी ने कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया क्योंकि चिंता थी कि उनके उपकरणों का इस्तेमाल चीन द्वारा अमेरिका पर जासूसी करने के लिए किया जा सकता है। जानकार लोगों ने यह भी कहा कि हाल ही में, भारत सरकार ने भी हिकविजन और दहुआ के उपकरणों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन के सीसीटीवी उपकरण निविदाओं को खारिज कर दिया है और बॉश जैसे यूरोपीय कंपनी को प्राथमिकता दे रहा है। उल्लेखनीय रूप से, यह अनुमान लगाया गया है कि बॉश अपने चीनी समकक्षों की तुलना में लगभग 7-10 गुना अधिक महंगा है। भारत सरकार चाहती है कि सीसीटीवी केवल &#8216;विश्वसनीय स्थानों&#8217; से ही हों। &#8216;सीसीटीवी पर जोर पेजर विस्फोटों से पहले से है।&#8217; &#8216;सुरक्षा प्रमाणन पर दिशा-निर्देश मार्च में जारी किए गए थे और अक्टूबर में लागू होंगे। यह विस्फोटों के बारे में कम और सीसीटीवी कैमरों से डेटा लीक होने की संभावना के बारे में अधिक है, जो संवेदनशील स्थानों पर स्थापित किए जाते हैं और लोगों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केवल विश्वसनीय स्थानों से ही कैमरे का उपयोग किया जाए।&#8221;</p>
<p style="text-align: center;"><strong> विश्वसनीय स्थान क्या हैं? </strong></p>
<p>&#8220;विश्वसनीय स्थान&#8221; वह होगा जहाँ भारत सरकार को पूरी विनिर्माण श्रृंखला पर नज़र रखने की सुविधा होगी और उसे पूरा विश्वास होगा कि उपकरणों में कोई बैकडोर नहीं है जो डेटा लीक या निकाल सकता है। हालाँकि &#8220;रिप एंड रिप्लेस&#8221; नीति अभी विचाराधीन नहीं है, लेकिन भविष्य में यह एक संभावना बनी हुई है। मार्च और अप्रैल में जारी किए गए दो अलग-अलग राजपत्र अधिसूचनाओं में से एक निगरानी कैमरों के लिए &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; दिशा-निर्देशों पर केंद्रित थी, जबकि दूसरी सीसीटीवी प्रमाणन के मानदंडों को संबोधित करती थी। सरकार के आदेशों ने भारत में निगरानी प्रणालियों की खरीद में बदलाव की नींव रखी और निगरानी बाजार में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।</p>
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		<title>त्वैश मिश्रा को मिला रामनाथ गोयनका अवार्ड</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/twash-mishra-received-ramnath-goenka-award/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Mar 2024 14:58:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[Reporter]]></category>
		<category><![CDATA[Today viral]]></category>
		<category><![CDATA[Twesh Mishra]]></category>
		<category><![CDATA[Washindra mishra]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ गोयनका अवार्ड]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। बड़ी खबर आ रही है दिल्ली से जहां पर द इकोनॉमिक्स टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार त्वैश</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/twash-mishra-received-ramnath-goenka-award/">त्वैश मिश्रा को मिला रामनाथ गोयनका अवार्ड</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली। बड़ी खबर आ रही है दिल्ली से जहां पर द इकोनॉमिक्स टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार त्वैश मिश्रा को रामनाथ गोयनका अवार्ड से सम्मानित किया गया है उनको यह सम्मान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा प्रदान किया गया है आपको बता दें कि त्वैश मिश्रा काफी दिनों से द इकोनॉमिक्स टाइम्स के लिए काम कर रहे हैं त्वैश मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार वसीन्द्र मिश्रा के पुत्र हैं त्वैश की इस उपलब्धि से उनके परिवारजनों और मित्रों में खुशी है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-2500" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome-252x300.jpg" alt="" width="252" height="300" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome-252x300.jpg 252w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome-861x1024.jpg 861w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome-768x914.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome-1024x1218.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2024/03/Screenshot_20240319_200452_Chrome.jpg 1080w" sizes="(max-width: 252px) 100vw, 252px" /></p>
<p>त्वैश की स्टोरी जिसमें उन्होंने &#8220;रसिया और यूक्रेन वार के कारण भारतीय रेलवे के द्वारा चाइना की बनी हुई पहिया इंपोर्ट की थी&#8221; का वर्णन किया था और इसी स्टोरी को इस अवार्ड के लिए चुना गया।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/twash-mishra-received-ramnath-goenka-award/">त्वैश मिश्रा को मिला रामनाथ गोयनका अवार्ड</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<item>
