गोण्डा, 28 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बुधवार को जनपद गोण्डा के परसपुर क्षेत्र स्थित भाव्या पैराडाइज मिझौरा में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन न सिर्फ सामाजिक समरसता का संदेश देता नजर आया, बल्कि गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की संवेदनशील सोच का भी सशक्त उदाहरण बना। पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, गरिमामय और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों, नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों से कुल 166 जोड़े पंजीकृत थे। इनमें से 148 जोड़ों का विवाह विधि-विधान और सामाजिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न कराया गया। खास बात यह रही कि सामाजिक और धार्मिक विविधता का सम्मान करते हुए 02 जोड़ों का निकाह इस्लामिक पद्धति से मौलवी साहिबे आलम द्वारा कराया गया। आयोजन स्थल पर अलग-अलग विवाह मंडपों में मंत्रोच्चार, शहनाई और पारंपरिक रस्मों का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। सामूहिक विवाह समारोह में बावन सिंह, अजय सिंह, अनुसूचित जाति आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य अनीता गौतम, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, उपजिलाधिकारी करनैलगंज नेहा मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय उपाध्याय तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने विवाह मंडपों में पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद, सफल व समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी जोड़े को कोई असुविधा न हो।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सम्मानजनक तरीके से विवाह की सुविधा उपलब्ध कराना है। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा है कि किसी भी गरीब की बेटी का विवाह आर्थिक अभाव के कारण न रुके, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म की क्यों न हो।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा ₹60,000 प्रति जोड़ा की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से निर्धारित धनराशि सीधे वर-वधू के संयुक्त बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि उन्हें वैवाहिक जीवन की शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके।
उपहार सामग्री से मिली गृहस्थी को मजबूती
सरकारी सहायता के साथ-साथ नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। इसमें चांदी की पायल और बिछिया, स्टील का डिनर सेट, पांच लीटर का प्रेशर कुकर, कन्या के लिए दो जोड़े वस्त्र, वर के लिए एक जोड़ा वस्त्र, दीवार घड़ी, सौंदर्य प्रसाधन किट सहित गृहस्थी से जुड़ी कई उपयोगी वस्तुएं शामिल रहीं। इन उपहारों को पाकर नवदंपतियों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