		<title>एसडीएम सदर बनाए गए कुलदीप सिंह, दो नायब तहसीलदारों के कार्य क्षेत्र में भी फेरबदल।</title>
		<link>https://www.prabhatbharat.com/kuldeep-singh-made-sdm-sadar/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Feb 2023 13:34:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गोंडा (अतुल यादव)&#8211; जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार ने शासकीय कार्यहित एवं जनहित में दो उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/kuldeep-singh-made-sdm-sadar/">एसडीएम सदर बनाए गए कुलदीप सिंह, दो नायब तहसीलदारों के कार्य क्षेत्र में भी फेरबदल।</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गोंडा (अतुल यादव)</strong>&#8211; जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार ने शासकीय कार्यहित एवं जनहित में दो उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए नई तैनाती दी है। दरअसल उप जिलाधिकारी सदर रहे विनोद कुमार सिंह को एसडीएम सदर के पद से हटा करके अपर उपजिलाधिकारी प्रथम बनाया गया है। तो वहीं अपर उपजिलाधिकारी प्रथम गोंडा रहे कुलदीप सिंह को एसडीएम सदर बनाया गया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-2388 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0009-300x162.jpg" alt="" width="300" height="162" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0009-300x162.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0009-1024x554.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0009-768x415.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0009.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>तरबगंज एसडीएम रहते हुए कुलदीप सिंह ने कई भू- माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। साथी ही पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर इनके द्वारा त्वरित निस्तारण करने को लेकर के राजस्व विभाग के अधिकारियों को कड़ा निर्देश भी दिया जाता है। ताकि कोई भी फरियादी अपनी उसी शिकायत को लेकर दोबारा तहसील न आए और उसको इंसाफ मिल सके।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-2387 aligncenter" src="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0008-300x203.jpg" alt="" width="300" height="203" srcset="https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0008-300x203.jpg 300w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0008-1024x692.jpg 1024w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0008-768x519.jpg 768w, https://www.prabhatbharat.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230206-WA0008.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>वही दो नायब तहसीलदारों के कार्य क्षेत्रों में फेरबदल करते हुए नई तैनाती दी है। नायब तहसीलदार मनकापुर रहे जयशंकर सिंह को नायब तहसीलदार कर्नलगंज बनाया गया है। नायब तहसीलदार कर्नलगंज रहे अनीश सिंह को नायब तहसीलदार मनकापुर बनाया गया है।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/kuldeep-singh-made-sdm-sadar/">एसडीएम सदर बनाए गए कुलदीप सिंह, दो नायब तहसीलदारों के कार्य क्षेत्र में भी फेरबदल।</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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		<title>डीएम ने किया अंडर-16 राज्य स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारम्भ,टीम अयोध्या के सतीश को मिला मैन आफ द मैच का पुरस्कार।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रभात भारत]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Feb 2023 12:04:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>यूपीसीए से सम्बद्धता के बाद गोंडा में बढेंगे रोजगार के अवसर- मो. फहीम गोंडा&#8211; जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>यूपीसीए से सम्बद्धता के बाद गोंडा में बढेंगे रोजगार के अवसर- मो. फहीम</p>
<p><strong>गोंडा</strong>&#8211; जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार ने गुरुवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (सम्बद्ध बीसीसीआई) के निर्देशन में गोंडा क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) द्वारा कराए जा रहे अन्डर-16 राज्य स्तरीय टूर्नामेंट (गोंडा चैंलेंज कप-2023) का शुभारम्भ किया। इस मौके पर अपने सम्बोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि यूपीसीए के निर्देशन में गोंडा की सरजमी पर आज से शुरू होने वाला यह टूर्नामेंट जिले के क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस आयोजन में जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने मैच की शुरुआत करते हुए बल्लेबाजी की तथा एक ओवर खेलकर नाट आउट रहे। इससे पूर्व डीएम ने स्टेडियम पर विजेता ट्राफी का अनावरण किया। पीएसी के बैण्ड वादकों ने डीएम का स्वागत करते हुए राष्ट्र गान की धुन बजाई। जिलाधिकारी ने सभी खिलाड़ियों को खेल मैदान पर राष्ट्र के गौरव को बढाने के उद्देश्य से सच्ची क्रीड़ा भावना से खेलने, खेल के मैदान अथवा उसके बाहर भी सदैव धूम्रपान का वहिष्कार करने और राष्ट्र की एकता व अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का शपथ दिलाया। यूपीसीए के पदाधिकारियों की उपस्थिति में डीएम ने टास उछाला, जिस पर बहराइच के कैप्टन ने पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। इस मौके पर यूपीसीए के उपाध्यक्ष मो. फहीम ने कहा कि यूपीसीए से सम्बद्धता के बाद न केवल गोंडा के वर्तमान क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त होगा, अपितु 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पुराने क्रिकेट खिलाड़ियों को भी बीसीसीआई से प्रशिक्षण दिलाकर स्कोरर, अम्पायर, क्यूरेटर आदि के रूप में रोजगार का मौका मिल सकेगा।</p>
<p>अयोध्या ने बहराइच को किया परास्त</p>
<p>प्रतियोगिता के पहले दिन बहराइच एवं अयोध्या के मध्य खेला गया, जिसमें बहराइच के कप्तान ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए कार्तिकेय के 29, मार्कण्डेय के 26, नारायण के 19 रनों की मदद से कुल 133 रन जुटाए। अयोध्या की तरफ से सतीश ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मात्र 11 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। रहबर खान को दो, रवि और अभिषेक को एक-एक विकेट प्राप्त हुआ। 134 रन का पीछा करते हुए टीम अयोध्या की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उन्होंने अपने पांच विकेट मात्र 44 रनों पर खो दिए थे, लेकिन पुनीत और शत्रुंजय (छठवें) विकेट के लिए शानदार 80 रनां की साझेदारी द्वारा मैच को अपनी तरफ मोड़ दिया। पुनीत के 42 रन पर आउट होने के बाद मात्र एक रन में फैज़ाबाद टीम के तीन विकेट गिर जाने से मैच एक बार फिर रोमांचक हो गया। लेकिन शत्रुंजय ने बहुत ही जिम्मेदारी के साथ नाबाद 42 रन बना कर अपनी टीम को जीत दिला दी। बहराइच की तरफ से आकाश, मयंक, तुषार और कृष्ण ने दो-दो विकेट हासिल किए। शानदार पांच विकेट हासिल करने वाले सतीश को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। फैज़ाबाद टीम के कप्तान विश्वजीत मिश्र ने आगे आने वाले मैच में और अच्छा प्रदर्शन करने का वायदा किया है।</p>
<p>हिन्दी और अंग्रेजी में हो रही कमेंट्री</p>
<p>मैच के दौरान हिन्दी तथा अंग्रेजी में कमेन्ट्री क्रमशः अतीउर्रहमान और शैलेन्द्र मणि ने की। यूपीसीए से आए रोहित यादव और आरिफ रजा ने अम्पायरिंग की जिम्मेदारी का निर्वहन किया। बीसीसीआई के स्कोरर विकास पाण्डेय ने अपनी जिम्मेदारी का सम्यक निर्वहन किया। इस मौके पर यूपी महिला क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन इशरत महमूद, फैजाबाद क्रिकेट एसोसिएशन अयोध्या के सचिव व जोनल प्रमुख उमैर अहमद, एससीपीएम गु्रप के चेयरमैन डा. ओएन पाण्डेय, प्रबंध निदेशक श्रीमती अलका पाण्डेय, आरबी राव मेमोरियल हास्पिटल के चेयरमैन डा. डीके राव, लखीमपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अभिषेक शुक्ला, पूर्व क्रीडाधिकारी अतीकुर्रहमान अंसारी, फिरोज अहमद, राजीव कुमार, मो. अख्तर, विजय कृष्ण पाण्डेय, आफताब आलम, अरशद हुसैन, संजय, जावेद, केके मिश्रा, शहनवाज हुसैन आदि मौजूद रहे। प्रथम दिवस का मैच श्रीराम पब्लिक स्कूल की तरफ से स्पांसर किया गया था। विद्यालय के प्रबंधक रवि रस्तोगी ने मैन आफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया। जीसीए के पदाधिकारियों महेन्द्र सिंह छाबड़ा, प्रदीप मिश्रा, अजिताभ दुबे, विवेक लोहिया, दिनेश मिश्रा, जानकी शरण द्विवेदी आदि ने अतिथियों को बैज लगाकर, बुके भेंटकर तथा उत्तरीय पहनाकर स्वागत किया।</p>
<p>जीसीए के जनसम्पर्क अधिकारी जानकी शरण द्विवेदी ने बताया कि मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को अलग-अलग खेल मैदानों पर दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर जिला क्रिकेट एसोसिएशन अयोध्या व जिला क्रिकेट एसोसिएशन जालौन के बीच खेला जाएगा, जबकि दूसरा मैच रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइंस के ख्ेल मैदान पर जिला क्रिकेट एसोसिएशन बहराइच व क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के मध्य खेला जाएगा। यह दोनों मैच पूर्वान्ह 10 बजे से शुरू होंगे।</p>
<p>The post <a href="https://www.prabhatbharat.com/dm-inaugurated-the-under-16-state-level-cricket-tournament/">डीएम ने किया अंडर-16 राज्य स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारम्भ,टीम अयोध्या के सतीश को मिला मैन आफ द मैच का पुरस्कार।</a> appeared first on <a href="https://www.prabhatbharat.com">Prabhat Bharat</a>.</p>
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